उत्तर प्रदेश में मंडियों की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जितेन्द्र प्रताप सिंह ने दो दिवसीय निरीक्षण किया। इस दौरान साफ-सफाई, खराब लाइटों, क्षतिग्रस्त सड़कों, अधूरे अभिलेखों, अवैध कब्जों और निर्माण कार्यों में अनियमितताओं से जुड़े मामले सामने आए। अधिकारियों को सुधार के निर्देश देने के साथ जवाबदेही तय करने और धान क्रय केंद्रों पर हैंडलिंग ठेकेदारों के चयन की प्रक्रिया दो दिन में पूरी करने को कहा गया।
उत्तर प्रदेश की मंडियों में किसानों और व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं देने के दावों के बीच जमीनी व्यवस्थाओं की पड़ताल हुई तो कई जगह सुधार की जरूरत सामने आई। कहीं पानी की टंकी खराब मिली, कहीं हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से दुरुस्त नहीं थीं, तो कहीं सड़क मरम्मत और अभिलेखों के रखरखाव में कमियां पाई गईं।
हरदोई में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत सीसी सड़क निर्माण कार्य की धनराशि दूसरे स्थानों पर खर्च किए जाने का मामला भी सामने आया।
29 अक्टूबर 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जितेन्द्र प्रताप सिंह ने दो दिवसीय निरीक्षण कार्यक्रम के तहत विभिन्न मंडियों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य मंडियों को स्वच्छ, सुंदर, सुव्यवस्थित और सुविधायुक्त बनाना है। निरीक्षण में कमियां मिलने पर संबंधित अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए गए और कुछ मामलों में स्पष्टीकरण तथा जांच के आदेश भी दिए गए।

मलिहाबाद मंडी में गंदगी और अतिक्रमण हटाने के निर्देश
लखनऊ की मलिहाबाद मंडी को उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश की महत्वपूर्ण मंडियों में से एक बताते हुए निदेशक ने वहां की व्यवस्थाओं पर असंतोष जताया। उन्होंने मंडी परिसर में पड़ी अनुपयोगी सामग्री, अतिक्रमण और आम के सीजन में लगाए गए टेंट के अवशेष तत्काल हटाने के निर्देश दिए।
परिसर में लैंडस्केपिंग के जरिए सौंदर्यीकरण कराने और मंडी के बोर्ड को दुरुस्त कर उचित स्थान पर स्थापित करने को भी कहा गया। आगामी आम सीजन में व्यापारियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पहले से तैयारियां करने और आवागमन के रास्ते सुचारु रखने पर जोर दिया गया।
सण्डीला मंडी में खराब टंकी और लाइटों पर नाराजगी
हरदोई जिले के नवीन मंडी स्थल सण्डीला में पानी की टंकी खराब मिली। कई हाईमास्ट लाइटें भी लंबे समय से खराब थीं। निदेशक ने इस पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेने, जिम्मेदारी तय करने और नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

क्षतिग्रस्त सड़कों के मामले में उन्होंने कहा कि पूरे सड़क निर्माण की प्रतीक्षा किए बिना खराब हिस्सों की तत्काल पैच रिपेयरिंग कराई जाए। अधूरे अभिलेखों और क्रय केंद्र पर हैंडलिंग कार्य का ठेका उपलब्ध न होने के कारण खरीद प्रभावित होने पर भी नाराजगी जताई गई। अभिलेख अद्यतन रखने, हैंडलिंग ठेका तत्काल सुनिश्चित करने, अवैध कब्जे हटाने, नीलामी चबूतरों की मरम्मत और पेयजल व साफ-सफाई जैसी सुविधाओं में सुधार के निर्देश दिए गए।
हरदोई में करीब एक करोड़ रुपये के कार्य पर सवाल
हरदोई मंडी के निरीक्षण में नवीन मंडी स्थल पर सीसी सड़क निर्माण के लिए लगभग एक करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत होने का मामला सामने आया। जानकारी के मुताबिक, सक्षम स्तर से अनुमति लिए बिना इस कार्य के लिए स्वीकृत धनराशि अन्य स्थानों पर खर्च कर दी गई।
इस संबंध में उपनिदेशक (निर्माण) से स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। निदेशक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बरेली में अधिकारी से प्रभार वापस लेने के निर्देश
बरेली मंडी में हाईमास्ट लाइटों की मरम्मत और स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने में लापरवाही सामने आई। उपनिदेशक (विद्युत एवं यांत्रिक) को एक महीने से अधिक समय पहले निर्देश दिए जाने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई थी।
निर्देशों की अवहेलना और काम में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए निदेशक ने संबंधित उपनिदेशक से विद्युत एवं यांत्रिक कार्यों का प्रभार तत्काल प्रभाव से वापस लेने के निर्देश दिए।

