हापुड़ और आसपास के इलाकों में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो चुका है। मौसम विभाग ने अगले एक हफ्ते के लिए हीटवेव का अलर्ट जारी किया है, जिसमें तापमान 45 डिग्री तक पहुंच सकता है।
अप्रैल का महीना अभी आधा भी नहीं बीता है, लेकिन गर्मी ने अपने तेवर ऐसे दिखाने शुरू कर दिए हैं मानो जून-जुलाई का मौसम आ गया हो। उत्तर प्रदेश के हापुड़ और आसपास के इलाकों में आने वाले दिनों में भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है। India Meteorological Department यानी मौसम विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि 16 से 23 अप्रैल के बीच तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
यह अनुमान न सिर्फ आम लोगों के लिए चिंता का विषय है, बल्कि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के लिए भी अलर्ट का संकेत है।
अप्रैल में ही ‘लू’ जैसे हालात
मौसम में बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। रात के समय तापमान में थोड़ी राहत जरूर मिल रही है, लेकिन दिन में धूप तेज होती जा रही है। 15 अप्रैल से ही तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है और अब आने वाले दिनों में इसमें और बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।
मौसम विभाग के मुताबिक, न्यूनतम तापमान भी 25 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा। यानी रात में भी गर्मी से ज्यादा राहत नहीं मिलने वाली।

16 से 23 अप्रैल: सबसे ज्यादा सतर्क रहने का समय
मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान इस तरह बढ़ेगा:
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16 अप्रैल: 41°C / 26°C
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17 अप्रैल: 42°C / 28°C
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18 अप्रैल: 43°C / 28°C
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19 अप्रैल: 42°C / 28°C
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20 अप्रैल: 42°C / 27°C
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21 अप्रैल: 43°C / 28°C
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22 अप्रैल: 44°C / 28°C
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23 अप्रैल: 45°C / 28°C
इस दौरान तेज धूप, गर्म हवाएं और उमस भरा मौसम लोगों को बेहाल कर सकता है।
‘कूलर-एसी अभी ठीक करा लें’
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार गर्मी सामान्य से ज्यादा तेज पड़ सकती है। ऐसे में लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे समय रहते अपने कूलर और एसी की सर्विस करवा लें।
अचानक तापमान बढ़ने पर तकनीकी खराबी से परेशानी हो सकती है, इसलिए पहले से तैयारी करना बेहतर होगा।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर
भीषण गर्मी और संभावित हीटवेव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वेद प्रकाश के अनुसार, जिले के नौ अस्पतालों में विशेष हीटवेव वार्ड तैयार किए जा रहे हैं।
जिला अस्पताल में सबसे बड़ा हीटवेव वार्ड बनाया जाएगा, जहां गंभीर मरीजों का इलाज किया जाएगा। डॉक्टरों की टीम को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

बीमारियों का बढ़ा खतरा
मौसम बदलने के साथ ही बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. कपिल गौतम के अनुसार, इन दिनों खांसी, जुकाम, बुखार और पेट दर्द के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
हल्की ठंड के बाद अचानक गर्मी बढ़ने से शरीर को एडजस्ट करने में दिक्कत हो रही है, जिससे लोग जल्दी बीमार पड़ रहे हैं। अस्पतालों की ओपीडी में भी मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
इस तरह करें बचाव
तेज गर्मी और लू से बचने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कुछ जरूरी सलाह दी हैं:
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शरीर को हाइड्रेटेड रखें, ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं
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नींबू पानी, छाछ, दही और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें
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दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें
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हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें
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धूप में निकलते समय टोपी, चश्मा और सनस्क्रीन का उपयोग करें
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खीरा, तरबूज, ककड़ी और खरबूजा जैसे फलों का सेवन करें
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चक्कर, सिरदर्द या कमजोरी महसूस हो तो तुरंत छांव में जाएं और पानी पिएं
किसानों के लिए भी चुनौती
गर्मी और तेज हवाओं का असर सिर्फ लोगों पर ही नहीं, बल्कि फसलों पर भी पड़ रहा है। गेहूं, जौ और ज्वार की फसलें तेजी से पकने लगी हैं।
तेज धूलभरी हवाओं के कारण बालियां सूखने लगी हैं, जिससे किसानों को नुकसान का डर सता रहा है। इसी वजह से किसान तेजी से फसल की कटाई और गहाई में जुट गए हैं, ताकि मौसम के बदलाव से पहले फसल सुरक्षित कर सकें।

आगे राहत की उम्मीद?
मौसम विभाग के अनुसार अप्रैल के चौथे सप्ताह में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके चलते दो दिनों तक हल्की बारिश होने की संभावना है।
हालांकि, यह राहत अस्थायी होगी और इसके बाद फिर से तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है।
दिल्ली-NCR में भी बढ़ेगा पारा
हापुड़ के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर में भी गर्मी तेजी से बढ़ रही है। अगले 72 घंटों में तापमान 42 डिग्री के पार जाने का अनुमान है।
इससे साफ है कि पूरे उत्तर भारत में गर्मी का असर एक साथ देखने को मिलेगा।
सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
इस पूरे मौसमीय बदलाव का सबसे बड़ा संदेश यही है कि अब लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। अप्रैल में ही जिस तरह की गर्मी देखने को मिल रही है, वह आने वाले महीनों के संकेत दे रही है।
ऐसे में जरूरी है कि लोग समय रहते सतर्क हो जाएं और अपनी दिनचर्या में जरूरी बदलाव करें।
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