दिल्ली के यमुना किनारे स्थित O-जोन क्षेत्रों में रह रहे करीब 15 लाख लोगों के बीच बढ़ती चिंता के बीच भाजपा सांसद मनोज तिवारी और रामवीर सिंह बिधूड़ी ने बड़ा आश्वासन दिया है। दोनों नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार किसी भी पुराने गांव या नियमित कॉलोनी को टूटने नहीं देगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी स्पष्ट किया है कि पुरानी आबादी में किसी प्रकार की तोड़फोड़ नहीं की जाएगी।
यमुना किनारे बसे दिल्ली के गांवों और कॉलोनियों में पिछले कुछ दिनों से O-जोन को लेकर बढ़ी चिंता और असमंजस के बीच भाजपा ने बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक संदेश देने की कोशिश की है। दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और सांसदों ने स्पष्ट किया है कि भाजपा की केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और संगठन किसी भी पुराने गांव या पहले से नियमित हो चुकी कॉलोनी को टूटने नहीं देगा।
दिल्ली भाजपा कार्यालय में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद मनोज तिवारी और सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने O-जोन को लेकर फैली आशंकाओं पर विस्तार से अपनी बात रखी। इस दौरान दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर और कार्यालय प्रमुख बृजेश राय भी मौजूद रहे।
15 लाख लोगों की चिंता के बीच आया भाजपा का आश्वासन
O-जोन में शामिल क्षेत्रों में रहने वाले करीब 15 लाख लोगों के बीच हाल के दिनों में बेचैनी बढ़ गई थी। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेशों को लेकर लोगों में यह आशंका पैदा हो रही थी कि कहीं उनके घरों और बस्तियों पर कार्रवाई न हो जाए। इसी पृष्ठभूमि में भाजपा नेताओं ने जनता को भरोसा दिलाया कि किसी भी पुरानी आबादी को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।

सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने O-जोन को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई थी, जिसमें स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट किया गया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि O-जोन में आने वाले गांवों और 92 कॉलोनियों की पुरानी बसी हुई आबादी में किसी प्रकार की तोड़फोड़ की अनुमति नहीं दी जाएगी।
हालांकि उन्होंने लोगों से अपील की कि अंतिम निर्णय आने तक इन क्षेत्रों में कोई नया निर्माण कार्य न किया जाए।
बैठक में शामिल हुए कई वरिष्ठ अधिकारी
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में सांसद मनोज तिवारी, रामवीर सिंह बिधूड़ी और सांसद प्रवीण खंडेलवाल के अलावा यमुनापार विकास बोर्ड के अध्यक्ष एवं विधायक अरविंदर सिंह लवली भी शामिल हुए।
बैठक में दिल्ली के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, दिल्ली नगर निगम के आयुक्त संजीव खिरवार, डीडीए के कमिश्नर (प्लानिंग) और कमिश्नर (लैंड मैनेजमेंट) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में O-जोन से जुड़े कानूनी, तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
कैसे पैदा हुआ O-जोन विवाद?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रामवीर सिंह बिधूड़ी ने O-जोन विवाद का पूरा इतिहास भी सामने रखा। उन्होंने बताया कि जिन कॉलोनियों को लेकर आज विवाद खड़ा हुआ है, उन्हें 24 मार्च 2008 को नियमित किया जा चुका था। उस समय ये क्षेत्र O-जोन में नहीं बल्कि F-जोन के अंतर्गत आते थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि 10 अगस्त 2010 को तत्कालीन केंद्र और दिल्ली की कांग्रेस सरकारों ने इन क्षेत्रों को यमुना के O-जोन में शामिल कर दिया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया।
बिधूड़ी ने बताया कि विरोध के बाद 28 सितंबर 2013 को डीडीए ने इन क्षेत्रों को दोबारा O-जोन से F-जोन में लाने के लिए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया था। उस प्रस्ताव को तत्कालीन केंद्रीय शहरी विकास मंत्री की मंजूरी भी मिल चुकी थी, लेकिन आज तक अंतिम अधिसूचना जारी नहीं हो सकी।
विशेषज्ञ समिति ने भी दिया था सकारात्मक मत
रामवीर सिंह बिधूड़ी ने दावा किया कि इस पूरे मामले में सरकार की प्रिंसिपल कमेटी और डीडीए द्वारा भौतिक सीमांकन (फिजिकल डिमार्केशन) भी किया जा चुका है। साथ ही विशेषज्ञ समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा था कि ये गांव और कॉलोनियां यमुना नदी के प्राकृतिक बहाव या उसकी पर्यावरणीय गुणवत्ता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालती हैं।
उन्होंने कहा कि इन तथ्यों को केंद्र सरकार के सामने मजबूती से रखा जाएगा ताकि प्रभावित लोगों को न्याय मिल सके

मनोज तिवारी ने AAP पर साधा निशाना
सांसद मनोज तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आम आदमी पार्टी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज विपक्ष O-जोन के नाम पर लोगों को डराने का प्रयास कर रहा है, जबकि यह स्थिति पिछले 10 वर्षों में आम आदमी पार्टी सरकार की निष्क्रियता का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में गलत तरीके से O-जोन लागू हुआ है, वहां से इस त्रुटि को दूर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार के निर्णय के बाद O-जोन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बिजली के मीटर कनेक्शन मिलने शुरू हो गए हैं, जिससे वहां के निवासियों को बड़ी राहत मिली है।
अब केंद्रीय मंत्री से होगी निर्णायक मुलाकात
बैठक में यह भी तय किया गया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली के भाजपा सांसद जल्द ही केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात में उन्हें O-जोन से जुड़े सभी तथ्य और दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएंगे।
भाजपा नेताओं का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल एक है—यमुना किनारे बसे लगभग 15 लाख लोगों के हितों की रक्षा करना और वर्षों से चले आ रहे इस विवाद का स्थायी समाधान निकालना।
फिलहाल भाजपा के इस आश्वासन के बाद O-जोन क्षेत्र में रहने वाले लाखों लोगों को राहत की उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन सभी की नजरें अब केंद्र सरकार और आगामी फैसलों पर टिकी हुई हैं।
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