नोएडा में डेटिंग ऐप के जरिए लोगों को फंसाकर लूटने वाले गैंग का पर्दाफाश, पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर नकदी, मोबाइल और कार बरामद की
उत्तर प्रदेश के नोएडा में ऑनलाइन डेटिंग ऐप के जरिए लोगों को फंसाकर लूटपाट और धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गैंग का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। नोएडा पुलिस के थाना सेक्टर-113 की टीम ने इस गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से नकदी, मोबाइल फोन, एक कार और अन्य सामान बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 30 मार्च 2026 को मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर की गई। टीम ने सेक्टर-76 क्षेत्र में छापेमारी कर तीन आरोपियों—शिवम झा, सागर ठाकुर और कमल—को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 30,000 रुपये नकद, 4 मोबाइल फोन, एक बिना नंबर प्लेट की Baleno कार, पीली धातु की एक चैन और दो अलग-अलग कार नंबर प्लेट बरामद की हैं। पुलिस का मानना है कि ये सभी सामान अपराध में इस्तेमाल किए जाते थे।

कैसे करते थे अपराध?
जांच में सामने आया कि यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देता था। आरोपी ऑनलाइन डेटिंग ऐप—विशेष रूप से “ग्राइंडर” के जरिए लोगों से संपर्क करते थे।
सबसे पहले ये आरोपी पीड़ित से दोस्ती करते, विश्वास जीतते और फिर उसे किसी सुनसान या तय स्थान पर मिलने के लिए बुलाते थे। मुलाकात के दौरान आरोपी पीड़ित को अपनी Baleno कार में बैठा लेते और फिर उसे डरा-धमकाकर उससे पैसे ऐंठते थे।
इतना ही नहीं, आरोपी पीड़ित से जबरन ऑनलाइन ट्रांजेक्शन भी कराते थे, जिससे उनके बैंक खातों से पैसे निकाल लिए जाते थे। इसके बाद पीड़ित को छोड़ दिया जाता था।

आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार तीनों आरोपी अलग-अलग राज्यों से हैं लेकिन वर्तमान में नोएडा में रह रहे थे।
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शिवम झा (20 वर्ष) — मूल निवासी दरभंगा, बिहार
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सागर ठाकुर (18 वर्ष) — मूल निवासी दरभंगा, बिहार
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कमल (26 वर्ष) — मूल निवासी अल्मोड़ा, उत्तराखंड
तीनों आरोपी नोएडा के सेक्टर-51 क्षेत्र के होशियारपुर गांव में रह रहे थे और वहीं से अपने आपराधिक नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।
मुख्य आरोपी का आपराधिक इतिहास
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी शिवम झा का पहले से ही लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ नोएडा के विभिन्न थानों में लूट और अन्य गंभीर अपराधों के कई मामले दर्ज हैं।
साल 2023 में ही उसके खिलाफ थाना सेक्टर-113, सेक्टर-63 और सेक्टर-49 में धारा 392 (लूट) के कई मुकदमे दर्ज हुए थे। इसके अलावा उस पर आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास (धारा 307) जैसे गंभीर आरोप भी लगे हैं।
दर्ज मुकदमा और धाराएं
इस मामले में थाना सेक्टर-113 में मु0अ0सं0- 098/2026 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 3(5), 317(2) और आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस की सतर्कता से खुलासा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह की गतिविधियों पर पिछले कुछ समय से नजर रखी जा रही थी। लगातार मिल रही शिकायतों और तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस ने इस गैंग तक पहुंच बनाई और उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
बढ़ते साइबर अपराध पर चिंता
इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन डेटिंग ऐप्स के जरिए बढ़ रहे अपराधों पर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में लोग जल्दी विश्वास कर लेते हैं, जिसका फायदा अपराधी उठाते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति से ऑनलाइन बातचीत करते समय सतर्क रहें और बिना सत्यापन के किसी से मिलने न जाएं।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह में और भी सदस्य शामिल हैं या नहीं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितने लोग इस गैंग का शिकार बन चुके हैं। नोएडा में सामने आया यह मामला सिर्फ एक अपराध की कहानी नहीं, बल्कि डिजिटल युग में बढ़ते खतरे की चेतावनी भी है। जहां एक तरफ तकनीक लोगों को जोड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ अपराधी उसी तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
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