दिल्ली के सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन पुलिस ने चलती ट्रेन से बैग झपटने के मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक 23 सितंबर की रात दयाबस्ती रेलवे स्टेशन के पास बीकानेर एक्सप्रेस से यात्री का बैग छीना गया था, जिसमें करीब 12 लाख रुपये मूल्य के आभूषण और अन्य सामान था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कथित तौर पर छीना गया पूरा सामान बरामद कर लिया है।
रेल यात्रा के दौरान एक पल की लापरवाही या अचानक हुई वारदात यात्री के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है। ऐसा ही मामला 23 सितंबर 2026 की रात सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन से चलने वाली बीकानेर एक्सप्रेस में सामने आया, जब एक यात्री का गहनों से भरा बैकपैक चलती ट्रेन से कथित तौर पर झपट लिया गया।
पुलिस के अनुसार, राजस्थान के बीकानेर के गंगाशहर निवासी दलीप सोनी पुत्र किशन लाल सोनी अपने चार साथियों के साथ ट्रेन नंबर 12457 बीकानेर एक्सप्रेस में सवार हुए थे। ट्रेन सराय रोहिल्ला स्टेशन से आगे बढ़ी और करीब रात 11:42 बजे, जब ट्रेन दयाबस्ती रेलवे स्टेशन के पास से गुजर रही थी, तभी कथित तौर पर एक अज्ञात युवक ने दलीप सोनी के दाहिने हाथ में मौजूद हरे रंग का बैकपैक झपट लिया।
पुलिस के मुताबिक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी चलती ट्रेन से नीचे कूद गया।
यात्री के लिए परेशानी सिर्फ बैग चोरी होने तक सीमित नहीं थी। बैग के अंदर कई आभूषण, दस्तावेज और कपड़े रखे हुए थे, जिनकी कुल अनुमानित कीमत शिकायतकर्ता ने करीब 12 लाख रुपये बताई।
FIR दर्ज होते ही शुरू हुई तलाश
घटना के बाद मामले में 24 सितंबर 2026 को FIR संख्या 33/2026 दर्ज की गई। यह मामला धारा 304(2) BNS के तहत थाना सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन में दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन की ओर से एक विशेष जांच टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने आरोपी की पहचान और उसके संभावित ठिकाने का पता लगाने के लिए लगातार इंटेलिजेंस आधारित जांच और तकनीकी इनपुट पर काम किया।
जांच के दौरान पुलिस ने संभावित संदिग्धों और उनके बारे में उपलब्ध जानकारी को खंगाला। लगातार किए गए प्रयासों के बाद पुलिस टीम आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।
5 अक्टूबर को आरोपी शौएब गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, लगातार की गई जांच के बाद 5 अक्टूबर 2026 को आरोपी शौएब को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी की पहचान शौएब पुत्र मोहम्मद शकूर उर्फ सकूर, उम्र 26 वर्ष, निवासी इंद्रलोक, दिल्ली के रूप में हुई है।
पुलिस का कहना है कि मामले में गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ और आगे की जांच जारी है।
12 लाख की संपत्ति की 100 फीसदी बरामदगी का दावा
इस मामले में पुलिस की कार्रवाई की सबसे बड़ी उपलब्धि कथित तौर पर छीने गए सामान की 100 प्रतिशत बरामदगी बताई गई है।
पुलिस के अनुसार बरामद सामान में—
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हरे रंग का बैकपैक
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3 नेकलेस
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1 चूड़ी

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2 चिक
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2 पेंडेंट सेट
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अन्य ढीले आभूषण
शामिल हैं।
बरामद संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई गई है।
शिकायतकर्ता के अनुसार बैग में पहचान संबंधी दस्तावेज, व्यक्तिगत दस्तावेज और कपड़े भी मौजूद थे। पुलिस की ओर से प्रस्तुत विवरण के अनुसार बरामदगी में आभूषणों के साथ बैकपैक भी शामिल है।
पहले भी कई मामलों में नाम सामने आ चुका है आरोपी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपी शौएब का पूर्व में भी कई मामलों में आपराधिक इतिहास दर्ज है। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
इनमें FIR संख्या 382/2021, थाना आनंद पर्वत, जिसमें धारा 308/34 IPC के तहत मामला दर्ज था।
इसके अलावा FIR संख्या 04/2022, थाना दिल्ली कैंट, में धारा 356/379/411/186/353/332/34 IPC और 27/54/59 Arms Act से संबंधित धाराएं दर्ज थीं।
इसी तरह FIR संख्या 79/2022, थाना सराय रोहिल्ला, में धारा 356/379/34 IPC तथा FIR संख्या 20663/2017, थाना रूप नगर, में धारा 379/411 IPC के तहत मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
इन पुराने मामलों का उल्लेख पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर किया गया है। मौजूदा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच जारी है।
इन पुलिसकर्मियों की टीम ने किया केस का खुलासा
मामले के खुलासे में शामिल पुलिस टीम में ASI शंभू प्रसाद नंबर 208/Rly, HC सुरजीत यादव नंबर 609/Rly, कांस्टेबल दीपक नंबर 840/Rly, कांस्टेबल सुनील नंबर 845/Rly, कांस्टेबल मनजीत नंबर 865/Rly और कांस्टेबल राजेश नंबर 956/Rly शामिल रहे।
पूरी टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कार्रवाई की।
पुलिस टीम को DCP/Railways बी. भारत रेड्डी, ACP/ODSD संजीव चाहर और थाना सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन के SHO इंस्पेक्टर ललित कुमार का मार्गदर्शन और पर्यवेक्षण प्राप्त हुआ।
चलती ट्रेन में वारदात से लेकर गिरफ्तारी तक 11 दिन की जांच
23 सितंबर की रात हुई वारदात के बाद 24 सितंबर को FIR दर्ज हुई और करीब 11 दिन की जांच के बाद 5 अक्टूबर को आरोपी की गिरफ्तारी की गई। पुलिस के मुताबिक इस दौरान तकनीकी इनपुट और लगातार फील्ड प्रयासों के जरिए आरोपी की पहचान और उसके ठिकाने तक पहुंचने का काम किया गया।
पुलिस ने इस कार्रवाई को त्वरित जांच और समन्वित फील्ड प्रयासों का परिणाम बताया है।
फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने वारदात को किस तरह अंजाम दिया और इस घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की क्या कड़ियां सामने आती हैं।
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