नोएडा मीडिया क्लब में मंगलवार को संयुक्त पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्रा का सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह, डीसीपी साद मियां खान का विदाई समारोह और दीपावली मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधिकारियों और पत्रकारों ने एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा कीं और पुलिस-मीडिया के बीच बेहतर समन्वय को जनहित के लिए महत्वपूर्ण बताया।
नोएडा मीडिया क्लब में मंगलवार का दिन सिर्फ एक औपचारिक समारोह तक सीमित नहीं रहा। यहां सम्मान था, विदाई की आत्मीयता थी और दीपावली की खुशियां भी। पुलिस और मीडिया जगत से जुड़े लोगों ने एक मंच पर मिलकर अपने पुराने सहयोग और आपसी संबंधों को याद किया। मौका था संयुक्त पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्रा के सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह, डीसीपी साद मियां खान के विदाई समारोह और दीपावली मिलन कार्यक्रम का।
नोएडा मीडिया क्लब के अध्यक्ष आलोक द्विवेदी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों के साथ विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकारों ने हिस्सा लिया। समारोह के दौरान अधिकारियों के कार्यकाल, उनके सहयोग और पुलिस-मीडिया के बीच बने सकारात्मक संबंधों को याद किया गया।
शॉल और स्मृति चिह्न देकर राजीव नारायण मिश्रा का सम्मान
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण संयुक्त पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्रा का सम्मान समारोह रहा। क्लब की ओर से उन्हें शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। इस दौरान उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए पुलिस व्यवस्था को मजबूत बनाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया गया।

मौजूद पत्रकारों ने कहा कि किसी भी जिले या शहर में कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर पुलिस और मीडिया के बीच बेहतर संवाद की भूमिका अहम होती है। राजीव नारायण मिश्रा के कार्यकाल के दौरान बने सकारात्मक संबंधों और सहयोग की भावना को भी याद किया गया। पत्रकारों ने उनके साथ अपने अनुभव साझा किए और उनके आगामी जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।
आगरा स्थानांतरण पर डीसीपी साद मियां खान को विदाई
समारोह में नोएडा और ग्रेटर नोएडा जोन में सेवाएं दे चुके डीसीपी साद मियां खान को भी सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। वर्तमान में उनका स्थानांतरण आगरा हो चुका है। इस अवसर पर उन्हें शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया।
पुलिस अधिकारियों और पत्रकारों ने उनके कार्यकाल को याद करते हुए उनके सहयोग और सेवाओं की सराहना की। साथ ही आगरा में नई जिम्मेदारी के लिए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। किसी अधिकारी के स्थानांतरण के बाद भी उसके कार्यकाल से जुड़ी यादें और पेशेवर संबंध बने रहना, ऐसे आयोजनों को खास बनाता है। नोएडा मीडिया क्लब का यह आयोजन भी इसी आपसी सम्मान और आत्मीयता का उदाहरण बना।

अन्य पुलिस अधिकारियों को भी किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग के अन्य अधिकारियों को भी स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। इनमें एडीसीपी नोएडा अभय कुमार मिश्रा, एसीपी प्रवीण कुमार सिंह, थाना सेक्टर-20 के प्रभारी अरविंद कुमार सिंह और थाना सेक्टर-39 के प्रभारी डीपी शुक्ला शामिल रहे।
समारोह में नोएडा मीडिया क्लब के सदस्यों के अलावा अलग-अलग मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकार भी मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों और पत्रकारों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को एक साझा मंच का रूप दिया, जहां औपचारिक मुलाकातों से आगे बढ़कर आपसी संवाद और संबंधों को मजबूती देने का अवसर मिला।
दीपावली मिलन में साझा कीं खुशियां, एक-दूसरे को दी शुभकामनाएं
सम्मान और विदाई समारोह के साथ आयोजित दीपावली मिलन कार्यक्रम ने आयोजन में त्योहार की रौनक भी जोड़ दी।

इस दौरान सभी पत्रकार साथियों और उपस्थित लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं दी गईं। माहौल में सम्मान, आत्मीयता और आपसी सौहार्द का भाव दिखाई दिया।
कार्यक्रम में संयुक्त पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्रा ने मीडिया और पुलिस की भूमिका को लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में दोनों की अपनी-अपनी अहम जिम्मेदारियां हैं। पुलिस और मीडिया के बीच संवाद, पारदर्शिता और बेहतर तालमेल होने से जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से सामने लाने में मदद मिलती है। इसके साथ ही आमजन तक सही और आवश्यक जानकारी पहुंचाना भी आसान होता है।
पुलिस और मीडिया के बेहतर संबंधों का संदेश
नोएडा मीडिया क्लब की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम केवल अधिकारियों के सम्मान और विदाई तक सीमित नहीं रहा। इसने पुलिस और मीडिया के बीच संवाद, सहयोग और आपसी विश्वास के महत्व को भी सामने रखा। कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में पुलिस की आधिकारिक जानकारी और मीडिया के माध्यम से जनता तक उसकी सही पहुंच, दोनों ही लोकतांत्रिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।
राजीव नारायण मिश्रा के सेवानिवृत्ति सम्मान, साद मियां खान की आगरा स्थानांतरण पर विदाई और दीपावली मिलन के इस संयुक्त आयोजन ने एक सकारात्मक संदेश दिया कि जिम्मेदारियों और पदों में बदलाव के बावजूद अच्छे पेशेवर संबंध और आपसी सम्मान कायम रह सकते हैं। यही इस समारोह की सबसे खास बात रही।
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