राष्ट्रीय युवा दिवस पर लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को वर्तमान भारत से जोड़ते हुए युवाओं को संकल्प, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया, साथ ही अवैध वसूली और भ्रष्टाचार पर सख्त चेतावनी दी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “लक्ष्य पर एकाग्रता, संकल्प पर दृढ़ता और कर्म में निरंतरता— यही स्वामी विवेकानंद का मूल संदेश है।” उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई और भारत को नई पहचान दी।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘युवा शक्ति–राष्ट्र शक्ति’ के संकल्प के साथ युवाओं का आह्वान किया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद और माता जीजाबाई को नमन करते हुए कहा कि नरेंद्र से स्वामी विवेकानंद तक की यात्रा एक साधक से युग प्रवर्तक बनने की यात्रा थी।

मुख्यमंत्री ने 10 युवाओं, तीन युवक मंगल दल और तीन महिला मंगल दल को राज्य स्तरीय स्वामी विवेकानंद यूथ अवार्ड प्रदान किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब “महाभारत के रिश्ते” वसूली के लिए नहीं निकलेंगे, ऐसा हुआ तो सीधे जेल भेजा जाएगा।
सीएम योगी ने कहा कि भारत आज स्वामी विवेकानंद के उस विश्वास को साकार होते देख रहा है, जिसमें उन्होंने भारत को युवा शक्ति और आध्यात्मिक चेतना के बल पर विश्वगुरु बनने की बात कही थी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अमृत महोत्सव, हर घर तिरंगा और विकसित भारत-2047 के विजन का उल्लेख किया।

युवाओं से खेल, पर्यावरण और जल संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले वर्षों में विवेकानंद यूथ अवॉर्ड में इन विषयों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि जुलाई 2026 में प्रदेश में 35 करोड़ पौधरोपण किया जाएगा।
सीएम ने कहा कि मिशन रोजगार, ओडीओपी, निवेश और स्टार्टअप योजनाओं से करोड़ों युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने एआई, ड्रोन, रोबोटिक्स जैसी नई तकनीकों को अपनाने और नैतिकता व अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
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