बरेली पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रहरियों के मानदेय में 40 प्रतिशत वृद्धि और उनके परिवारों के लिए सालाना ₹5 लाख तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा की घोषणा की। उन्होंने कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, वन्यजीवों के खतरे और भू-माफिया की गतिविधियों पर भी सतर्क रहने की अपील की।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों को आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं देने की बड़ी घोषणा की है। बरेली पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों का मासिक मानदेय ₹2,500 से बढ़ाकर ₹3,500 करने का ऐलान किया।
इसके साथ ही उन्होंने ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को सालाना ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाने की बात कही। सरकार के इस फैसले से ग्राम प्रहरियों को सालाना ₹12,000 की अतिरिक्त आय हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों की सुरक्षा व्यवस्था में ग्राम प्रहरियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और उनकी समय पर दी गई सूचना किसी बड़ी अनहोनी को रोक सकती है।
40 प्रतिशत बढ़ा मानदेय, अब हर महीने मिलेंगे ₹3,500
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रहरियों के मानदेय में एकमुश्त ₹1,000 की बढ़ोतरी की घोषणा की। इसके बाद उनका मासिक मानदेय ₹2,500 से बढ़कर ₹3,500 हो जाएगा। इस तरह प्रत्येक ग्राम प्रहरी को सालाना ₹42,000 मानदेय मिलेगा, जो पहले ₹30,000 था।
ग्राम प्रहरियों के मानदेय में इससे पहले वर्ष 2019 में वृद्धि की गई थी। उस समय ₹1,500 से बढ़ाकर ₹2,500 प्रतिमाह किया गया था। अब नई बढ़ोतरी के बाद उनकी आय में सालाना ₹12,000 का इजाफा होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस के साथ होमगार्ड, पीआरडी जवानों और ग्राम प्रहरियों को भी सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए सुविधाएं और सम्मान दिया जाना चाहिए।

ग्राम प्रहरी गांव में सीसीटीवी की तरह करें काम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रहरियों की भूमिका को गांव में लगे सीसीटीवी कैमरे के समान बताया। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी अपने आसपास की गतिविधियों पर नजर रखें और किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी समय पर पुलिस तक पहुंचाएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्राम प्रहरियों को खुद किसी से उलझने या कानून अपने हाथ में लेने की जरूरत नहीं है। उनका मुख्य दायित्व गांव में सजग रहना, विश्वसनीय सूचनाएं एकत्र करना और जरूरत पड़ने पर थानाध्यक्ष या क्षेत्र के दरोगा को जानकारी देना है। सूचना पूरी तरह पुष्ट न होने पर भी यदि कोई संदिग्ध बात सामने आती है, तो पुलिस को बताया जा सकता है, ताकि उसकी जांच की जा सके।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि थानाध्यक्ष या क्षेत्र का दरोगा सप्ताह में कम से कम एक दिन ग्राम प्रहरियों के साथ बैठक करे। इन बैठकों के माध्यम से गांव की समस्याओं, सुरक्षा संबंधी चिंताओं और संदिग्ध गतिविधियों पर चर्चा कर उचित कदम उठाए जाएं।
वन्यजीवों के खतरे, अफवाहों और भू-माफिया पर नजर
मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों से अपील की कि वे केवल सामान्य अपराधों ही नहीं, बल्कि गांवों में पैदा होने वाले अन्य खतरों को लेकर भी सतर्क रहें। उन्होंने बरसात के मौसम में फैलने वाली अफवाहों, वन्यजीवों की गतिविधियों और भू-माफिया से जुड़ी आशंकाओं का उल्लेख किया।

उन्होंने पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जैसे जिलों में वन्यजीवों से जुड़े खतरों की ओर ध्यान दिलाया। बहराइच में बरसात के दौरान लकड़बग्घों के हमलों की घटनाओं और बिजनौर में 40 से अधिक तेंदुओं को रेस्क्यू किए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि समय पर सूचना मिलने से ग्रामीणों को संभावित खतरे से बचाने में मदद मिल सकती है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, ग्राम प्रहरी की एक सूचना बड़ी दुर्घटना को टाल सकती है। इसलिए ग्रामीणों को जागरूक करने और प्रशासन तक समय पर जानकारी पहुंचाने में उनकी भूमिका अहम है।
खाली पदों पर नियुक्ति और नियमित संवाद के निर्देश
मुख्यमंत्री ने गृह विभाग को निर्देश दिया कि जहां ग्राम प्रहरियों के पद खाली हैं, वहां स्थानीय व्यवस्था के तहत नियुक्ति की जाए। उन्होंने पुलिस और ग्राम प्रहरियों के बीच नियमित संवाद स्थापित करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 57,600 से अधिक ग्राम पंचायतें और लगभग 1.05 लाख राजस्व गांव हैं। इतने बड़े ग्रामीण क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर सतर्कता और प्रशासन के साथ समन्वय जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने संवाद को लोकतांत्रिक व्यवस्था की बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि समस्याओं का समाधान केवल हस्तक्षेप से नहीं, बल्कि बातचीत और समन्वय से भी निकाला जाना चाहिए।
ग्राम प्रहरियों और परिवार को ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों के कल्याण से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठा रही है।

