गौतमबुद्धनगर पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन दहन’ के तहत बड़ी कार्रवाई की है। 22 सितंबर 2026 को कमिश्नरेट के अलग-अलग थानों में दर्ज 224 NDPS मामलों से संबंधित जब्त मादक पदार्थों का न्यायालय की अनुमति के बाद विधिवत विनिष्टीकरण किया गया। इनमें 2,253.987 किलोग्राम गांजा, 20.87 किलोग्राम चरस, 2 किलोग्राम डोडा, 27 ग्राम स्मैक, 3,206 नशीली गोलियां और 51 ग्राम नशीला पाउडर शामिल है। पुलिस के मुताबिक इनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत ₹12 करोड़ 43 लाख 42 हजार 750 रुपये है।
नोएडा में नशे के कारोबार के खिलाफ गौतमबुद्धनगर पुलिस ने एक बार फिर बड़ा कदम उठाया है। पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में चल रहे अभियान के तहत 22 सितंबर 2026 को बड़ी मात्रा में जब्त किए गए मादक पदार्थों का विधिवत विनिष्टीकरण किया गया। कार्रवाई ‘ऑपरेशन दहन’ के तहत की गई।
यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें एक-दो मामलों से बरामद नशीले पदार्थ नहीं, बल्कि कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के अलग-अलग थानों में दर्ज कुल 224 NDPS अधिनियम के अभियोगों से संबंधित जब्त और बरामद मादक पदार्थों का नष्टीकरण किया गया।
2,253 किलो से ज्यादा गांजा हुआ नष्ट
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इस कार्रवाई में सबसे बड़ी मात्रा गांजे की थी। कुल 2,253.987 किलोग्राम गांजा विधिवत नष्ट किया गया।
इसके अलावा 20.87 किलोग्राम चरस और 2 किलोग्राम डोडा भी नष्ट किया गया। वहीं पुलिस कार्रवाई के दौरान जब्त की गई 27 ग्राम स्मैक, 3,206 नशीली गोलियां और 51 ग्राम नशीला पाउडर भी विनिष्टीकरण की प्रक्रिया में शामिल रहे।
यानी कार्रवाई में अलग-अलग श्रेणी के मादक पदार्थों को शामिल किया गया, जिन्हें NDPS अधिनियम से जुड़े मामलों में पुलिस द्वारा बरामद या जब्त किया गया था।

गौतमबुद्धनगर पुलिस के अनुसार, नष्ट किए गए इन मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत ₹12 करोड़ 43 लाख 42 हजार 750 रुपये है।
इतनी बड़ी अनुमानित कीमत के मादक पदार्थों का एक साथ विधिवत विनिष्टीकरण पुलिस की ओर से नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है।
पुलिस का कहना है कि अभियान का उद्देश्य सिर्फ तस्करों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना ही नहीं है, बल्कि जब्त किए गए मादक पदार्थों को नियमानुसार नष्ट कर उनकी दोबारा अवैध इस्तेमाल की संभावना को भी खत्म करना है।
पहले समिति का हुआ गठन, फिर न्यायालय से ली गई अनुमति
पुलिस के मुताबिक, अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों के दौरान चेकिंग में जो नशीले पदार्थ बरामद किए गए थे, उनके विधिवत विनिष्टीकरण के लिए एक समिति का गठन किया गया था।
कानूनी प्रक्रिया के तहत मामले को आगे बढ़ाते हुए माननीय न्यायालय से अनुमति प्राप्त की गई। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए इन मादक पदार्थों का विधिवत विनिष्टीकरण किया गया।
इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि NDPS मामलों में जब्त मादक पदार्थ नियमानुसार सुरक्षित तरीके से नष्ट किए जाएं और उनका किसी भी तरह से दोबारा दुरुपयोग न हो सके।
नशे के खिलाफ अभियान को लेकर पुलिस की अपील
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने इस कार्रवाई को नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई के जरिए भावी पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में आने से बचाने और नशा-मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिस कमिश्नरेट ने आमजन से भी इस अभियान में सहभागी बनने की अपील की है। पुलिस के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति को नशीले पदार्थों की तस्करी या किसी अन्य संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है तो उसकी सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस थाने या डायल-112 पर दी जानी चाहिए।
पुलिस का कहना है कि आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और मजबूत किया जा सकता है।
‘नशा मुक्त समाज- सुरक्षित भविष्य’ का संकल्प
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने दोहराया है कि वह ‘नशा मुक्त समाज - सुरक्षित भविष्य’ के संकल्प को साकार करने के लिए लगातार काम कर रही है।
‘ऑपरेशन दहन’ के तहत 22 सितंबर को हुई यह कार्रवाई इसी अभियान की एक कड़ी है। 224 NDPS मामलों से संबंधित मादक पदार्थों के विनिष्टीकरण के साथ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
फिलहाल, 2,253.987 किलोग्राम गांजा, 20.87 किलोग्राम चरस, 2 किलोग्राम डोडा, 27 ग्राम स्मैक, 3,206 नशीली गोलियां और 51 ग्राम नशीला पाउडर विधिवत नष्ट किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, इनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत ₹12,43,42,750 थी।
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