दिल्ली के उत्तरी जिले में ऑपरेशन सेल और एंटी-नारकोटिक्स सेल की संयुक्त टीम ने वजीराबाद इलाके में मुठभेड़ के बाद गोगी-दीपक बॉक्सर गैंग से कथित रूप से जुड़े 31 वर्षीय आरोपी मोहित उर्फ KD को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने घेराबंदी के दौरान पुलिस टीम पर दो गोलियां चलाईं, जिनमें से एक गोली पुलिसकर्मी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने तीन राउंड फायर किए। आरोपी के कब्जे से दो पिस्टल, चार जिंदा कारतूस और चोरी की एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है। प्रारंभिक जांच में उसके दिल्ली आने का मकसद एक गंभीर आपराधिक वारदात को अंजाम देना बताया गया है।
उत्तरी दिल्ली में बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात उस वक्त हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस ने एक संदिग्ध हथियारबंद शख्स को रोकने की कोशिश की और कथित तौर पर उसने पुलिस टीम पर ही गोलियां चला दीं। कुछ ही पलों में दोनों तरफ से फायरिंग हुई और फिर पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को दबोच लिया, जिसे जांच एजेंसियां गोगी-दीपक बॉक्सर गैंग से कथित तौर पर जुड़ा शूटर बता रही हैं।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई ऑपरेशंस सेल, नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट और एंटी-नारकोटिक्स सेल, नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की संयुक्त टीम ने की। अभियान वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में चलाया गया।
मुखबिर की सूचना से शुरू हुई पूरी कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक हेड कांस्टेबल आशीष को एक विश्वसनीय स्रोत से एक हथियारबंद संदिग्ध की आवाजाही को लेकर महत्वपूर्ण सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर STF और एंटी-नारकोटिक्स सेल की संयुक्त टीम तैयार की गई।
कार्रवाई DCP नॉर्थ निहारिका भट्ट, Addl. DCP-I पुखराज कमल गुप्ता, Addl. DCP-II राम दलेश मीणा, ACP ऑपरेशन विशाल धत्तरवाल और इंस्पेक्टर आशीष दुबे की निगरानी एवं नेतृत्व में की गई। टीम में SI जगबीर, SI परवीन, ASI राजीव, HC आशीष, HC मनोज, HC मुकुल, कांस्टेबल निशांत, HC सौरव और कांस्टेबल दीपांशु शामिल थे।

पुलिस के अनुसार 23 और 24 सितंबर की दरम्यानी रात करीब 1:40 बजे वजीराबाद इलाके में एक संदिग्ध मोटरसाइकिल पर आता दिखाई दिया। टीम ने उसे रुकने के लिए कहा।
आरोप है कि संदिग्ध ने पहले भागने की कोशिश की और फिर पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने दो राउंड फायर किए, जिसके जवाब में पुलिस टीम की ओर से तीन राउंड चलाए गए।
इस दौरान आरोपी की ओर से चली एक गोली पुलिस अधिकारी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। जैकेट की वजह से अधिकारी को कोई चोट नहीं आई। फायरिंग के बाद पुलिस टीम ने आरोपी को काबू में लेकर गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी की पहचान मोहित उर्फ KD, उम्र करीब 31 वर्ष, निवासी सोनीपत, हरियाणा के रूप में की है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस का दावा है कि मोहित का हरियाणा में आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह कथित तौर पर गोगी-दीपक बॉक्सर गैंग का शूटर है। हालिया रिपोर्टों में भी उसे गैंग से जुड़ा संदिग्ध शूटर बताया गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह वर्ष 2023 में थाना गन्नौर, हरियाणा में दर्ज दो आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।

इन मामलों में कथित तौर पर गैर इरादतन हत्या के प्रयास, आपराधिक धमकी और आगजनी से जुड़ी धाराएं तथा समान आपराधिक मंशा के आरोप शामिल थे।
मामले में सबसे अहम खुलासा आरोपी से पूछताछ के दौरान सामने आने की बात पुलिस कह रही है।
प्रारंभिक जांच के मुताबिक मोहित कथित तौर पर टिल्लू ताजपुरिया गैंग से जुड़े एक व्यक्ति की हत्या की योजना के सिलसिले में दिल्ली आया था। पुलिस का कहना है कि उसकी मुलाकात वजीराबाद इलाके में एक अन्य सहयोगी से होनी थी, जो कथित लक्ष्य के ठिकाने और उसकी दिनचर्या के बारे में जानकारी रखता था।
इसके बाद दोनों कथित तौर पर उस व्यक्ति की लोकेशन की ओर जाने वाले थे। पुलिस के अनुसार संभावित लक्ष्य सुबह की सैर के लिए बाहर निकलता था और इसी समय का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देने की कथित योजना थी।
हालांकि पुलिस ने इसे अभी प्रारंभिक जांच का हिस्सा बताया है और इस साजिश से जुड़े अन्य लोगों तथा कथित लक्ष्य की पहचान व भूमिका की पुष्टि के लिए जांच जारी है।

गिरफ्तार आरोपी के पास से पुलिस ने कुल दो पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा जिस मोटरसाइकिल का आरोपी इस्तेमाल कर रहा था, उसके बारे में पुलिस ने बताया कि वह दिल्ली के इंद्रपुरी थाने में दर्ज चोरी के एक मामले से जुड़ी हुई है।
बरामद हथियार, कारतूस और अन्य साक्ष्यों को कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त कर लिया गया है। पुलिस इन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भी भेज रही है, ताकि हथियारों और फायरिंग की पूरी कड़ी को सत्यापित किया जा सके।
FIR दर्ज, जांच आगे जारी
मामले में वजीराबाद थाने में FIR नंबर 444/2026 दर्ज की गई है। आरोपी के खिलाफ BNS की धाराओं 221, 132, 109(1) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25/27 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी दिल्ली में किन लोगों के संपर्क में था, उसके पास हथियार कहां से आए, चोरी की बाइक का इस्तेमाल किस नेटवर्क ने किया और जिस कथित वारदात के लिए वह दिल्ली आया था, उसकी पूरी साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई संगठित आपराधिक गिरोहों और हथियारबंद अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। फिलहाल एक बात साफ है—वजीराबाद की उस रात की फायरिंग में पुलिस अधिकारी की बुलेटप्रूफ जैकेट ने एक गोली का असर रोक दिया, लेकिन अब जांच इस सवाल का जवाब तलाश रही है कि दिल्ली में प्रस्तावित उस कथित वारदात के पीछे आखिर पूरा नेटवर्क कितना बड़ा था।
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