गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस की फेस-2 थाना टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सेक्टर-93 फुटओवर ब्रिज के पास से 45 किलो 100 ग्राम गांजे के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी पश्चिम बंगाल का निवासी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह खेप किसके लिए लाई गई थी और इसके पीछे कौन सा नेटवर्क सक्रिय है।
नोएडा में युवाओं को नशे के जाल में फंसाने वाले तस्करों के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी क्रम में थाना फेस-2 पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 45 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी कीमत अवैध बाजार में लाखों रुपये बताई जा रही है।
यह कार्रवाई न केवल एक तस्कर की गिरफ्तारी तक सीमित है, बल्कि इससे नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय संभावित नशा तस्करी नेटवर्क की परतें भी खुल सकती हैं। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह जानने का प्रयास कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा कहां से लाया गया था और इसकी सप्लाई किन लोगों तक की जानी थी।
गोपनीय सूचना बनी सफलता की कुंजी
पुलिस के अनुसार, 7 जून 2026 को थाना फेस-2 पुलिस को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना प्राप्त हुई थी कि एक व्यक्ति बड़ी मात्रा में गांजा लेकर नोएडा क्षेत्र में आने वाला है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने निगरानी शुरू की।
मैनुअल इंटेलिजेंस और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई जानकारी के आधार पर सेक्टर-93 फुटओवर ब्रिज के पास घेराबंदी की गई। जैसे ही संदिग्ध व्यक्ति वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके पास से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान
पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी की पहचान:
विश्वजीत मंडल पुत्र आनंद मंडल
निवासी: ग्राम गर्शमा नवाग्राम, जिला मुर्शीदाबाद, पश्चिम बंगाल
उम्र: लगभग 22 वर्ष
शैक्षिक योग्यता: कक्षा 6 तक शिक्षित
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी अपेक्षाकृत कम उम्र का है, लेकिन जिस मात्रा में उसके पास से गांजा बरामद हुआ है, उससे यह संभावना जताई जा रही है कि वह किसी बड़े तस्करी गिरोह के लिए काम कर रहा था।
45 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद
पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से कुल:
45 किलो 100 ग्राम गांजा
बरामद किया गया।
एनडीपीएस कानून के तहत यह मात्रा व्यावसायिक (Commercial Quantity) श्रेणी में आती है। ऐसे मामलों में कानून बेहद कठोर है और दोष सिद्ध होने पर आरोपी को लंबी अवधि की सजा का सामना करना पड़ सकता है।
कहां पहुंचनी थी नशे की खेप?
जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह गांजा किसके लिए लाया जा रहा था।
पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है—
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क्या यह खेप नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सप्लाई होनी थी?
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क्या आरोपी किसी अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह का सदस्य है?
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क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा है?
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क्या नशे की यह खेप कॉलेज छात्रों और युवाओं तक पहुंचाई जानी थी?
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इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं?
इन सभी पहलुओं को लेकर पुलिस गहन पूछताछ कर रही है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना फेस-2 में:
मु0अ0सं0 228/2026
धारा 8/20 NDPS Act
के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
एनडीपीएस एक्ट देश के सबसे कठोर कानूनों में से एक माना जाता है। व्यावसायिक मात्रा में मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान है।
नशे के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस का अभियान
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट पिछले कुछ समय से नशा तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है। लगातार की जा रही कार्रवाइयों में अवैध शराब, गांजा, चरस और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले आरोपियों पर शिकंजा कसा जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि नशा तस्करी केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं बल्कि सामाजिक चुनौती भी है। युवाओं को नशे से बचाने और अपराध पर नियंत्रण के लिए ऐसे नेटवर्क का पूरी तरह समाप्त होना आवश्यक है।
पश्चिम बंगाल कनेक्शन की जांच
चूंकि आरोपी पश्चिम बंगाल के मुर्शीदाबाद जिले का निवासी है, इसलिए पुलिस अब राज्य से जुड़े संभावित सप्लाई चैनल की भी जांच कर रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि—
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गांजा किस स्थान से खरीदा गया?
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किस माध्यम से नोएडा तक पहुंचाया गया?
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आरोपी को इसकी डिलीवरी का निर्देश किसने दिया?
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क्या पहले भी ऐसी खेप NCR में पहुंचाई गई थी?
इन सवालों के जवाब मिलने के बाद कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
समाज के लिए चेतावनी
विशेषज्ञों का मानना है कि नशा तस्करी केवल अपराध नहीं बल्कि सामाजिक विघटन का कारण भी बनती है। बड़ी मात्रा में गांजे की बरामदगी यह संकेत देती है कि तस्कर लगातार नए रास्ते और नए बाजार तलाश रहे हैं।
ऐसे में पुलिस की सतर्कता और आम नागरिकों का सहयोग दोनों आवश्यक हैं ताकि युवाओं को नशे के जाल से बचाया जा सके।सेक्टर-93 फुटओवर ब्रिज के पास 45 किलो 100 ग्राम गांजे के साथ हुई यह गिरफ्तारी नोएडा पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है। हालांकि असली चुनौती अब उस नेटवर्क तक पहुंचना है जो इस पूरे अवैध कारोबार को संचालित कर रहा है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होगा कि यह सिर्फ एक तस्कर की गिरफ्तारी है या फिर इसके पीछे एक बड़ा अंतरराज्यीय नशा सिंडिकेट सक्रिय है।
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