दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली INDIA गठबंधन की विशाल रैली से पहले बारिश ने आयोजकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मैदान में जगह-जगह पानी और कीचड़ जमा है। राहुल गांधी ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए लोगों से रैली में शामिल होने की अपील की है। दिल्ली पुलिस ने सुबह 10 से शाम 5 बजे तक कार्यक्रम की सशर्त अनुमति देते हुए CCTV, भाषण, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं।
दिल्ली का ऐतिहासिक रामलीला मैदान एक बार फिर बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का गवाह बनने जा रहा है। 1 नवंबर को कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन की विशाल रैली आयोजित होने वाली है। इस रैली को लेकर विपक्षी दलों की तैयारियां तेज हैं और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचने की अपील की है। लेकिन रैली से ठीक पहले मौसम ने आयोजकों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। बारिश के चलते रामलीला मैदान में जगह-जगह पानी भर गया है और कीचड़ फैलने से आयोजन की तैयारियों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
एक तरफ विपक्ष इस रैली के जरिए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने की तैयारी में है, तो दूसरी तरफ बारिश, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर प्रशासन के सामने भी बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में सवाल है कि क्या बारिश के बीच रामलीला मैदान में प्रस्तावित महारैली की तैयारियां समय पर पूरी हो पाएंगी?
बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, मैदान में जगह-जगह पानी और कीचड़
दिल्ली में हुई बारिश का असर रामलीला मैदान में साफ दिखाई दे रहा है। मैदान के कई हिस्सों में पानी जमा होने और कीचड़ फैलने की स्थिति सामने आई है। 1 नवंबर को यहां बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में अगर बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रहता है, तो आयोजकों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
मैदान में मंच, बैठने की व्यवस्था, लोगों की आवाजाही और अन्य जरूरी इंतजामों को व्यवस्थित करना आयोजकों के लिए चुनौती बन सकता है। हालांकि, रैली को लेकर तैयारियां जारी हैं और आयोजन को सफल बनाने के लिए व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
राहुल गांधी की अपील- लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जुटें लोग
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर संदेश साझा कर लोगों से रामलीला मैदान में आयोजित होने वाले मार्च में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने इस आयोजन को लोकतंत्र बचाने, कथित वोट चोरी रोकने और देश के संविधान की रक्षा की लड़ाई बताया है।
राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी, अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का जिक्र करते हुए उन लोगों से भी रैली में आने का आह्वान किया है, जो उनके मुताबिक मौजूदा व्यवस्था से असंतुष्ट हैं और लोकतंत्र की रक्षा करना चाहते हैं।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह सिर्फ किसी एक पार्टी का प्रदर्शन नहीं, बल्कि देश का प्रोटेस्ट है। राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई और लाठियों को लेकर भी लोगों को आश्वस्त करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि पुलिस और लाठियों से डरने की जरूरत नहीं है और लोगों को बिना घबराए एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी ऐसी कोई हरकत करने की हिम्मत नहीं करेगी।
दिल्ली पुलिस की सशर्त मंजूरी, सुबह 10 से शाम 5 बजे तक होगी रैली
रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली INDIA ब्लॉक की रैली को दिल्ली पुलिस ने सशर्त अनुमति दी है। हालांकि, यह मंजूरी जमीन के मालिकाना हक वाली संबंधित अथॉरिटी की अनुमति पर भी निर्भर करेगी।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक ही आयोजित किया जा सकेगा। शाम 5 बजे तक रैली समाप्त करनी होगी और इसके बाद प्रतिभागियों को तुरंत मैदान से बाहर निकलना शुरू करना होगा। रैली से पहले या बाद में मैदान में रातभर रुकने की अनुमति नहीं होगी।
पुलिस ने यह भी साफ किया है कि निर्धारित शर्तों का उल्लंघन होने पर दी गई अनुमति वापस ली जा सकती है।
CCTV से लेकर भाषण तक, आयोजकों को माननी होंगी ये शर्तें
दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए आयोजकों को कई निर्देश दिए हैं।
CCTV निगरानी: प्रवेश और निकास द्वार, मंच, बैठने के स्थान और अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर हाई डेफिनिशन CCTV कैमरे लगाने होंगे। कम से कम पांच मॉनिटरिंग स्क्रीन वाला कंट्रोल रूम भी बनाना होगा।
मार्च पर प्रतिबंध: रामलीला मैदान के बाहर किसी भी स्थान पर मार्च निकालने की अनुमति नहीं होगी। आयोजकों को सुनिश्चित करना होगा कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहे।
भाषण के लिए दिशानिर्देश: किसी भी वक्ता को जाति, पंथ या रंग के आधार पर ऐसी टिप्पणी नहीं करनी होगी जिससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़े। यदि कोई वक्ता भड़काऊ या डराने वाला भाषण देता है, तो पब्लिक एड्रेस सिस्टम तुरंत बंद करना होगा और संबंधित वक्ता को मंच से हटाना होगा।
पार्किंग व्यवस्था: बस, कार, टेंपो और अन्य वाहनों को केवल ट्रैफिक पुलिस द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही पार्क करना होगा।
जनसुविधाएं: पर्याप्त पेयजल, महिलाओं के लिए अलग व्यवस्था सहित पर्याप्त शौचालय और लोगों की सहायता के लिए पहचान योग्य स्वयंसेवक उपलब्ध कराने होंगे।
इसके अलावा आयोजकों को आमंत्रित अतिथियों और स्वयंसेवकों की सूची, मिनट-दर-मिनट कार्यक्रम और बसों की जानकारी उनके रजिस्ट्रेशन नंबर सहित पुलिस को सौंपनी होगी। कार्यक्रम के दौरान तैनात पुलिसकर्मियों के साथ समन्वय और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन भी अनिवार्य होगा।
3,500 पुलिसकर्मी और 200 से ज्यादा CCTV कैमरों से होगी निगरानी
रैली में संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़े स्तर पर तैयारी की खबर है। जानकारी के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान करीब 3,500 पुलिसकर्मियों की तैनाती और 200 से अधिक CCTV कैमरों से निगरानी की व्यवस्था प्रस्तावित है।
भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित करने के लिए रामलीला मैदान और आसपास के क्षेत्र को 14 जोन में बांटने की योजना है। इसके साथ रिजर्व फोर्स और अतिरिक्त निगरानी के इंतजाम भी किए जाएंगे।
SIR के खिलाफ विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग
दरअसल, 1 नवंबर को होने वाली इस रैली को 'चलो दिल्ली रामलीला मार्च' नाम दिया गया है। यह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ विपक्ष के अभियान का हिस्सा है।
कांग्रेस और INDIA गठबंधन में शामिल अन्य दलों ने SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों की मांग है कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग जवाबदेही तय करे। इस मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से भी जवाब मांगा जा रहा है।
फिलहाल 1 नवंबर की रैली से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज है। अब सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि बारिश और कीचड़ के बीच आयोजक कितनी तेजी से व्यवस्थाएं दुरुस्त कर पाते हैं और रामलीला मैदान में विपक्ष का यह शक्ति प्रदर्शन किस तरह संपन्न होता है।
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