उत्तर प्रदेश को अंडा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने और पोल्ट्री सेक्टर में बड़े निवेश को आकर्षित करने के लिए लखनऊ में दो दिवसीय कॉनक्लेव शुरू, जिसमें देशभर के विशेषज्ञ और उद्यमी शामिल।
उत्तर प्रदेश को अंडा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने और राज्य को देश का प्रमुख पोल्ट्री हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए लखनऊ में दो दिवसीय “उ0प्र0 पोल्ट्री कॉनक्लेव-2026” का भव्य शुभारंभ हुआ। राजधानी स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स हॉल में आयोजित इस कॉनक्लेव ने न केवल उद्योग जगत का ध्यान आकर्षित किया, बल्कि भविष्य में पोल्ट्री सेक्टर में बड़े बदलाव के संकेत भी दिए।
इस महत्वपूर्ण आयोजन का उद्घाटन भारत सरकार के मत्स्य, पशुपालन एवं दुग्ध विकास मंत्रालय के राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह तथा उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री दिनेश प्रताप सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पोल्ट्री पालक, हैचरी संचालक, उद्यमी, स्टार्टअप, वैज्ञानिक, पशुचिकित्सक विशेषज्ञ और छात्र-छात्राओं की भागीदारी देखने को मिली।

पोल्ट्री हब बनने की ओर बड़ा कदम
केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि यह कॉनक्लेव उत्तर प्रदेश को पोल्ट्री हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सार्थक पहल है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और राज्य सरकार के प्रयासों के चलते इस तरह के आयोजन संभव हो रहे हैं, जो उद्योग को नई दिशा देने में सक्षम हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मंच के माध्यम से उद्योग विशेषज्ञों द्वारा नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी जा रही है, जिससे पोल्ट्री सेक्टर की चुनौतियों का समाधान खोजा जा सकेगा। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि यह आयोजन प्रदेश को अंडा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ निर्यातोन्मुखी अर्थव्यवस्था की ओर भी अग्रसर करेगा।
निवेश और नवाचार पर विशेष फोकस
पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि राज्य सरकार पोल्ट्री क्षेत्र में निवेश के लिए हर संभव संसाधन और अनुकूल वातावरण उपलब्ध करा रही है। उन्होंने उद्यमियों से इस क्षेत्र में निवेश करने और आमजन से जागरूक होने का आह्वान किया।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पोल्ट्री सेक्टर में अपार संभावनाएं हैं और सरकार इस क्षेत्र में बड़े निवेश तथा तकनीकी आदान-प्रदान को प्रोत्साहित कर रही है। इस कॉनक्लेव के जरिए उद्योग जगत को एक ऐसा मंच मिल रहा है, जहां वे नई तकनीकों, नवाचारों और बाजार की जरूरतों को समझ सकते हैं।

आंकड़ों में दिखती प्रगति
कार्यक्रम के दौरान साझा किए गए आंकड़े उत्तर प्रदेश में पोल्ट्री सेक्टर की तेजी से बढ़ती संभावनाओं को दर्शाते हैं। वर्ष 2019 की 20वीं पशुगणना के अनुसार प्रदेश में 125.16 लाख कुक्कुट हैं। वहीं वर्ष 2024-25 में लगभग 611 करोड़ अंडों का उत्पादन हुआ, जो अपने आप में एक बड़ा आंकड़ा है।
खास बात यह रही कि वर्ष 2024 में अंडा उत्पादन में लगभग 29.88 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो इस क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास को दर्शाती है।
नीति और प्रोत्साहन योजनाएं
प्रदेश सरकार द्वारा लागू “उ0प्र0 कुक्कुट विकास नीति-2022” को भी इस अवसर पर प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। इस नीति के तहत अब तक 256 इकाइयों की स्थापना के लिए ऑनलाइन लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किए जा चुके हैं।
सरकार द्वारा निवेशकों को आकर्षित करने के लिए अधिकतम 1 करोड़ रुपये तक ब्याज प्रतिपूर्ति का प्रावधान भी किया गया है, जिससे नए उद्यमियों को इस क्षेत्र में आने के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है।

तकनीक, नेटवर्किंग और साझेदारी
कॉनक्लेव में विशेषज्ञों द्वारा नवीनतम तकनीकों, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत व्याख्यान दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता और व्यावहारिक समाधान पर भी चर्चा हो रही है।
यह आयोजन केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नेटवर्किंग, निवेश के अवसर और साझेदारी के नए रास्ते भी खुल रहे हैं। इससे पोल्ट्री सेक्टर में नई ऊर्जा और गति मिलने की उम्मीद है।
अन्य प्रमुख वक्ताओं की भागीदारी
कार्यक्रम में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने भी पोल्ट्री सेक्टर के विकास में अपने विभाग की भूमिका पर प्रकाश डाला और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
वहीं पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि यह कॉनक्लेव सभी हितधारकों के लिए एक उत्कृष्ट मंच है, जो सेक्टर की वृद्धि को नई दिशा देगा।
इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों, पोल्ट्री प्रोग्राम अधिकारियों और उद्यमियों को सम्मानित भी किया गया, जिससे क्षेत्र में काम कर रहे लोगों का उत्साह बढ़ा।

बड़ी संख्या में विशेषज्ञों की मौजूदगी
कॉनक्लेव में कई प्रमुख विशेषज्ञ और अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें विशेष सचिव पशुधन देवेंद्र कुमार पांडेय, डॉ. पी.के. शुक्ला, उदय सिंह बयास (आईपीईएमए), ओ.पी. सिंह (एमडी, एबीटीएल), दीपक तुषीर (सीईओ), मोहित मलिक (ब्रीडर्स एसोसिएशन), रामपाल टांडा (पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया), अनीश अंसारी (पूर्व मुख्य सचिव), डॉ. मेमपाल सिंह और डॉ. राजेंद्र प्रसाद शामिल रहे।
दो दिवसीय आयोजन
यह कॉनक्लेव 15 और 16 अप्रैल को आयोजित किया जा रहा है, जिसका संयुक्त आयोजन पशुपालन विभाग और पोल्ट्री इंडिया द्वारा किया गया है।
कुल मिलाकर, “उ0प्र0 पोल्ट्री कॉनक्लेव-2026” केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के कृषि और पशुधन क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत का संकेत है। जिस तरह से निवेश, तकनीक और नीतिगत समर्थन को एक साथ लाया जा रहा है, उससे साफ है कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश पोल्ट्री सेक्टर में देश का नेतृत्व करने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
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