दिल्ली के नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट में 19.50 लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। CCTV, ANPR और तकनीकी सर्विलांस से आरोपियों तक पहुंची पुलिस ने 9.90 लाख रुपये नकद और लूट की रकम से खरीदा गया iPhone 17 Pro बरामद किया। बाकी आरोपियों और रकम की तलाश यूपी व उत्तराखंड में जारी है।
दिल्ली के उत्तरी जिले में करीब 19.50 लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, इस पूरी वारदात की कड़ी कुचा घासी राम से लेकर GPO, रानी झांसी फ्लाईओवर और फिर दिल्ली से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड तक फैली हुई थी।
पुलिस ने इस मामले में CCTV फुटेज, ANPR कैमरों और तकनीकी सर्विलांस को आधार बनाकर आरोपियों की पहचान और उनकी गतिविधियों को ट्रैक किया। कार्रवाई के दौरान 9.90 लाख रुपये की लूटी गई नकदी और लूट के पैसों से खरीदा गया करीब एक लाख रुपये का iPhone 17 Pro बरामद किया गया है।
हालांकि, पुलिस के अनुसार लूट की बाकी रकम और कुछ अन्य आरोपियों की तलाश अभी जारी है।
पहले GPO के पास बनाई थी घेरने की कोशिश
घटना 30 सितंबर 2026 की है। पुलिस के अनुसार, मुकैश और रामेश्वर अपने पुराने लाजपत राय मार्केट स्थित कार्यालय से करीब 19.50 लाख रुपये नकद लेकर स्कूटी से करोल बाग की ओर जा रहे थे।
छत्ता रेल पार करने के बाद जब वे GPO के पास पहुंचे तो दो मोटरसाइकिलों पर सवार कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोककर रोडरेज के बहाने विवाद शुरू कर दिया।
लेकिन मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी, जिसके बाद कथित तौर पर बदमाशों ने पहला प्रयास छोड़ दिया और वहां से निकल गए।
पीड़ितों ने इसके बाद दोबारा करोल बाग की ओर सफर शुरू कर दिया।
रानी झांसी फ्लाईओवर पर लूट
पुलिस के मुताबिक, जब दोनों सेंट स्टीफंस अस्पताल के पास रानी झांसी फ्लाईओवर पर पहुंचे, तभी दो मोटरसाइकिलों पर सवार 4-5 लोगों ने उनकी स्कूटी को अचानक रोक लिया।
आरोप है कि बदमाशों ने दोनों के साथ मारपीट की और नकदी से भरा बैग जबरन छीनकर फरार हो गए।
मामले में FIR संख्या 446/26, दिनांक 1 अक्टूबर 2026, थाना कश्मीरी गेट में BNS की धाराओं 309(4), 309(6) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया।
CCTV ने खोली पूरी कहानी
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कश्मीरी गेट और नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ की संयुक्त टीमें बनाई गईं।
DCP नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट निहारिका भट्ट, IPS के समग्र पर्यवेक्षण में टीमों ने मौके और आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगालने शुरू किए।
जांच में सामने आया कि छह लोग दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर पीड़ितों का पीछा कर रहे थे। पुलिस ने छत्ता रेल से लेकर ISBT और तीस हजारी तक उनके संभावित रास्तों को CCTV के जरिए ट्रैक किया।
इसके बाद शिकायतकर्ता की दुकान के बाहर लगे कैमरों की भी जांच की गई।
पुलिस के अनुसार, दो संदिग्ध पहले शिकायतकर्ता की दुकान के बाहर मौजूद थे और बाद में कुचा घासी राम से मुकैश का पीछा करने लगे, जहां वह भुगतान लेने गया था।
यानी पुलिस की जांच में यह संकेत मिला कि वारदात अचानक नहीं हुई, बल्कि पीड़ित की गतिविधियों पर पहले से नजर रखी जा रही थी।
ANPR कैमरे से मोटरसाइकिल तक पहुंची पुलिस
CCTV के साथ पुलिस ने कई ANPR कैमरों का विश्लेषण किया। इसी प्रक्रिया में वारदात में इस्तेमाल एक मोटरसाइकिल की पहचान हुई।
पुलिस ने वाहन के स्वामित्व की कड़ी को खंगाला। जांच में सामने आया कि मोटरसाइकिल पहले परवेज के नाम पर थी, जिसने इसे अनस को बेचा। इसके बाद यह ओमकार के पास गई और आखिरकार आरोपी दानिश के कब्जे में पहुंची।
तकनीकी सर्विलांस से पुलिस ने वारदात के समय घटनास्थल के आसपास दानिश की मौजूदगी का भी पता लगाया। इसके बाद उसके कथित सहयोगियों अभिषेक, शाकिर, सुलेमान, अरुण और सुभाष की पहचान हुई।
मनाली से लौटते वक्त चार आरोपी पकड़े गए
पुलिस के मुताबिक, लगातार निगरानी और तकनीकी इनपुट के आधार पर अभिषेक, शाकिर, सुलेमान और अरुण को 3 अक्टूबर को उस समय पकड़ा गया, जब वे मनाली से दिल्ली लौट रहे थे।
जांच में यह भी सामने आया कि वारदात के बाद आरोपी कथित तौर पर मनाली गए थे और वहां लूट की रकम का कुछ हिस्सा खर्च किया।
दूसरी मोटरसाइकिल के मालिक बताए गए सुभाष कश्यप को भी आरोपियों की निशानदेही पर गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अभिषेक तिवारी (21), शाकिर (26), सुलेमान उर्फ शाहरुख (23), अरुण (26) और सुभाष कश्यप (26) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी रामपार्क/लोनी, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश क्षेत्र से संबंधित हैं।
लूट के पैसों से खरीदा iPhone 17 Pro
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9.90 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा करीब एक लाख रुपये कीमत का नया iPhone 17 Pro भी मिला है।
पुलिस का दावा है कि यह फोन कथित तौर पर लूट की रकम से खरीदा गया था।
पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कथित साजिश की एक और कड़ी का पता लगाया है। पुलिस के अनुसार, बृज, जो चांदनी चौक इलाके में काम करता है, को नकदी की आवाजाही की जानकारी थी। आरोप है कि उसने अभिषेक के साथ मिलकर अमन और पिंटू को पीड़ितों पर नजर रखने के लिए लगाया।
जांच के अनुसार, अमन और पिंटू ने कुचा घासी राम से पीड़ित का पीछा किया और सीसगंज गुरुद्वारे के पास अरुण और अभिषेक को उसकी पहचान बताई।
इसके बाद छह लोग दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर पीड़ितों के पीछे लगे रहे। कश्मीरी गेट के पास पहली कोशिश नाकाम होने के बाद कथित तौर पर रानी झांसी फ्लाईओवर पर लूट को अंजाम दिया गया।
वारदात के बाद आरोपी सदर बाजार और पहाड़गंज की ओर भागे और कथित तौर पर लूट की रकम आपस में बांट ली।
पुलिस के मुताबिक, सुभाष दिल्ली में रुक गया, जबकि अमन और पिंटू कथित तौर पर नैनीताल की ओर भागे। बाकी आरोपियों और लूट की शेष रकम की बरामदगी के लिए पुलिस की टीमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड भेजी गई हैं।
जांच अभी जारी है और पुलिस सभी आरोपियों की भूमिका तथा पूरी साजिश की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
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