ग्राम पंचायतों में महिलाओं की वास्तविक भागीदारी और नेतृत्व को मजबूत करने के उद्देश्य से पंचायती राज विभाग ने महिला सशक्तिकरण आधारित विशेष कैलेंडर जारी किया है।
महिलाओं के सशक्तिकरण को जमीनी स्तर पर मजबूती देने और ग्राम पंचायतों में उनकी वास्तविक एवं सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में पंचायती राज विभाग, उत्तर प्रदेश ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। विभाग द्वारा महिला सशक्तिकरण पर आधारित विशेष कैलेंडर जारी किया गया है, जिसका उद्देश्य पंचायतों में महिलाओं को केवल नाममात्र की प्रधान न रहने देकर उन्हें निर्णय प्रक्रिया और विकास कार्यों में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना है।
यह कैलेंडर केवल तिथियों का संकलन नहीं, बल्कि पंचायत स्तर पर महिलाओं की नेतृत्व क्षमता को सशक्त करने का एक प्रभावी माध्यम है। इसके जरिए यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि ग्राम पंचायतों में महिलाएं पर्दे के पीछे नहीं, बल्कि सामने आकर पंचायत का नेतृत्व करें और विकास से जुड़े फैसलों में उनकी निर्णायक भागीदारी सुनिश्चित हो।

पंचायती राज विभाग द्वारा यह कैलेंडर ग्राम पंचायतों, पंचायत भवनों और विभागीय कार्यालयों में प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ आम नागरिकों में भी महिलाओं की सहभागिता को लेकर सकारात्मक सोच विकसित हो सके। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में महिला नेतृत्व को मजबूत करने और उन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था का सक्रिय हिस्सा बनाने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।
इस अवसर पर माननीय पंचायती राज मंत्री श्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि “पर्दे के पीछे नहीं, सामने प्रधान केवल एक नारा नहीं, बल्कि मजबूत लोकतंत्र की नींव है। जब पंचायतों में महिलाएं सशक्त होंगी और निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाएंगी, तभी गांवों का समग्र विकास संभव होगा।”
वहीं निदेशक पंचायती राज श्री अमित कुमार सिंह ने कहा कि यह कैलेंडर ग्राम पंचायतों के लिए एक प्रेरक और मार्गदर्शक दस्तावेज है, जो महिला सम्मान, सहभागिता और सशक्त भूमिका को व्यवहार में उतारने में सहायक होगा।
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