पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर दिल्ली भाजपा ने उपवन में श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर एकात्म मानववाद और अंत्योदय के विचारों को याद किया, 14 जिला कार्यालयों में भी कार्यक्रम हुए।
पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि को दिल्ली भाजपा ने ‘समर्पण दिवस’ के रूप में मनाते हुए पं. दीनदयाल उपाध्याय उपवन में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की। इसके साथ ही राजधानी के सभी 14 जिला कार्यालयों में स्मृति कार्यक्रम संपन्न हुए।

राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री श्री शिवप्रकाश ने स्मृति व्याख्यान में दीनदयाल जी के जीवन, संघर्ष और वैचारिक योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद जब पूंजीवाद, साम्यवाद और समाजवाद जैसे विचार उभर रहे थे, तब दीनदयाल जी ने “एकात्म मानववाद” का सिद्धांत दिया, जिसने भारत को ओजस्वी राष्ट्र बनाने की वैचारिक दिशा दी। 1965 के विजयवाड़ा अधिवेशन में अंत्योदय और एकात्म मानववाद को पार्टी की नीति के रूप में स्वीकार किया गया। उन्होंने कहा कि 1952-68 के बीच जनसंघ का राष्ट्रव्यापी ढांचा खड़ा हुआ और 1964 तक कांग्रेस के विकल्प के रूप में स्थापित होकर दिल्ली नगर निगम चुनाव में सत्ता प्राप्त की।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि भाजपा आज विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है तो उसके भगीरथ पं. दीनदयाल उपाध्याय थे। उन्होंने अंत्योदय के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का संदेश दिया, जिसकी झलक आज केंद्र सरकार की योजनाओं—उज्ज्वला, आयुष्मान, किसान सम्मान निधि और आत्मनिर्भर भारत—में दिखाई देती है।

कार्यक्रम में विजेन्द्र गुप्ता, मनोज तिवारी, योगेन्द्र चांदोलिया, आदेश गुप्ता, विष्णु मित्तल सहित अनेक विधायक, पदाधिकारी, निगम प्रतिनिधि व 14 जिलाध्यक्ष उपस्थित रहे।
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