कर्नाटक की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की कमान संभाल ली है। जी. परमेश्वर को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है, जबकि नई कैबिनेट के 12 अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली। सत्ता परिवर्तन के साथ अब सबकी नजरें नई सरकार की प्राथमिकताओं और चुनौतियों पर टिकी हैं।
कर्नाटक की राजनीति में बुधवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और संगठन के सबसे प्रभावशाली चेहरों में गिने जाने वाले डीके शिवकुमार ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। बेंगलुरु स्थित लोक भवन के प्रतिष्ठित ग्लास हाउस में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल Thawar Chand Gehlot ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस शपथ ग्रहण के साथ ही कर्नाटक में सत्ता का एक नया अध्याय शुरू हो गया है। लंबे समय से मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल रहे डीके शिवकुमार का राजनीतिक सपना आखिरकार पूरा हो गया। कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और कठिन परिस्थितियों में पार्टी को संभालने के कारण उन्हें दक्षिण भारत में कांग्रेस का ‘संकटमोचक’ भी माना जाता है।
समारोह में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष Mallikarjun Kharge, लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi, संगठन महासचिव K. C. Venugopal सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री Siddaramaiah ने भी डीके शिवकुमार का स्वागत कर सत्ता हस्तांतरण की औपचारिकता पूरी की।

जी. परमेश्वर को मिली उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री पद की शपथ के तुरंत बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता G. Parameshwara ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उन्हें प्रशासनिक अनुभव और संगठन में उनकी भूमिका को देखते हुए यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डीके शिवकुमार और जी. परमेश्वर की जोड़ी कांग्रेस के सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
14 सदस्यीय कैबिनेट ने ली शपथ
नई सरकार के गठन के साथ मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के अलावा कई वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। इनमें अनुभवी नेता K. H. Muniyappa प्रमुख हैं, जिन्हें मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।
78 वर्षीय मुनियप्पा दलित समाज का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। वे कोलार लोकसभा क्षेत्र से सात बार सांसद रह चुके हैं और केंद्र सरकार में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री का दायित्व भी निभा चुके हैं। हाल ही में वे देवनहल्ली विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए थे।
इसके अलावा जिन नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली उनमें शामिल हैं—
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K. J. George
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M. B. Patil
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Ramalinga Reddy
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Satish Jarkiholi
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Krishna Byre Gowda
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Priyank Kharge
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U. T. Khader
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Eshwar Khandre
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Yathindra Siddaramaiah
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Byrathi Suresh
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Sharan Prakash Patil
नई कैबिनेट में क्षेत्रीय, जातीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश साफ दिखाई दी।

सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद हुआ बदलाव
हाल ही में कांग्रेस आलाकमान के निर्देश पर Siddaramaiah ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने राज्य की कमान डीके शिवकुमार को सौंपने का फैसला किया।
कांग्रेस के भीतर लंबे समय से यह चर्चा चल रही थी कि सत्ता और संगठन के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए नेतृत्व परिवर्तन किया जा सकता है। आखिरकार पार्टी ने यह फैसला लागू कर दिया और डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया गया।
क्या होंगी नई सरकार की प्राथमिकताएं?
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद डीके शिवकुमार ने कहा कि राज्य की जनता ने उन पर जो भरोसा जताया है, उसे वे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके सामने कई चुनौतियां हैं, लेकिन सरकार विकास और सुशासन के एजेंडे पर आगे बढ़ेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में—
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सुशासन को मजबूत करना
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बुनियादी ढांचे का विस्तार
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निवेश आकर्षित करना
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रोजगार सृजन
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किसानों और युवाओं के लिए नई योजनाएं
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शहरी और ग्रामीण विकास में संतुलन
जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।
कांग्रेस के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
राजनीतिक जानकारों के अनुसार डीके शिवकुमार का मुख्यमंत्री बनना केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं बल्कि कांग्रेस की भविष्य की रणनीति का भी हिस्सा माना जा रहा है। संगठन पर मजबूत पकड़, कार्यकर्ताओं के बीच लोकप्रियता और चुनावी प्रबंधन की क्षमता के कारण पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नई सरकार अपने शुरुआती 100 दिनों में कौन-कौन से बड़े फैसले लेती है और जनता की अपेक्षाओं पर कितनी खरी उतरती है।
कर्नाटक की राजनीति में शुरू हुआ यह नया अध्याय न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि दक्षिण भारत में कांग्रेस की स्थिति को मजबूत करने में डीके शिवकुमार की भूमिका निर्णायक मानी जाती रही है।
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