उत्तर प्रदेश आबकारी आयुक्त के आदेश पर गौतमबुद्धनगर में बड़े स्तर पर प्रवर्तन अभियान चलाया गया। देशी शराब दुकानों, मॉडल शॉप, प्रीमियम रिटेल शॉप, बार और कैंटीनों की आकस्मिक जांच के दौरान गोपनीय टेस्ट परचेज भी कराया गया। विभाग ने CCTV रिकॉर्डिंग और 100% POS बिक्री सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।
उत्तर प्रदेश आबकारी आयुक्त के निर्देशों के अनुपालन में गौतमबुद्धनगर जनपद में आबकारी विभाग द्वारा व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया गया। यह अभियान ज़िलाधिकारी गौतमबुद्धनगर एवं पुलिस आयुक्त गौतमबुद्धनगर के निर्देशन तथा ज़िला आबकारी अधिकारी गौतमबुद्धनगर के पर्यवेक्षण में संचालित किया गया। अभियान के दौरान जनपद भर में संचालित देशी शराब दुकानों, कम्पोजिट शॉप, मॉडल शॉप, प्रीमियम रिटेल शॉप और बार अनुज्ञापनों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया, जिससे शराब कारोबारियों और विक्रेताओं में हड़कंप की स्थिति देखने को मिली।

दिनांक 01 मई 2026 को चलाए गए इस विशेष अभियान में आबकारी निरीक्षकों की विभिन्न टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर दुकानों की व्यवस्थाओं का बारीकी से परीक्षण किया। अधिकारियों ने दुकानों के लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर, बिक्री प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों की गहनता से जांच की। इसके साथ ही कैंटीनों की भी विशेष रूप से चेकिंग की गई ताकि अवैध बिक्री, ओवररेटिंग अथवा नियमों के उल्लंघन जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

अभियान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी रही “गोपनीय टेस्ट परचेज” प्रक्रिया। विभागीय अधिकारियों द्वारा अलग-अलग दुकानों पर ग्राहकों के रूप में लोगों को भेजकर शराब बिक्री की वास्तविक स्थिति का परीक्षण कराया गया। इस दौरान यह जांचा गया कि दुकानदार निर्धारित नियमों के अनुसार बिक्री कर रहे हैं या नहीं, बिल जारी किया जा रहा है या नहीं, और कहीं अवैध वसूली अथवा बिना रिकॉर्ड बिक्री तो नहीं हो रही। विभाग की इस रणनीति ने कई दुकानों पर कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को उजागर करने का काम किया।

जांच के दौरान आबकारी विभाग ने सभी अनुज्ञापियों और विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश जारी किए कि दुकानों पर लगे CCTV कैमरे हर समय रियल टाइम मोड में संचालित होने चाहिए। अधिकारियों ने कहा कि CCTV रिकॉर्डिंग नियमित रूप से सुरक्षित रखी जाए ताकि भविष्य में किसी भी शिकायत या जांच की स्थिति में उसका उपयोग किया जा सके। जिन दुकानों पर कैमरों की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं मिली, उन्हें तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा विभाग ने शराब बिक्री में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से POS मशीनों के माध्यम से 100 प्रतिशत बिक्री सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि सभी बिक्री POS मशीन से दर्ज की जाए ताकि राजस्व पारदर्शिता बनी रहे और अवैध नकद लेन-देन पर रोक लगाई जा सके। विभाग ने साफ किया कि भविष्य में POS मशीन का उपयोग न करने वाले अनुज्ञापियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा सकती है।
अभियान के दौरान कई दुकानों पर कर्मचारियों को नियमों के प्रति जागरूक भी किया गया। आबकारी निरीक्षकों ने उन्हें बताया कि शासन की मंशा केवल कार्रवाई करना नहीं बल्कि शराब बिक्री प्रणाली को पारदर्शी, सुरक्षित और नियंत्रित बनाना है।

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जनपद में अवैध शराब, ओवररेटिंग और बिना रिकॉर्ड बिक्री के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा।
गौतमबुद्धनगर में चलाया गया यह अभियान आबकारी विभाग की सख्त निगरानी और प्रशासनिक सक्रियता का बड़ा संकेत माना जा रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी इसी तरह आकस्मिक निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान जारी रहेंगे ताकि शासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा सके।
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