दिल्ली में CJP कार्यकर्ताओं ने निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर कथित हमले को लेकर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर प्रदर्शन किया। आरोपी ने सेल्फ डिफेंस का दावा किया, जबकि दिल्ली पुलिस ने चोटों को मामूली बताया।
दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर शुक्रवार को CJP कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर कथित हमले के मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। विवाद के बीच आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के एक पॉडकास्ट में दिए कथित कबूलनामे को लेकर मामला गरमाया, हालांकि बाद में आरोपी ने इसे सेल्फ डिफेंस बताया। दिल्ली पुलिस ने सिर में क्रैक और जानलेवा हमले के दावों को खारिज करते हुए चोटों को मामूली बताया है।
दिल्ली में एक बार फिर सड़क से लेकर पुलिस मुख्यालय तक एक मामला राजनीतिक और सामाजिक विवाद का रूप लेता दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर CJP के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे। उनके हाथों में न्याय की मांग से जुड़े संदेश थे और सवाल एक ही था—निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर कथित हमला करने वाले के खिलाफ कार्रवाई कब होगी?
मामला सिर्फ एक कथित मारपीट तक सीमित नहीं रहा। एक तरफ CJP कार्यकर्ता पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगा रहे हैं, दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर सामने आए आरोपों का फैक्ट-चेक जारी किया है। वहीं, जिस युवक पर हमले का आरोप है, उसने अपने बयान को अलग संदर्भ में पेश किए जाने का दावा करते हुए इसे सेल्फ डिफेंस बताया है।
पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर जुटे CJP कार्यकर्ता
शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के कार्यकर्ता पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे। प्रदर्शन का नेतृत्व CJP नेता सौरव दास समेत कई कार्यकर्ताओं ने किया।
प्रदर्शनकारी निशु आजाद और उनके पिता संजय कुमार के लिए न्याय की मांग कर रहे थे। CJP का आरोप है कि संजय कुमार पर स्वतंत्र भारद्वाज नाम के युवक ने हमला किया था, लेकिन पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की।
इसी मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया और मामले में कार्रवाई की मांग उठाई।
इस बीच निशु आजाद, चंद्रशेखर आजाद, सौरव दास और आशुतोष रांका DCP कार्यालय भी पहुंचे। यानी मामला अब थाने के बाहर प्रदर्शन से आगे बढ़कर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंच चुका है।
आखिर क्या है पूरा विवाद?
यह विवाद उस समय दोबारा सुर्खियों में आया जब संजय कुमार पर कथित हमले को लेकर आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट सामने आया।
बताया गया कि पॉडकास्ट में स्वतंत्र भारद्वाज ने संजय कुमार पर हमला करने की बात स्वीकार की थी। उसके बयान के मुताबिक, हमला करने के बाद भी उसे जेल नहीं जाना पड़ा क्योंकि राजनीतिक लोगों से उसकी पहचान थी।
इसी बयान को लेकर CJP ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज कर दी।
हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने बयान को लेकर सफाई दी। उसका कहना है कि उसने जो कुछ किया, वह सेल्फ डिफेंस में किया था और पॉडकास्ट में कही गई बातों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
यानी एक तरफ हमले को लेकर गंभीर आरोप हैं, तो दूसरी तरफ आरोपी इसे आत्मरक्षा की कार्रवाई बता रहा है।
निशु ने राहुल गांधी से भी मांगी थी मदद
इस मामले में CJP कार्यकर्ता निशु आजाद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी मदद की अपील की थी। निशु ने एक वीडियो पोस्ट कर अपने मामले में सहायता की मांग की थी।
इसके बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए निशु को मदद का भरोसा दिया।
राहुल गांधी ने अपने संदेश में निशु के साथ खड़े होने की बात कही और आरोप लगाया कि उन्हें उनके समुदाय और छात्रों के अधिकारों की आवाज उठाने के कारण निशाना बनाया गया।
उन्होंने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर भी सवाल उठाए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि एक तरफ छात्रों के साथ पुलिस का व्यवहार कठोर है, जबकि दूसरी तरफ निशु के पिता पर हमला करने वाला व्यक्ति खुलेआम घूम रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से भी सवाल किया कि आरोपी को कथित राजनीतिक संरक्षण क्यों मिल रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि न्याय मिलने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
अब सामने आया दिल्ली पुलिस का फैक्ट-चेक
मामले में सबसे अहम मोड़ दिल्ली पुलिस के बयान से आया।
संजय कुमार पर जानलेवा हमले और सिर में गंभीर चोट के दावों के बीच दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैक्ट-चेक जारी किया।
पुलिस के मुताबिक, संजय कुमार को लगी चोटें मामूली थीं। पुलिस ने कहा कि RML अस्पताल के डॉक्टरों ने भी चोटों को मामूली बताया था।
दिल्ली पुलिस के अनुसार संजय कुमार के सिर पर चोटें हाथ में पहने जाने वाले कड़े से लगी थीं, किसी हथियार से नहीं।
सिर में क्रैक की बात को पुलिस ने बताया बेबुनियाद
मामले का सबसे विवादित दावा संजय कुमार की खोपड़ी में क्रैक होने को लेकर था।
दिल्ली पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि सिर में क्रैक होने की जानकारी तथ्यों और MLC से मेल नहीं खाती। पुलिस ने इसे पूरी तरह बेबुनियाद बताया।
इस तरह मामले में सामने आ रहे आरोपों और पुलिस के आधिकारिक बयान के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।
जहां प्रदर्शनकारी पक्ष हमले को गंभीर बताते हुए कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं पुलिस का कहना है कि मेडिकल जांच में चोटें मामूली पाई गईं।
आरोपी और दूसरे व्यक्ति से पूछताछ, चार्जशीट की तैयारी
दिल्ली पुलिस के मुताबिक मामले में आरोपी सूरज कुमार और स्वतंत्र भारद्वाज से पूछताछ की जा चुकी है।
पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और जल्द ही इस मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
साथ ही पुलिस ने उन आरोपों को भी खारिज किया है जिनमें कहा जा रहा था कि मामले में किसी राजनीतिक व्यक्ति के दखल के कारण कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस ने ऐसे दावों को तथ्यात्मक रूप से गलत और बेबुनियाद बताया है।
अब आगे क्या?
फिलहाल इस पूरे मामले में तीन अलग-अलग दावे सामने हैं।
CJP कार्यकर्ताओं का कहना है कि निशु आजाद के पिता पर गंभीर हमला हुआ और आरोपी के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई।
आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज का कहना है कि उसने जो किया, वह सेल्फ डिफेंस में किया था और उसके पॉडकास्ट बयान को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है।
वहीं दिल्ली पुलिस मेडिकल रिपोर्ट और जांच का हवाला देते हुए चोटों को मामूली बता रही है और चार्जशीट जल्द दाखिल करने की बात कह रही है।
ऐसे में अब सबकी नजर पुलिस की आगे की कार्रवाई और चार्जशीट पर है। यही तय करेगा कि इस पूरे विवाद में जांच किस निष्कर्ष तक पहुंचती है और हमले को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की कानूनी तस्वीर क्या बनती है।
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