इस व्यवस्था के तहत ग्राम प्रहरी या उनके परिवार का कोई सदस्य बीमार होने पर निर्धारित स्वास्थ्य कवर के अंतर्गत इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकेगा। हालांकि, इस सुविधा के लागू होने की तारीख, पात्रता और अन्य नियमों का विस्तृत विवरण अलग से स्पष्ट किया जाना होगा।
मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों को अपनी जिम्मेदारी के प्रति सजग रहने की अपील करते हुए कहा कि मजबूत नींव पर ही विकास की इमारत खड़ी होती है। गांवों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है।
2017 से पहले की कानून-व्यवस्था पर विपक्ष को घेरा
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से पहले की सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय सत्ता में बैठे लोग लूट-खसोट में शामिल थे और पुलिस कई मामलों में मौन रह जाती थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में अपराधियों के मन में कानून का भय है और लोग बेखौफ होकर पर्व-त्योहार मनाते हैं। उन्होंने शारदीय नवरात्रि के दौरान मंदिरों में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ को सुरक्षित माहौल का उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि लूट, चेन स्नेचिंग और महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कानून-व्यवस्था में सुधार से प्रदेश की छवि बदली है और लोगों का भरोसा बढ़ा है।
अब उपद्रव नहीं, उत्सव मनाता है उत्तर प्रदेश
शारदीय नवरात्रि की तृतीया तिथि पर मां चंद्रघंटा को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मां भगवती का स्वरूप बुराई और अराजकता के विरुद्ध शक्ति का प्रतीक है।
उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले त्योहारों के दौरान अशांति की आशंका बनी रहती थी, जबकि अब प्रदेश में लोग सुरक्षित माहौल में धार्मिक आयोजन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हजारों स्थानों पर स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं और पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की मौजूदगी सुरक्षा व्यवस्था में आए बदलाव को दर्शाती है।

उन्होंने यह भी कहा कि पहले उत्तर प्रदेश के लोगों को दूसरे राज्यों में अपनी पहचान को लेकर असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब प्रदेश की छवि बदली है। उनके अनुसार, बेहतर सुरक्षा माहौल से व्यापार, निवेश और रोजगार के अवसरों को प्रोत्साहन मिला है।
11 ग्राम प्रहरियों को किया सम्मानित
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 ग्राम प्रहरियों को मंच पर साफा पहनाकर और गिफ्ट हैम्पर देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में बरेली के फरीदपुर से राजवीर सिंह, सिरौली से कुंवर पाल सिंह, बहेड़ी से राम राठौर, पीलीभीत के सुनगढ़ी से राजेंद्र बाल्मीकि, शाहजहांपुर के पुवायां से कमलेश, मुरादाबाद के कांठ से कमलेश सिंह सैनी, बिजनौर की शहर कोतवाली से राजेश सैनी, संभल के हजरतनगर गढ़ी से अनिल बाल्मीकि, रामपुर के टांडा से ध्यान सिंह चौहान, शाहबाद से प्रकाश और अमरोहा के नौगावां सादात से तेजपाल प्रजापति शामिल रहे।
समारोह के दौरान ग्राम प्रहरियों के योगदान पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।
कार्यक्रम में कई मंत्री और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस अवसर पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, बरेली के प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर, पर्यावरण एवं वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, मंत्री संजय गंगवार, सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, राज्यसभा सांसद श्रुति गंगवार, बरेली के मेयर डॉ. उमेश गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, विधान परिषद सदस्य बहोरन लाल मौर्य और कुंवर महाराज सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा विधायक संजीव अग्रवाल, डॉ. राघवेंद्र शर्मा, डॉ. डीसी वर्मा और डॉ. एमपी आर्य, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद तथा प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मानदेय वृद्धि को मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता का प्रमाण बताया। वहीं, कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था का उल्लेख करते हुए आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार बनने का दावा किया।
ग्राम सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
मुख्यमंत्री की घोषणाओं में ग्राम प्रहरियों के मानदेय में बढ़ोतरी, परिवार के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा, खाली पदों पर नियुक्ति और पुलिस के साथ नियमित संवाद प्रमुख रहे। अब इन घोषणाओं के क्रियान्वयन और कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा से जुड़े नियमों पर नजर रहेगी। गांवों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ग्राम प्रहरियों की सक्रियता के साथ-साथ पुलिस और प्रशासन की जवाबदेही भी महत्वपूर्ण होगी।
COMMENTS