मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष को भारत के लिए चिंता का विषय बताते हुए उन्होंने दो भारतीय नाविकों की मौत और एक के लापता होने की जानकारी भी दी।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। राज्यसभा में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते घटनाक्रमों पर लगातार नजर रख रहे हैं और सरकार के विभिन्न मंत्रालय इस स्थिति पर समन्वय के साथ काम कर रहे हैं।
विदेश मंत्री ने संसद को जानकारी देते हुए कहा कि भारत ने पहले ही 20 फरवरी को एक आधिकारिक बयान जारी कर इस संघर्ष पर चिंता व्यक्त की थी और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि भारत अब भी मानता है कि इस संकट का समाधान केवल संवाद और कूटनीति के जरिए ही संभव है।
भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय
जयशंकर ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ता संघर्ष भारत के लिए बेहद चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र भारत के लिए रणनीतिक, आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में करीब एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं। इसके अलावा ईरान में भी हजारों भारतीय छात्र और पेशेवर मौजूद हैं।
विदेश मंत्री ने कहा कि ऐसे हालात में क्षेत्र की स्थिरता भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर की आशंका
जयशंकर ने यह भी बताया कि पश्चिम एशिया भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने वाला एक प्रमुख क्षेत्र है।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में तेल और गैस के कई बड़े आपूर्तिकर्ता देश मौजूद हैं। अगर संघर्ष और बढ़ता है तो इससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की अस्थिरता ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर गंभीर असर डाल सकती है।

संघर्ष लगातार फैल रहा
विदेश मंत्री ने संसद को बताया कि क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति लगातार बिगड़ रही है। संघर्ष धीरे-धीरे अन्य देशों तक भी फैल रहा है और इससे विनाश और अस्थिरता बढ़ती जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस स्थिति का सीधा असर आम लोगों के जीवन और दैनिक गतिविधियों पर पड़ रहा है।
दो भारतीय नाविकों की मौत
जयशंकर ने दुख जताते हुए बताया कि इस संघर्ष के बीच दो भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि ये नाविक एक व्यापारिक जहाज पर काम कर रहे थे।
विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि इस घटना में एक भारतीय अभी भी लापता है, जिसकी तलाश जारी है।
तेहरान में फंसे छात्रों की मदद
विदेश मंत्री ने बताया कि ईरान की राजधानी तेहरान में फंसे भारतीय छात्रों की मदद के लिए भारतीय दूतावास लगातार सक्रिय है।
उन्होंने कहा कि दूतावास ने कई छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और देश से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
जयशंकर के अनुसार भारतीय छात्रों को आर्मेनिया के रास्ते सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था की गई, ताकि वे सुरक्षित भारत लौट सकें।
हाई अलर्ट पर भारतीय दूतावास
विदेश मंत्री ने बताया कि ईरान में स्थित भारतीय दूतावास पूरी तरह हाई अलर्ट मोड में काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार वहां मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।
उन्होंने संसद को भरोसा दिलाया कि भारतीय समुदाय की सुरक्षा और सहायता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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