बसंत पंचमी के पर्व पर दिल्ली-NCR में शुक्रवार सुबह तेज बारिश हुई। मौसम में अचानक बदलाव से ठंड बढ़ी और प्रदूषण से राहत की उम्मीद जगी।
दिल्ली-NCR में बसंत पंचमी के पर्व की शुरुआत इस बार धूप नहीं, बल्कि तेज बारिश और काले बादलों के साथ हुई। शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे अचानक मौसम ने करवट ली और पूरे क्षेत्र में बूंदाबांदी शुरू हो गई। करीब 15 मिनट तक लगातार बारिश होती रही, जिससे तापमान में गिरावट और ठिठुरन बढ़ गई।
मौसम विभाग ने पहले ही 23 जनवरी के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया था। विभाग के अनुसार, शुक्रवार दोपहर तक आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर हल्की बारिश की संभावना है। साथ ही बारिश के दौरान आंधी और बिजली कड़कने का भी अनुमान जताया गया है। हवाएं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं और सुबह के समय हल्का कोहरा भी देखा गया।

इस बारिश का असर जनजीवन पर साफ नजर आया। राजधानी दिल्ली में सुबह-सुबह बारिश होने से ऑफिस जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया, जिससे भीषण ट्रैफिक जाम लग गया और यात्रियों को आवागमन में दिक्कत हुई। सर्दी के इस मौसम में इसे पहली बड़ी बारिश माना जा रहा है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार 22 जनवरी को दिल्ली में बीते सात वर्षों का सबसे गर्म जनवरी दिवस दर्ज किया गया। सफदरजंग वेधशाला में अधिकतम तापमान 27.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। हालांकि, अगले 24 घंटों में तापमान में फिर गिरावट आने की संभावना है।
वायु गुणवत्ता की बात करें तो 22 जनवरी को भी दिल्ली की हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी रही और AQI 313 दर्ज किया गया। अब गरज के साथ हुई बारिश से प्रदूषण में कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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