शाहजहांपुर, तिलहर, मैंगलगंज और सीतापुर पर भी फोकस
शाहजहांपुर की नवीन खाद्यान्न एवं फल-सब्जी मंडी में बाउंड्री वॉल दुरुस्त कराने और तिलहर मंडी में पार्क विकसित करने के निर्देश दिए गए।
खीरी जिले के मैंगलगंज मंडी स्थल पर गंदगी और अवैध कब्जों पर नाराजगी जताई गई। एक कर्मचारी के आवास में एसी लगे होने और बिजली बिल का पूरा भुगतान नहीं किए जाने का मामला सामने आने पर वास्तविक विद्युत खपत के अनुसार देय राशि तय कर नियमानुसार वसूली के निर्देश दिए गए। शौचालय की मरम्मत एक सप्ताह में पूरी करने को कहा गया।
वर्ष 2024 में स्वीकृत पांच नीलामी चबूतरों के शेड की शीटें बदलने के कार्य में चार चबूतरों पर मरम्मत हुई थी, जबकि एक का शेड अब भी टूटा मिला। निदेशक ने इसकी जांच कर तत्काल रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। सीतापुर की गल्ला-सब्जी मंडी में वेटिंग एरिया विकसित करने, अतिरिक्त शौचालय बनाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया। लखीमपुर और सीतापुर की मंडियों में भी सुविधाओं के विस्तार के निर्देश दिए गए।

धान खरीद से पहले दो दिन की समयसीमा
धान खरीद की तैयारियों की समीक्षा के दौरान निदेशक ने धान क्रय केंद्रों पर हैंडलिंग ठेकेदारों के चयन में देरी को अत्यंत खेदजनक बताया। सभी उपनिदेशकों (कृषि) को लंबित प्रक्रिया की समीक्षा कर अगले दो दिनों में चयन पूरा कराने के निर्देश दिए गए। समयसीमा का पालन नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
साथ ही प्रत्येक जेई, एई और डीडीसी को अपने क्षेत्र की मंडियों का नियमित निरीक्षण करने और कमियों पर कार्रवाई की अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने को कहा गया।
किसानों और व्यापारियों से सीधा संवाद
निरीक्षण के दौरान निदेशक ने किसानों और व्यापारियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने। उन्होंने शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। ‘स्वच्छ मंडी–शुभ मंडी’ अभियान के तहत जिन जनपदों में बेहतर काम हुआ, वहां की प्रगति पर संतोष जताया और अन्य मंडियों में भी व्यवस्थाएं सुधारने पर जोर दिया।
निदेशक का स्पष्ट संदेश है कि मंडियों में साफ-सफाई, आधारभूत सुविधाओं और स्वीकृत निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं होगा। अब इन निर्देशों के बाद निगाह इस बात पर रहेगी कि संबंधित अधिकारी तय समयसीमा में कमियां दूर करते हैं या नहीं और किसानों तथा व्यापारियों को सुविधाओं में वास्तविक सुधार कब दिखाई देता है।
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