लखनऊ के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर, राहत सामग्री बांटकर प्रभावित परिवारों से किया संवाद
बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब प्रभावित इलाकों में गंदगी, मच्छरों और बीमारियों की आशंका ने नई चुनौती खड़ी कर दी है। ऐसे में लोगों को राहत पहुंचाने और जनजीवन को सामान्य बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वच्छता एवं स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया है।
इसी क्रम में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने बुधवार को लखनऊ की मलिहाबाद विधानसभा के अंतर्गत सैंथा ग्रामीण क्षेत्र का पुनः स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति देखी और अधिकारियों को प्रभावित परिवारों तक जरूरी सुविधाएं पहुंचाने के निर्देश दिए।

नगर निगम के नवविस्तारित क्षेत्र में शामिल सैंथा में मंत्री ने साफ-सफाई, जलनिकासी, राहत वितरण और चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों से कहा कि राहत कार्यों में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
पानी उतरने के बाद बढ़ सकती हैं स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां
मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद भी चुनौतियां समाप्त नहीं होतीं। जलभराव वाले क्षेत्रों में गंदगी, मक्खी-मच्छरों का प्रकोप और दूषित पानी के कारण बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ सकती है। इसका असर मनुष्यों के साथ पशुओं के स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित इलाकों में व्यापक सफाई अभियान चलाया जाए। जलनिकासी की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए और मच्छरों की रोकथाम के लिए आवश्यक दवाओं का छिड़काव कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ काम करें।

ड्रोन से दवा छिड़काव, दूसरे क्षेत्रों में भी इस्तेमाल के निर्देश
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने ड्रोन तकनीक के जरिए किए जा रहे दवा छिड़काव का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जरूरत के अनुसार अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भी इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाए।
ड्रोन तकनीक के उपयोग से प्रभावित स्थानों पर दवा छिड़काव की व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े कार्यों में तेजी लाने तथा उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा।
राहत शिविर और चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा
मंत्री ने बाढ़ राहत शिविर और राहत चिकित्सा शिविर का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रभावित नागरिकों को आवश्यक चिकित्सा सहायता मिले और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
जिन क्षेत्रों से पानी निकल चुका है, वहां सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गंदगी और कचरे को हटाने के साथ प्रभावित इलाकों में नियमित स्वच्छता अभियान चलाया जाए। नगर निगम के अधिकारियों, सफाईकर्मियों और अन्य कर्मचारियों को आपसी तालमेल के साथ काम करने को कहा गया।

प्रभावित परिवारों को बांटी राहत सामग्री
दौरे के दौरान ए.के. शर्मा ने बाढ़ प्रभावित नागरिकों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने राहत सामग्री वितरित करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक सहायता पहुंचाई जाए। राहत सामग्री के साथ चिकित्सा, स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।
मंत्री ने सफाईकर्मियों का उत्साहवर्धन किया और प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने के उनके प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया। बाढ़ के बाद सामान्य जनजीवन बहाल करने के लिए सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करना राहत कार्यों का अहम हिस्सा है।
“चुनौतीपूर्ण समय में जनता के साथ खड़ी है सरकार”
स्थानीय निवासियों ने बताया कि लखनऊ नगर निगम और प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों, नागरिकों और पशुओं तक राहत एवं बचाव कार्य पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही साफ-सफाई पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण समय में सरकार और प्रशासन जनता के साथ खड़े हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाना और जनजीवन सामान्य बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
अब सैंथा जैसे प्रभावित क्षेत्रों में सबसे बड़ी जरूरत यह है कि राहत वितरण, साफ-सफाई, जलनिकासी और स्वास्थ्य सुरक्षा के इंतजाम लगातार प्रभावी बने रहें, ताकि बाढ़ के बाद लोगों को जल्द सामान्य जीवन में लौटने में मदद मिल सके।
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