सहारनपुर में पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक लाख रुपये का इनामी अपराधी ललन सिंह उर्फ लल्लन मारा गया। वह बिहार और उत्तर प्रदेश में हत्या, डकैती, पुलिसकर्मियों पर हमले, सरकारी हथियार लूटने और कैश वैन लूट जैसी कई संगीन वारदातों में वांछित था।
करीब एक दशक से उत्तर प्रदेश और बिहार की पुलिस के लिए चुनौती बना कुख्यात अपराधी ललन सिंह उर्फ लल्लन आखिरकार अपने अंजाम तक पहुंच गया। कई सनसनीखेज हत्याओं, पुलिस अधिकारियों पर हमलों, सरकारी हथियारों की लूट और करोड़ों रुपये की डकैतियों में वांछित इस इनामी बदमाश की मौत सहारनपुर में हुई पुलिस मुठभेड़ के बाद हो गई।

पुलिस के अनुसार, बिहार के समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर थाना क्षेत्र के आनंदगोलवा गांव निवासी ललन सिंह पर वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट द्वारा एक लाख रुपये तथा चंदौली पुलिस द्वारा 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और कई राज्यों की पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।

21 और 22 जून 2026 की मध्यरात्रि को सहारनपुर के सरसावा-नकुड़ रोड पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लाल प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम की बदमाशों से मुठभेड़ हुई। इस दौरान ललन सिंह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसावा ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल सहारनपुर रेफर किया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है।

ललन सिंह का आपराधिक इतिहास बेहद भयावह रहा है। वर्ष 2016 में उसने अपने गिरोह के साथ बिहार के नालंदा जिले में उपनिरीक्षक भुवनेश्वर सिंह को गोली मारकर घायल कर दिया था और उनकी सरकारी रिवॉल्वर लूट ली थी। इसके कुछ ही दिनों बाद पटना के बाढ़ थाना क्षेत्र में उपनिरीक्षक सुरेश ठाकुर की हत्या कर उनकी सरकारी पिस्तौल लूट ली गई। उसी वर्ष गर्दनीबाग क्षेत्र में एएसआई आर.ओ. चौधरी की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई और उनका सरकारी हथियार लूट लिया गया।

वर्ष 2017 में ललन सिंह और उसका गिरोह लगातार खूनी वारदातों को अंजाम देता रहा। नालंदा के सोहसराय में कैश वैन पर हमला कर गार्ड वृजनंदन प्रसाद सिंह और कैशियर रंजीत कुमार की हत्या करते हुए करीब 20 लाख रुपये लूट लिए गए। इसके कुछ दिन बाद पटना के बेलछी क्षेत्र में पंजाब नेशनल बैंक शाखा के बाहर दिनदहाड़े अंधाधुंध फायरिंग कर सुरक्षा गार्ड सुरेश सिंह, योगेश्वर दास और कैश वैन चालक अजीत यादव की हत्या कर लगभग 60 लाख रुपये की नकदी लूट ली गई।
इसके अलावा उस पर आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज थे। वर्ष 2022 में वह पुलिस हिरासत से फरार होने के मामले में भी आरोपी बना।

उत्तर प्रदेश में भी ललन सिंह का आतंक कम नहीं था। 1 नवंबर 2022 को चंदौली के सकलडीहा क्षेत्र में उसने लालब्रत चौहान को गोली मारकर उनकी पल्सर मोटरसाइकिल लूट ली थी। इसके ठीक एक सप्ताह बाद 8 नवंबर 2022 को वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र में तैनात वर्ष 2015 बैच के उपनिरीक्षक अजय यादव को उनके निर्माणाधीन मकान के पास गोली मार दी गई थी। हमलावर उनकी सरकारी पिस्तौल और पर्स लूटकर फरार हो गए थे। इस घटना ने पूरे पुलिस विभाग को झकझोर दिया था।

21 नवंबर 2022 को वाराणसी के बड़ागांव क्षेत्र में हुई एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान ललन सिंह ने अपने भाइयों मनीष सिंह और रजनीश सिंह के साथ पुलिस टीम पर जानलेवा हमला किया था। जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों भाई घायल हुए और बाद में उनकी मौत हो गई, जबकि ललन सिंह भाग निकलने में सफल रहा था। उसी मुठभेड़ में उपनिरीक्षक अजय यादव से लूटी गई पिस्तौल बरामद हुई थी।

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