ग्रेटर नोएडा के जेवर थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई। करीब 35 यात्रियों से भरी बस कुछ ही देर में आग की लपटों में घिर गई। 9 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 20 से 25 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस ने ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर केस दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में एसी सिस्टम से चिंगारी या ब्लास्ट के बाद इंजन ऑयल में आग लगने की आशंका जताई गई है।
यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात कुछ ऐसा हुआ, जिसने सफर कर रहे यात्रियों की जिंदगी को कुछ ही मिनटों में मौत और जिंदगी की जंग में बदल दिया। चलती स्लीपर बस अचानक धुएं और आग की लपटों से घिर गई। बस में सवार यात्रियों को संभलने का ज्यादा मौका नहीं मिला। जिसने जैसे संभव हुआ, वैसे बाहर निकलने की कोशिश की। कई यात्रियों ने खिड़कियों से कूदकर जान बचाई, लेकिन नौ लोग इस भयावह हादसे में अपनी जिंदगी नहीं बचा सके।
हादसा जेवर थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे के करीब 33 किलोमीटर माइलस्टोन के पास, दयानतपुर गांव के आसपास हुआ। अधिकारियों के मुताबिक बस रात करीब साढ़े 11 बजे दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा की ओर जा रही थी। बस का रजिस्ट्रेशन नंबर BR32PA8647 बताया गया है और यह राज कल्पना ट्रैवल्स की बस थी। पुलिस के अनुसार बस में करीब 30 से 35 यात्री सवार थे।
पहले धुआं उठा, फिर देखते ही देखते भड़क उठी आग
पुलिस में दर्ज शिकायत और सामने आई शुरुआती जानकारी के अनुसार कुछ यात्रियों ने बस के ड्राइवर केबिन की ओर से जलने जैसी गंध और धुआं महसूस किया था। आरोप है कि यात्रियों ने ड्राइवर और कंडक्टर को इसकी जानकारी देकर बस रोकने और जांच करने को कहा। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कथित तौर पर बस तुरंत नहीं रोकी गई और चालक-कंडक्टर के धूम्रपान करने की बात भी सामने आई है। इसके कुछ ही देर बाद ड्राइवर की सीट के पास से आग की लपटें उठने लगीं और देखते ही देखते आग तेजी से पूरी बस में फैल गई। इन आरोपों की जांच पुलिस कर रही है।
यात्रियों के लिए सबसे भयावह स्थिति तब बनी, जब बस के अंदर धुआं भरने लगा। कई लोग घबराकर बाहर निकलने लगे। कुछ यात्रियों ने खिड़कियों से छलांग लगाई। एक यात्री ने बताया कि वह सो रहा था, तभी किसी ने उसे जगाकर बस में आग लगने की जानकारी दी। धुआं इतना ज्यादा था कि बाहर निकलना भी आसान नहीं था।
नौ लोगों की मौत, आग और दम घुटने से गई जान
मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार के अनुसार सूचना मिलते ही पुलिस, रेस्क्यू टीम और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। चार दमकल गाड़ियों और रेस्क्यू टीमों ने अभियान चलाकर करीब 20 से 25 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। आग बुझाने के बाद बस के अंदर नौ लोग मिले, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक मौत का कारण आग से हुए घाव और दम घुटना बताया गया है।
मृतकों में महिला, बुजुर्ग और एक दिव्यांग बच्चे के शामिल होने की भी रिपोर्ट सामने आई है। हादसे में घायल यात्रियों को कैलाश अस्पताल, जेवर में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी पुलिस की ओर से की जा रही है।
आग आखिर लगी कैसे? सामने आया शुरुआती कारण
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर चलती बस में आग इतनी तेजी से कैसे फैली। मुख्य अग्निशमन अधिकारी के मुताबिक प्रारंभिक जांच में बस के एयर-कंडीशनिंग सिस्टम में चिंगारी या ब्लास्ट के कारण इंजन के लुब्रिकेटिंग ऑयल में आग लगने की आशंका सामने आई है। हालांकि यह अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं है और आग के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
ड्राइवर और कंडक्टर गिरफ्तार, FIR दर्ज
इस मामले में पुलिस ने ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। जेवर थाने में केस दर्ज किया गया है और जांच आगे बढ़ रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि यात्रियों की ओर से कथित तौर पर जलने की गंध की सूचना दिए जाने के बाद बस रोकने में देरी हुई या नहीं और आग लगने से पहले बस में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
मुख्यमंत्री योगी ने लिया संज्ञान
हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार उन्होंने अधिकारियों को घायलों के उचित उपचार की व्यवस्था करने और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी मुख्यमंत्री ने की। बाद की रिपोर्टों के अनुसार मृतकों के परिवारों के लिए ₹2 लाख और घायलों के लिए ₹50 हजार की आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है।
फिलहाल यमुना एक्सप्रेसवे का वह हिस्सा उस भयावह रात की तस्वीर याद दिला रहा है, जब एक सफर अचानक चीख-पुकार में बदल गया। एक तरफ कई यात्रियों ने खिड़कियों से निकलकर जिंदगी बचा ली, दूसरी तरफ नौ परिवारों के लिए यह रात हमेशा के लिए एक ऐसी त्रासदी बन गई, जिसका दर्द लंबे समय तक साथ रहेगा। हादसे की पूरी सच्चाई अब पुलिस की जांच और सामने आने वाले अन्य तथ्यों पर निर्भर करेगी।
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