ग्रेटर नोएडा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अनुभूत वेलफेयर फाउंडेशन (AWF) और तकनीकी ब्रांड itel के CSR सहयोग से GNIDA को आधुनिक कचरा प्रबंधन उपकरण सौंपे गए हैं, जिससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था और रीसाइक्लिंग प्रणाली को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
तेजी से विकसित हो रहे ग्रेटर नोएडा शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अनुभूत वेलफेयर फाउंडेशन (AWF) ने देश के अग्रणी प्रौद्योगिकी ब्रांड itel के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) सहयोग से ‘सफाई मित्र सारथी’ पहल के अंतर्गत ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) को विभिन्न आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन संसाधन एवं उपकरण उपलब्ध कराए हैं।
प्राधिकरण कार्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान यह उपकरण औपचारिक रूप से GNIDA को सौंपे गए। इस पहल का उद्देश्य न केवल शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करना है, बल्कि स्वच्छता कर्मियों को सशक्त बनाना, कचरा संग्रहण एवं रीसाइक्लिंग प्रक्रियाओं को बेहतर बनाना तथा जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना भी है।
स्वच्छता व्यवस्था को मिले आधुनिक संसाधन
कार्यक्रम के तहत GNIDA को चार अत्याधुनिक ई-रिक्शा उपलब्ध कराए गए, जिन्हें सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) सामग्री से सुसज्जित किया गया है। इसके अलावा चार पीईटी (PET) बोतल संग्राहक, एक प्लास्टिक श्रेडर मशीन और दो विद्युत स्टैकर मशीनें भी प्रदान की गईं।

इन संसाधनों को शहर के प्रमुख अपशिष्ट प्रबंधन केंद्रों पर तैनात किया जाएगा, जिनमें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय, फीडबैक फाउंडेशन का मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) केंद्र तथा इंडियन पॉल्यूशन कंट्रोल एसोसिएशन (IPCA) का मटेरियल रिकवरी केंद्र शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन उपकरणों के उपयोग से कचरा संग्रहण और परिवहन की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी। साथ ही प्लास्टिक और अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री के पृथक्करण एवं रीसाइक्लिंग में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।
कार्यक्रम में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी
इस अवसर पर ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें ओएसडी (स्वास्थ्य) गिरीश कुमार झा, पीजीएम (परियोजना) संदीप चंद्रा तथा वरिष्ठ प्रबंधक (स्वास्थ्य) राजेश गौतम प्रमुख रूप से शामिल रहे।
अधिकारियों ने इस पहल को शहर की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि सार्वजनिक और निजी संस्थाओं के सहयोग से ही आधुनिक शहरी चुनौतियों का प्रभावी समाधान संभव है।

itel ने जताई सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्धता
कार्यक्रम के दौरान itel इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अरिजीत तालापात्रा ने कहा कि itel केवल एक तकनीकी ब्रांड नहीं, बल्कि समाज के विकास में सहभागी संस्था के रूप में भी कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले 16 वर्षों से itel भारत में विश्वसनीयता, किफायती तकनीक और टिकाऊ उत्पादों के लिए जाना जाता है। कंपनी का उद्देश्य केवल उपभोक्ताओं तक तकनीक पहुंचाना नहीं, बल्कि सामाजिक विकास और जनकल्याण से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाना है।
उन्होंने कहा कि अनुभूत वेलफेयर फाउंडेशन के साथ मिलकर संचालित ‘सफाई मित्र सारथी’ पहल भारत को स्वच्छ और सशक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। यह साझेदारी अत्याधुनिक तकनीक और सामाजिक उत्तरदायित्व के समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत करती है।
कचरा प्रबंधन को मिलेगा नया आयाम
GNIDA, AWF और itel के संयुक्त प्रयासों से शहर में संसाधनों के पुनः उपयोग (Resource Recovery) को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, पुनर्चक्रण और सामग्री प्रबंधन प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसी पहलें लगातार जारी रहीं तो ग्रेटर नोएडा आने वाले वर्षों में ‘सर्कुलर वेस्ट मैनेजमेंट मॉडल’ विकसित करने वाले प्रमुख शहरों में शामिल हो सकता है। इससे न केवल पर्यावरणीय लाभ होंगे बल्कि कचरे से संसाधन निर्माण की अवधारणा को भी बल मिलेगा।
सफाई मित्रों के सम्मान और सुरक्षा पर विशेष ध्यान
‘सफाई मित्र सारथी’ पहल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह देशभर के स्वच्छता कर्मियों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और समावेशी कार्य वातावरण तैयार करने का प्रयास करती है।
इस पहल के अंतर्गत कार्यस्थल सुरक्षा, स्वास्थ्य सहायता, सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण, कौशल विकास तथा क्षमता निर्माण जैसे कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसका उद्देश्य स्वच्छता कर्मियों को केवल श्रमिक के रूप में नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रमुख स्तंभ के रूप में स्थापित करना है।
अनुभूत वेलफेयर फाउंडेशन (AWF) एक गैर-लाभकारी संस्था है जो पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समावेशन और टिकाऊ कचरा प्रबंधन प्रणालियों के विकास के लिए पूरे देश में कार्य कर रही है।

संस्था द्वारा विभिन्न शहरों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, व्यवहार परिवर्तन अभियान और स्वच्छता कार्यक्रमों का सफल संचालन किया जा चुका है। AWF का लक्ष्य सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देना और स्वच्छता कर्मियों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाना है।
स्वच्छ और टिकाऊ शहर की ओर बढ़ता ग्रेटर नोएडा
तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण के बीच कचरा प्रबंधन आज हर शहर के सामने बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसे समय में GNIDA, AWF और itel की यह साझेदारी एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में सामने आई है।
यह पहल न केवल कचरा प्रबंधन प्रणाली को आधुनिक बनाएगी, बल्कि नागरिकों को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने में मदद करेगी। उम्मीद की जा रही है कि इस सहयोग से ग्रेटर नोएडा स्वच्छ, हरित और टिकाऊ शहर बनने की दिशा में एक मजबूत कदम आगे बढ़ाएगा।
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