देश के कई हिस्सों में मानसून की वापसी के बीच बारिश का दौर अभी थमा नहीं है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, सिक्किम समेत कई राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान का पूर्वानुमान जारी किया है। यूपी के कई हिस्सों में 25 और 26 सितंबर को तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है। वहीं ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में समुद्र की स्थिति को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है, लेकिन मौसम का मिजाज अभी भी कई राज्यों में बदला हुआ है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, विदर्भ, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में पिछले दिनों बारिश की गतिविधियां बनी रहीं।
अब मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने अगले कुछ दिनों के लिए भी कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रहने के संकेत दिए हैं। खास तौर पर पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
यूपी के लिए भी मौसम विभाग की चेतावनी महत्वपूर्ण है। IMD के शहरवार पूर्वानुमान में वाराणसी में 25 सितंबर को भारी बारिश के साथ बिजली और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। 26 सितंबर को भी गरज-चमक और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं का अनुमान है।
यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 25 और 26 सितंबर के दौरान उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और सिक्किम के कई इलाकों में बारिश हो सकती है।
इस दौरान कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। हवा की गति करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
बिहार की राजधानी पटना के लिए भी 25 सितंबर को गरज-चमक और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
इसके बाद 26 और 27 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
वहीं 27 और 28 सितंबर को उत्तराखंड में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। IMD के ताजा पूर्वानुमान में 26 सितंबर को उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में बेहद भारी बारिश की संभावना भी बताई गई है।
हिमाचल और मध्य भारत में भी बदलेगा मौसम
26 और 28 सितंबर के आसपास हिमाचल प्रदेश समेत पहाड़ी क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 25 से 27 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है।
छत्तीसगढ़ में 26 सितंबर को तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ जगहों पर यह 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है।
ऐसे में खुले इलाकों, कमजोर ढांचों और पेड़ों के आसपास लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
पूर्वोत्तर में भी आंधी और बिजली का खतरा
पूर्वोत्तर राज्यों में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है।
25 और 26 सितंबर को असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कहीं-कहीं गरज-चमक, आंधी और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।
इसके अलावा 26 सितंबर को केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और यनम में भारी बारिश की संभावना है।
दक्षिण भारत में बारिश का दौर इसके बाद भी जारी रह सकता है। केरल, माहे और लक्षद्वीप में 27 से 30 सितंबर, जबकि तटीय कर्नाटक में 26 से 29 सितंबर के दौरान बारिश होने का अनुमान है।
महाराष्ट्र में 60 KM प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा
मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के लिए भी मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है।
26 सितंबर को इन क्षेत्रों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
ऐसे मौसम में बिजली के खंभों, पेड़ों, होर्डिंग्स और कमजोर निर्माण वाले स्थानों से दूरी बनाए रखना जरूरी होगा।
समुद्र में जाने से बचें, तटीय इलाकों के लिए खास चेतावनी
सबसे महत्वपूर्ण चेतावनी समुद्री इलाकों के लिए है।
ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटों के आसपास समुद्र में हलचल रहने की संभावना है। IMD के फिशरमैन वार्निंग पोर्टल पर दक्षिण और उत्तर ओडिशा तथा उत्तर और दक्षिण आंध्र प्रदेश के लिए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों और दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश तथा यनम के तटीय इलाकों के पास 45-55 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा के झोंकों की गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
ऐसे हालात में मछुआरों और समुद्र के आसपास जाने वाले लोगों से मौसम साफ होने तक सावधानी बरतने की अपील की गई है।
दिल्ली-NCR पर भी नजर
मानसून की वापसी के बीच दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी मौसम में बदलाव की संभावना बनी हुई है। उपलब्ध IMD पूर्वानुमान के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में 26 सितंबर से बारिश की गतिविधि बढ़ सकती है।
यानी मानसून भले ही वापसी की राह पर है, लेकिन आने वाले कुछ दिन देश के कई हिस्सों में बारिश और आंधी-तूफान से राहत देने वाले नहीं दिख रहे।
फिलहाल लोगों को सलाह है कि स्थानीय मौसम चेतावनी पर नजर रखें, गरज-चमक के दौरान खुले मैदान या पेड़ों के नीचे जाने से बचें और तटीय इलाकों में प्रशासन तथा मौसम विभाग की सलाह का पालन करें।
क्योंकि मानसून की विदाई शुरू हो चुकी है, लेकिन बारिश का आखिरी दौर कई राज्यों में अभी बाकी है।
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