ग्रेटर नोएडा के दादरी क्षेत्र में खुद पर फायरिंग कराकर पड़ोसी को झूठे मुकदमे में फंसाने की कथित साजिश का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, मामले में शिकायतकर्ता हरेन्द्र नागर ने अपने पांच अन्य साथियों के साथ मिलकर योजना बनाई थी। इस मामले में उसके बेटे अभिषेक नागर, साले अतुल भाटी और भतीजे प्रतीक उर्फ कलुआ को गिरफ्तार किया गया है।
किसी को गंभीर अपराध में फंसाने के लिए अगर खुद पर ही फायरिंग कराने की योजना बनाई जाए, तो मामला सिर्फ आपसी रंजिश तक सीमित नहीं रह जाता। ग्रेटर नोएडा के दादरी थाना क्षेत्र से ऐसा ही एक मामला सामने आया है। पुलिस का दावा है कि एक व्यक्ति ने अपने पड़ोसी को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाने के उद्देश्य से खुद पर जानबूझकर गोली चलवाने का षड्यंत्र रचा था। पुलिस ने जांच के दौरान इस कथित साजिश का खुलासा करते हुए तीन वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, हरेन्द्र नागर पुत्र समर सिंह ने अपने पड़ोसी विकास सैन के साथ हुई कहासुनी को आधार बनाकर उसे गंभीर और जघन्य अपराध में फंसाने की योजना बनाई थी। इस साजिश में कुल छह लोगों के शामिल होने की बात जांच में सामने आई है। आरोप है कि योजना के तहत हरेन्द्र ने अपने घर पर सीसीटीवी कैमरे के सामने खुद पर फायरिंग कराई और इसके बाद विकास सैन के खिलाफ थाना दादरी में मुकदमा दर्ज करा दिया।
घर के CCTV कैमरे के सामने कराई गई फायरिंग, फिर पड़ोसी के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा
पुलिस की जांच के अनुसार, हरेन्द्र नागर ने अतुल भाटी और प्रतीक उर्फ कलुआ को अपने घर बुलाया था। आरोप है कि दोनों ने सीसीटीवी कैमरे के सामने हरेन्द्र पर फायरिंग की। इसके बाद कथित रूप से घटना को विकास सैन से जोड़ते हुए उसके खिलाफ दादरी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया।
पुलिस विवेचना के दौरान घटना में शामिल लोगों की भूमिका और कथित षड्यंत्र से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आने का दावा किया गया है। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई की। जांच में यह भी सामने आया कि हरेन्द्र नागर के भाई सतेन्द्र उर्फ सत्ते वर्ष 2007 के एक मुकदमे में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत सजायाफ्ता हैं। पुलिस ने इस तथ्य का भी उल्लेख किया है।

बिसाहड़ा अंडरपास से तीन वांछित आरोपी गिरफ्तार
दादरी पुलिस ने 2 नवंबर 2026 को मुकदमा संख्या 530/2026 के तहत कार्रवाई करते हुए तीन वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों को बिसाहड़ा अंडरपास से पकड़ा गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
प्रतीक उर्फ कलुआ (26 वर्ष): पुत्र कृष्णपाल नागर, निवासी ग्राम कूड़ीखेड़ा, थाना बादलपुर, गौतमबुद्धनगर। पुलिस के अनुसार, वह शिकायतकर्ता हरेन्द्र नागर का भतीजा है।
अतुल भाटी (29 वर्ष): पुत्र जीतराम भाटी, निवासी साकीपुर, थाना सूरजपुर, गौतमबुद्धनगर। वह शिकायतकर्ता का साला बताया गया है।
अभिषेक नागर (25 वर्ष): पुत्र हरेन्द्र नागर, निवासी न्यादरगंज, कस्बा व थाना दादरी, गौतमबुद्धनगर। वह शिकायतकर्ता का बेटा है।
मामले में दर्ज मुकदमे की शुरुआती धाराएं बीएनएस की धारा 109(1), 352 और 351(3) बताई गई हैं। पुलिस के विवरण में आगे धारा 212, 238, 248(बी), 217 और 61(2) बीएनएस तथा आयुध अधिनियम की धाराएं 3/25/27 भी दर्ज हैं।
तमंचा, दो जिंदा कारतूस, मोटरसाइकिल और DVR बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया एक अवैध देशी तमंचा .315 बोर और इसी बोर के दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अतिरिक्त घटना में प्रयुक्त काले रंग की एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी बरामद हुई है, जिसका पंजीकरण नंबर UP 16 AR 0131 बताया गया है।
इस मामले में एक CP Plus कंपनी का DVR भी पुलिस ने बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, घर में लगे CCTV कैमरे के सामने फायरिंग कराए जाने की बात जांच में सामने आई थी। ऐसे में DVR की बरामदगी को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अतुल भाटी का आपराधिक इतिहास, अन्य दो आरोपियों पर इसी मामले का मुकदमा
पुलिस द्वारा जारी विवरण के मुताबिक, गिरफ्तार अतुल भाटी के खिलाफ मौजूदा मुकदमे के अतिरिक्त पहले भी कई मामले दर्ज हैं। इनमें दादरी थाने का मुकदमा संख्या 77/2023, जिसमें धारा 323 और 504 भादवि शामिल हैं
; सूरजपुर थाने के मुकदमा संख्या 459/2016 में धारा 323, 452, 504 और 506; मुकदमा संख्या 336/2017 में धारा 323, 427, 435, 452, 504 और 506; मुकदमा संख्या 541/2019 में धारा 380 और 457; तथा मुकदमा संख्या 453/2024 में धारा 323, 427 और 504 दर्ज हैं। इसके अलावा बीटा-2 थाने में मुकदमा संख्या 469/2019 धारा 392 भादवि के तहत दर्ज बताया गया है।
प्रतीक उर्फ कलुआ और अभिषेक नागर के उपलब्ध आपराधिक इतिहास में फिलहाल मुकदमा संख्या 530/2026 का ही उल्लेख किया गया है, जिसमें बीएनएस और आयुध अधिनियम की धाराएं दर्ज हैं।
अब जांच के केंद्र में कथित साजिश के बाकी पहलू
दादरी पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में शिकायतकर्ता हरेन्द्र नागर ने अन्य पांच लोगों के साथ मिलकर पड़ोसी विकास सैन को गंभीर मुकदमे में फंसाने की योजना बनाई थी। गिरफ्तार तीन आरोपियों के बाद अब मामले में सामने आए अन्य पहलुओं और संबंधित साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई ने उस घटना को नया मोड़ दे दिया है, जिसमें शुरुआत में पड़ोसी के खिलाफ फायरिंग का मामला दर्ज कराया गया था। हालांकि, पुलिस के आरोपों और जांच में सामने आए तथ्यों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा। गिरफ्तार आरोपियों को दोषी ठहराया जाना अभी बाकी है।
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