मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच तेल और गैस आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अफवाह फैलाने वालों और कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की किल्लत को लेकर अफवाह फैलाने वालों और कालाबाजारी करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को निर्देश दिए हैं कि राज्य में तेल और गैस की आपूर्ति सुचारु बनी रहनी चाहिए और आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की संभावित कमी को लेकर कई तरह की अफवाहें फैल रही थीं, जिससे बाजार में पैनिक जैसी स्थिति बनने लगी थी।
दरअसल, ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। हालांकि भारत सरकार और तेल कंपनियों का कहना है कि देश में फिलहाल पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को सतर्क रहने और किसी भी प्रकार की अफवाह को तुरंत रोकने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गैस और तेल की आपूर्ति सामान्य है और इसे लेकर घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि गैस और तेल की कालाबाजारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर अफवाह फैलाकर बाजार में कृत्रिम संकट पैदा करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सीएम योगी के निर्देश के बाद पुलिस मुख्यालय और जिला स्तर पर सोशल मीडिया सेल को सक्रिय कर दिया गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैल रही खबरों और संदेशों पर पैनी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी भ्रामक जानकारी को तुरंत रोका जा सके।
इसके साथ ही जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग को भी सक्रिय कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गैस एजेंसियों, पेट्रोल पंपों और तेल डिपो का नियमित निरीक्षण किया जाए।
प्रशासन को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि पेट्रोल पंपों के आसपास विशेष निगरानी रखी जाए ताकि किसी तरह की अव्यवस्था या भीड़भाड़ की स्थिति पैदा न हो। अगर कहीं भी अवैध रूप से गैस या तेल का भंडारण किया जाता हुआ पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
आपूर्ति विभाग को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि गैस एजेंसियों और वितरण केंद्रों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहे और उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर मिलते रहें। इसके लिए जिला स्तर पर लगातार निरीक्षण और निगरानी की व्यवस्था भी की गई है।
प्रदेश सरकार का कहना है कि अफवाहों के कारण अनावश्यक घबराहट फैलती है और बाजार में कृत्रिम संकट पैदा हो सकता है। इसलिए प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि जनता को सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए और गलत सूचनाओं को तुरंत खंडित किया जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में चल रहा संघर्ष वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकता है, लेकिन फिलहाल भारत में तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर कोई तत्काल संकट नहीं है। ऐसे में अफवाहों से बचना और जिम्मेदारी के साथ जानकारी साझा करना बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट खबर पर विश्वास न करें और यदि कहीं कालाबाजारी या अवैध भंडारण की सूचना मिले तो तुरंत प्रशासन को जानकारी दें।
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