वैश्विक ऑटोमोबाइल कंपोनेंट निर्माता संवर्धना मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड (SAMIL) और उसकी समूह कंपनियों ने लगभग ₹3,491 करोड़ के ग्रीनफील्ड निवेश की योजना प्रस्तुत की है। प्रस्तावित परियोजना में औद्योगिक ढांचे, आधुनिक मशीनरी, टूलिंग और अन्य सुविधाओं का विकास शामिल है। कंपनी के अनुसार, पांच वर्षों में लगभग 15,000 से 20,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य है।
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति देने की क्षमता रखने वाली एक बड़ी निवेश योजना सामने आई है। वैश्विक ऑटोमोबाइल कंपोनेंट निर्माता संवर्धना मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड (SAMIL) ने अपनी समूह कंपनियों के साथ मिलकर लगभग ₹3,491 करोड़ के ग्रीनफील्ड निवेश का प्रस्ताव रखा है। कंपनी की योजना के मुताबिक, इस निवेश के जरिए ऑटोमोबाइल क्षेत्र के महत्वपूर्ण कलपुर्जों से लेकर आधुनिक टूलिंग और एयरोस्पेस कंपोनेंट्स तक के निर्माण के लिए एक एकीकृत विनिर्माण व्यवस्था विकसित की जाएगी।
इस परियोजना से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण बात रोजगार को लेकर है। कंपनी का अनुमान है कि अगले पांच वर्षों में लगभग 15,000 से 20,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं। हालांकि, यह कंपनी की प्रस्तावित योजना का अनुमान है। वास्तविक रोजगार परियोजना के विकास, उत्पादन क्षमता और चरणबद्ध संचालन पर निर्भर करेगा।
ऑटोमोबाइल से एयरोस्पेस तक, क्या-क्या बनेगा?
प्रस्तावित परियोजना का फोकस कई तरह के महत्वपूर्ण औद्योगिक उत्पादों के निर्माण पर रहेगा। इसमें वायरिंग हार्नेस, पीवीसी इंसुलेटेड वायर, वाहनों के बाहरी रियर-व्यू मिरर, इंटीरियर और एक्सटीरियर मिरर सिस्टम तथा ऑटोमोटिव लाइटिंग सिस्टम शामिल हैं।
इसके अलावा कटिंग टूल्स, एयरोस्पेस कंपोनेंट्स, इंजेक्शन मोल्डिंग उत्पाद, आधुनिक टूलिंग समाधान, एग्जॉस्ट सिस्टम और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले अन्य कलपुर्जों के निर्माण की भी योजना है।
इसका उद्देश्य केवल अलग-अलग उत्पाद बनाना नहीं, बल्कि उत्पादन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों को एक ही औद्योगिक इकोसिस्टम में जोड़ना है। कंपनी के प्रस्ताव के अनुसार, इस व्यवस्था में डिजाइन सपोर्ट, प्रिसिजन टूलिंग, कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग, सब-असेंबली, फाइनल असेंबली और उत्पादों की जांच के लिए परीक्षण सुविधाएं शामिल होंगी।
ऐसी एकीकृत व्यवस्था से उत्पादन प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों के बीच तालमेल बढ़ाने और आपूर्ति श्रृंखला को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।
₹3,491 करोड़ कहां खर्च होंगे?
कंपनी ने प्रस्तावित पूंजीगत व्यय का विस्तृत ब्योरा भी दिया है। इसके अनुसार, निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा प्लांट और मशीनरी पर खर्च किया जाएगा।
| मद | प्रस्तावित निवेश |
|---|
| भूमि | ₹183 करोड़ |
| भवन | ₹997 करोड़ |
| प्लांट एवं मशीनरी | ₹1,928 करोड़ |
| यूटिलिटी सुविधाएं | ₹383 करोड़ |
| कुल | ₹3,491 करोड़ |
इस योजना में ₹1,928 करोड़ प्लांट और मशीनरी के लिए निर्धारित किए गए हैं। भवन निर्माण पर ₹997 करोड़ और बिजली, पानी तथा अन्य आवश्यक उपयोगिता सुविधाओं पर ₹383 करोड़ खर्च करने का प्रस्ताव है। भूमि के लिए ₹183 करोड़ का प्रावधान बताया गया है।
कंपनी के मुताबिक, भूमि संबंधी लागत का अनुमान उत्तर प्रदेश निवेश प्रोत्साहन नीति के लागू दिशा-निर्देशों के तहत 75 प्रतिशत सब्सिडी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह लाभ लागू नीति और पात्रता संबंधी शर्तों के अधीन होगा।
कंपनी ने यह भी बताया है कि प्रस्तावित निवेश का वित्तपोषण उसके आंतरिक संसाधनों से किया जाएगा।
दुनिया के 47 देशों में फैला है कारोबार
संवर्धना मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड, मदरसन ग्रुप का हिस्सा है। कंपनी का पंजीकृत कार्यालय मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित वन बीकेसी में है, जबकि इसका कॉरपोरेट कार्यालय प्लॉट नंबर 1, सेक्टर-127, नोएडा, गौतमबुद्ध नगर में स्थित है।
कंपनी का कारोबार ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए विभिन्न कलपुर्जों और विनिर्माण समाधानों की आपूर्ति पर केंद्रित है। इसके उत्पादों में वायरिंग हार्नेस, रियर-व्यू मिरर, पॉलिमर मॉड्यूल, लाइटिंग सिस्टम और प्रिसिजन मेटल कंपोनेंट्स जैसे उत्पाद शामिल हैं।
कंपनी के विवरण के अनुसार, समूह के पास दुनिया के 47 देशों में 425 से अधिक विनिर्माण और परिचालन सुविधाओं का नेटवर्क है। इसमें उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका, मध्य पूर्व, एशिया-प्रशांत क्षेत्र और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। समूह में 2 लाख से अधिक पेशेवर कार्यरत हैं।
वित्त वर्ष 2025-26, यानी 31 मार्च 2026 को समाप्त वर्ष के लिए समूह ने लगभग 23 अरब अमेरिकी डॉलर (करीब ₹1,94,000 करोड़) का कुल कारोबार दर्ज किया।
रोजगार और औद्योगिक विकास पर रहेगी नजर
प्रस्तावित निवेश से जुड़ी रोजगार योजना स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण मानी जा सकती है। यदि कंपनी की योजना निर्धारित समय और दायरे के अनुसार आगे बढ़ती है, तो विनिर्माण, मशीन संचालन, तकनीकी सेवाओं, गुणवत्ता परीक्षण, असेंबली और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में काम के अवसर पैदा हो सकते हैं।
हालांकि, अभी परियोजना की चरणबद्ध समयसीमा, उत्पादन शुरू होने की तारीख और रोजगार की वर्षवार संख्या का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसलिए 15,000 से 20,000 रोजगार का आंकड़ा कंपनी के पांच वर्षीय अनुमान के रूप में देखा जाना चाहिए।
कुल मिलाकर, ₹3,491 करोड़ का यह प्रस्ताव आधुनिक विनिर्माण सुविधाओं और ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स के उत्पादन को विस्तार देने की योजना है। अब इस निवेश की वास्तविक प्रगति, औद्योगिक ढांचे के विकास और रोजगार सृजन के लक्ष्य पर नजर रहेगी।
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