महाराष्ट्र के नासिक में ‘भोंदू बाबा’ अशोक खरात की गिरफ्तारी के बाद सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। SIT को 5 दिनों में 50 से ज्यादा शिकायतें मिली हैं, जबकि 8 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और वसूली के आरोपों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
अशोक खरात उर्फ ‘भोंदू बाबा’ के खिलाफ महाराष्ट्र के नासिक में चल रही जांच ने अब बड़ा और सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। खुद को ज्योतिषी और आध्यात्मिक गुरु बताने वाले इस कथित बाबा पर लगे आरोप अब एक संगठित अपराध की तस्वीर पेश कर रहे हैं। गिरफ्तारी के बाद सामने आ रही जानकारियों ने प्रशासन और आम लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
SIT को 5 दिन में 50 से ज्यादा शिकायतें
राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच टीम (SIT) को बीते पांच दिनों में 50 से अधिक कॉल्स प्राप्त हुए हैं। इन कॉल्स में लोगों ने बाबा अशोक खरात के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। SIT ने आम लोगों से जानकारी जुटाने के लिए दो हेल्पलाइन नंबर जारी किए थे, जिसके बाद हर दिन औसतन 15 से 20 कॉल्स आ रहे हैं।
इन शिकायतों में यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली और अश्लील वीडियो बनाने जैसे आरोप शामिल हैं। जांच एजेंसियां हर शिकायत की गंभीरता से जांच कर रही हैं और संभावित पीड़ितों से संपर्क किया जा रहा है।
रेप और ब्लैकमेलिंग के आरोपों से हड़कंप
मामले की शुरुआत तब हुई जब एक 35 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया कि बाबा अशोक खरात ने उसके साथ तीन साल तक बार-बार दुष्कर्म किया। महिला के मुताबिक, बाबा ने उसे डराकर और झांसा देकर शारीरिक शोषण किया।
इस शिकायत के बाद जैसे ही गिरफ्तारी हुई, कई अन्य महिलाएं भी सामने आईं और उन्होंने भी इसी तरह के आरोप लगाए। अब तक कुल 8 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें यौन शोषण, धमकी और ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।
ऑफिस से मिली डायरी और अहम दस्तावेज
जांच को आगे बढ़ाते हुए SIT टीम ने नासिक स्थित बाबा के कार्यालय पर छापा मारा। इस दौरान फॉरेंसिक टीम भी मौजूद रही। टीम को मौके से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, फाइलें और एक डायरी मिली है।
अधिकारियों का मानना है कि यह डायरी कई पीड़ितों और कथित लेन-देन की जानकारी उजागर कर सकती है। इन दस्तावेजों को जब्त कर लिया गया है और उनकी गहन जांच की जा रही है।
शस्त्र लाइसेंस निलंबित, हथियार बरामद
मामले की गंभीरता को देखते हुए नासिक प्रशासन ने बाबा अशोक खरात का शस्त्र लाइसेंस भी निलंबित कर दिया है। प्रशासन को आशंका थी कि आरोपी हथियारों का इस्तेमाल कर पीड़ितों को धमका सकता है।
जानकारी के अनुसार, खरात ने 2012 में रिवॉल्वर का लाइसेंस लिया था, जिसे 2024 में रिन्यू किया गया था और इसकी वैधता 2028 तक थी। पुलिस ने उनके पास से हथियार और गोलियां भी बरामद की हैं। यह कार्रवाई Arms Act की धारा 17(3) के तहत की गई है।
‘अश्लील वीडियो’ बनाकर करता था वसूली?
SIT को मिली शिकायतों के अनुसार, बाबा कथित तौर पर महिलाओं के अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करता था और पैसे वसूलता था। कई कॉलर्स ने दावा किया है कि उनके साथ भी इसी तरह की घटनाएं हुई हैं।

हालांकि, इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच एजेंसियां हर एंगल से मामले की जांच कर रही हैं।
पीड़ितों की पहचान रहेगी गोपनीय
SIT ने यह साफ किया है कि जो भी लोग आगे आकर शिकायत कर रहे हैं, उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इससे ज्यादा से ज्यादा लोग बिना डर के सामने आ सकें और सच सामने आ सके।
जांच में और बड़े खुलासों की संभावना
अधिकारियों का कहना है कि यह मामला अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। लगातार मिल रही शिकायतों से यह साफ है कि मामला काफी व्यापक हो सकता है।
नासिक का यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति के अपराध तक सीमित नहीं दिखता, बल्कि यह उन अंधविश्वासों और आस्था के नाम पर होने वाले शोषण की कड़वी सच्चाई भी उजागर करता है। प्रशासन की सख्ती और SIT की जांच से उम्मीद है कि सभी पीड़ितों को न्याय मिलेगा और ऐसे मामलों पर कड़ी रोक लगेगी।