सड़क पर सुरक्षित सफर हो या महिलाओं की सुरक्षा, जागरूकता ही किसी बड़े खतरे से बचाव का पहला कदम है। इसी उद्देश्य के साथ गौतमबुद्धनगर पुलिस ने मिशन शक्ति अभियान 6.0 के तहत दादरी क्षेत्र के मिहिर भोज इंटर कॉलेज में NCC कैडेट्स के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को हुए इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को यातायात प्रबंधन, सड़क सुरक्षा और महिलाओं एवं बालिकाओं के अधिकारों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
सड़क पर चलते समय यातायात नियमों की अनदेखी कई बार दुर्घटनाओं का कारण बन जाती है। वहीं, महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए जागरूकता के साथ सही जानकारी होना भी जरूरी है। इन्हीं उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए गौतमबुद्धनगर पुलिस ने मिशन शक्ति अभियान 6.0 के अंतर्गत दादरी क्षेत्र के मिहिर भोज इंटर कॉलेज में NCC कैडेट्स के साथ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं को सुरक्षित यातायात व्यवस्था और महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में हुआ आयोजन
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट में पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में मिशन शक्ति अभियान 6.0 के तहत महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में थाना दादरी क्षेत्र के मिहिर भोज इंटर कॉलेज में NCC कैडेट्स को यातायात प्रबंधन, यातायात संचालन और सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति जागरूक किया गया।
यह कार्यक्रम डीसीपी महिला सुरक्षा श्रीमती सुनीति के पर्यवेक्षण और एडीसीपी महिला सुरक्षा श्रीमती मनीषा सिंह के नेतृत्व में आयोजित हुआ। इसमें यातायात निरीक्षक, स्थानीय पुलिस और संबंधित विभागों ने समन्वय के साथ भागीदारी की। कार्यक्रम में करीब 50 छात्र-छात्राओं और शिक्षकगणों ने हिस्सा लिया।

हेलमेट और सीट बेल्ट के इस्तेमाल पर जोर
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को बताया गया कि यातायात नियम केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की जिंदगी सुरक्षित रखने के लिए बनाए गए हैं। सड़क पर थोड़ी-सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए वाहन चलाते समय सावधानी बरतना और नियमों का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
NCC कैडेट्स को हेलमेट और सीट बेल्ट के इस्तेमाल, यातायात संकेतों की पहचान और सड़क सुरक्षा के जरूरी नियमों की जानकारी दी गई। उन्हें समझाया गया कि सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वालों और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं को भी नियमों के प्रति सजग रहना चाहिए।
युवाओं को यह संदेश भी दिया गया कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। जागरूक नागरिकों की भागीदारी से सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिल सकती है।
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा पर भी जागरूकता
मिशन शक्ति अभियान 6.0 के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में महिला सुरक्षा को भी प्रमुखता दी गई। छात्र-छात्राओं को महिलाओं एवं बालिकाओं के अधिकारों, उनकी सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर उपलब्ध आपातकालीन सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को यह समझाना रहा कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज की सहभागिता भी महत्वपूर्ण है। किसी महिला या बालिका को सहायता की जरूरत होने पर संवेदनशीलता के साथ सहयोग करना और उचित सहायता माध्यमों की जानकारी रखना जरूरी है।
पुलिस की ओर से इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को सुरक्षा संबंधी विषयों पर जागरूक करने और उन्हें जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका समझाने का प्रयास किया जा रहा है।
सुरक्षित समाज के लिए जनभागीदारी जरूरी
गौतमबुद्धनगर पुलिस के अनुसार, मिशन शक्ति अभियान 6.0 के अंतर्गत महिला सुरक्षा, यातायात जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता से जुड़े कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं में सुरक्षा का भाव मजबूत करना और युवाओं को सुरक्षित तथा सुगम यातायात व्यवस्था में सहभागी बनाना है।
दादरी के मिहिर भोज इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम इसी दिशा में एक पहल है। हालांकि, जागरूकता कार्यक्रमों की वास्तविक सफलता तभी सुनिश्चित होगी, जब यातायात नियमों का पालन और महिलाओं के प्रति सम्मान रोजमर्रा के व्यवहार का हिस्सा बने। पुलिस और आमजन के बीच सहयोग से ही सुरक्षित सड़कें और अधिक जागरूक समाज बनाने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
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