मुजफ्फरनगर में 951 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, रोजगार मेले में 5122 युवाओं को नौकरी और एआई व महिला उद्यमिता को मिला बढ़ावा।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में आयोजित भव्य रोजगार मेला एवं विकास कार्यक्रम ने प्रदेश में रोजगार और विकास की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ दिया। नुमाइश ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 951 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 423 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान कई महत्वपूर्ण पहलें शुरू की गईं, जो प्रदेश के युवाओं, उद्योगों और तकनीकी क्षेत्र के लिए दूरगामी प्रभाव डाल सकती हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा के अनावरण से हुई, जो समाज सेवा और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक मानी जाती हैं। इसके साथ ही “कौशल दर्शन” नामक पुस्तक का विमोचन भी किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने वाले युवाओं की प्रेरणादायक कहानियों को शामिल किया गया है। यह पुस्तक युवाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

इस आयोजन की एक और बड़ी उपलब्धि रही—कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित सेंटिमेंट एवं तत्परता रिपोर्ट का शुभारंभ। यह रिपोर्ट तकनीकी शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार की गई है, जिससे भविष्य की जरूरतों के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षित किया जा सके। साथ ही मिशन द्वारा एआई आधारित वीडियो का भी प्रदर्शन किया गया, जिसने कार्यक्रम को और अधिक तकनीकी रूप से समृद्ध बनाया।
रोजगार के मोर्चे पर भी यह कार्यक्रम बेहद सफल रहा। नुमाइश ग्राउंड में आयोजित रोजगार मेले में 200 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया, जिससे युवाओं को सीधे उद्योगों से जुड़ने का अवसर मिला। इस मेले में 27,000 से अधिक युवाओं ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 5122 युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्राप्त हुए।
इस दौरान चयनित युवाओं को मौके पर ही नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। इनमें अक्षत गर्ग, रक्षित त्यागी, केशव, अनुज धीमान, अंशिका गोयल, नायब परवीन, विशाल और वैशाली जैसे युवा शामिल रहे, जिन्हें उनके कौशल और योग्यता के आधार पर रोजगार मिला।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) और नीति आयोग के महिला उद्यमिता मंच (WEP) के बीच महत्वपूर्ण साझेदारी की भी घोषणा की गई। इस साझेदारी का उद्देश्य महिलाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाना और उन्हें आवश्यक संसाधन एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह रोजगार मेला युवाओं के लिए एक सशक्त मंच बनकर उभरा है। उन्होंने चयनित युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि यह उनकी मेहनत और योग्यता का परिणाम है। साथ ही उन्होंने उन युवाओं को भी प्रेरित किया जो इस बार चयनित नहीं हो सके, कि वे निराश न हों, क्योंकि सरकार आगे भी ऐसे अवसर प्रदान करती रहेगी।

उन्होंने कहा कि योगी सरकार युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। रोजगार मेलों के जरिए न केवल नौकरी के अवसर बढ़ रहे हैं, बल्कि स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिल रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि निवेश, उद्योग और तकनीकी विकास को प्रोत्साहित कर प्रदेश में अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए जाएं।
इस कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति भी रही, जिनमें केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल विकास एवं उद्यमिता जयंत चौधरी, केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार, प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम, मिशन निदेशक पुलकित खरे और अपर मिशन निदेशक प्रिया सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग शामिल रहे।
कुल मिलाकर यह कार्यक्रम न केवल रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम बना, बल्कि तकनीकी विकास, महिला सशक्तिकरण और कौशल उन्नयन की दिशा में एक मजबूत पहल के रूप में सामने आया। अब देखना यह होगा कि इन योजनाओं और साझेदारियों का लाभ जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से और प्रभावी तरीके से पहुंचता है।
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