उत्तर प्रदेश में दीपावली और छठ पर्व पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने अधिकारियों को 24 घंटे बिजली देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने छोटे उपभोक्ताओं को परेशान करने वाली विजिलेंस टीमों की कार्यप्रणाली सुधारने, झटपट पोर्टल पर लंबित आवेदनों का निस्तारण करने और ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने में देरी न करने को कहा। नवंबर के बिजली बिलों में 9.70 प्रतिशत राहत की जानकारी भी दी गई।
दीपावली और छठ के त्योहार नजदीक हैं। ऐसे में घरों और बाजारों में रोशनी बनाए रखने के साथ बिजली कटौती से लोगों को राहत देना बिजली विभाग के सामने बड़ी जिम्मेदारी है। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि त्योहारों के दौरान प्रदेश में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने साफ कहा कि प्रकाश के पर्व दीपावली पर अनावश्यक शटडाउन और बार-बार बिजली कटौती किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं होगी।
मंत्री ने 29 अक्टूबर को जारी जानकारी के अनुसार, दीपावली, छठ और अन्य त्योहारों की तैयारियों को लेकर 28 अक्टूबर की देर रात लखनऊ स्थित शक्ति भवन में विद्युत विभाग की समीक्षा बैठक की। इस बैठक में बिजली आपूर्ति से लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतों, बिजली चोरी पर कार्रवाई और नए कनेक्शन के आवेदनों के निस्तारण तक कई अहम मुद्दों पर निर्देश दिए गए।
त्योहारों पर बकाया वसूली के नाम पर न काटें कनेक्शन
ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि त्योहारों के दौरान बकाया वसूली के नाम पर उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटने और उन्हें परेशान करने से बचा जाए। उनका कहना था कि त्योहारों के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।

हालांकि, बिजली बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बकायेदारों की वजह से नियमित रूप से बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को ट्रिपिंग और बिजली कटौती की समस्या का सामना नहीं करना चाहिए।
बड़े बिजली चोरों पर कार्रवाई हो, छोटे उपभोक्ताओं को न करें परेशान
बैठक में विजिलेंस टीमों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए मंत्री ने कहा कि संगठित रूप से बड़े पैमाने पर बिजली चोरी करने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय गरीबों, छोटे उपभोक्ताओं और दुकानदारों को परेशान करना उचित नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह बिजली चोरी की जांच के विरोधी नहीं हैं, लेकिन कार्रवाई निष्पक्ष होनी चाहिए। बड़े और संगठित बिजली चोरों को चिह्नित कर उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, छोटे उपभोक्ताओं को जांच के नाम पर अनावश्यक परेशानी न हो। मंत्री ने विजिलेंस टीमों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश भी दिए।
झटपट पोर्टल पर पेंडेंसी और रिजेक्शन पर नाराजगी
नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले लोगों को हो रही परेशानी का मुद्दा भी समीक्षा बैठक में उठा। ऊर्जा मंत्री ने झटपट पोर्टल पर विद्युत कनेक्शन के आवेदनों की अत्यधिक पेंडेंसी और बिना उचित कारण उन्हें निरस्त किए जाने पर चिंता जताई।

उन्होंने निर्देश दिए कि लंबित आवेदनों का तत्काल निस्तारण किया जाए और रिजेक्शन के मामलों की समीक्षा कर व्यवस्था में सुधार लाया जाए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना या बिना उचित कारण रिजेक्ट करना स्वीकार्य नहीं है। इन निर्देशों का उद्देश्य आवेदकों को कनेक्शन प्राप्त करने में होने वाली अनावश्यक देरी और परेशानी कम करना है।
ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने में न हो देरी
बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता सुधारने के लिए ट्रांसफार्मरों के उच्चीकरण पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जहां जरूरत हो, वहां ट्रांसफार्मरों की क्षमता तत्काल बढ़ाई जाए। क्षमता कम होने के कारण बार-बार ट्रिपिंग और बिजली कटौती की समस्या का सामना करने वाले क्षेत्रों में समय पर सुधार किया जाए।
उन्होंने दोहराया कि नियमित बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को बकायेदारों के कारण परेशानी नहीं होनी चाहिए। वहीं, बिजली बिल जमा नहीं करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
नवसृजित नगर पंचायतों में भी मिले निर्बाध बिजली
नवसृजित नगर पंचायतों में बिजली व्यवस्था की समीक्षा करते हुए श्री शर्मा ने कहा कि आधारभूत ढांचे के विकास के लिए नगर विकास विभाग द्वारा लगभग 1,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाने के बावजूद अनेक नगर पंचायतों में अब भी ग्रामीण क्षेत्रों की तर्ज पर बिजली आपूर्ति होना उचित नहीं है।

उन्होंने निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों में मुख्यालयों की तर्ज पर निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। मंत्री ने यह भी कहा कि नगर विकास विभाग जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बजट देने को तैयार है। इसलिए विद्युत व्यवस्था में सुधार के लिए अधिकारियों को तेजी से काम करना चाहिए।
नवंबर के बिजली बिलों में 9.70 प्रतिशत राहत
बैठक के दौरान ऊर्जा मंत्री ने नवंबर माह के बिजली बिलों में प्रदेश के उपभोक्ताओं को 9.70 प्रतिशत की राहत मिलने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस राहत का सीधा लाभ घरेलू, व्यावसायिक और अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं को मिलेगा। जारी जानकारी के अनुसार, यह राहत लगातार पांचवें महीने दी जा रही है।
समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री रणवीर प्रसाद, यूपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक श्री नीतीश कुमार, एमडी श्री मयूर माहेश्वरी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
अब त्योहारों के दौरान इन निर्देशों का असर बिजली आपूर्ति, ट्रिपिंग, नए कनेक्शन के आवेदनों और उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण में दिखाई देना महत्वपूर्ण होगा। विभाग के सामने चुनौती है कि घोषित निर्देशों को जमीनी स्तर पर लागू करते हुए लोगों को त्योहारों के समय निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराई जाए।
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