नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. कृष्ण करुणेश ने शहर के कई सेक्टरों का निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था, नालों और अवैध अतिक्रमण की स्थिति का जायजा लिया। लापरवाही मिलने पर कई कर्मचारियों पर कार्रवाई के साथ कई सुधारात्मक निर्देश जारी किए गए।
नोएडा शहर में सफाई व्यवस्था और शहरी प्रबंधन को लेकर नोएडा प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार 10 मार्च 2026 को नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) डॉ. कृष्ण करुणेश ने शहर के विभिन्न सेक्टरों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शहर की सुरक्षा, सफाई व्यवस्था, नालों की स्थिति और सार्वजनिक सुविधाओं का जायजा लिया गया। इस दौरान प्राधिकरण के महाप्रबंधक (सिविल) एस.पी. सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर गंभीर लापरवाही सामने आई, जिस पर सीईओ ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। सेक्टर-8 के पास ई-9 क्षेत्र में मलवा पड़ा हुआ पाया गया। इस मामले में सफाई के लिए तैनात कर्मचारी राहुल और श्रीमती सोनी के साथ ही हेल्थ सुपरवाइजर श्रीप्रकाश मिश्रा की सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए गए। साथ ही संबंधित अवर अभियंता हरेन्द्र मलिक का 10 दिन का वेतन रोकने का आदेश दिया गया।
सीईओ ने नोएडा के बड़े नालों को कवर कर उनके ऊपर ग्रीन जोन विकसित करने की योजना को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर नालों के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति भी सामने आई, जिनकी तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए।
सेक्टर-11 में एन-ब्लॉक मार्केट के पास ड्रेन पर प्रीकास्ट स्लैब लगाकर पाइप कनेक्ट करने के निर्देश दिए गए। वहीं सेक्टर-55 में ट्राइएंगल क्षेत्र में मलवा पड़ा मिला, जिसकी सफाई कराने का आदेश दिया गया। इसी सेक्टर में होटल रेडिसन ब्लू के सामने सर्विस रोड की कनेक्टिविटी सुधारने के निर्देश भी दिए गए।
सेक्टर-57 में सी-4 के पास कूड़ा और सेक्टर 60-63 क्षेत्र में अत्यधिक मात्रा में मलवा पाया गया। इस मामले में संबंधित क्षेत्र के सुपरवाइजर अजय की सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा कई स्थानों पर सेंट्रल वर्ज में गंदगी मिलने पर तत्काल सफाई कराने के निर्देश जारी किए गए।

सेक्टर-62 में सड़कों पर बड़ी मात्रा में सूखे पत्ते और उद्यानिक कचरा पड़ा मिला, जिसे हटाने के निर्देश दिए गए। इसी क्षेत्र में सड़कों पर बड़ी संख्या में निराश्रित गाय घूमती हुई पाई गईं। सीईओ ने इन गायों को अभियान चलाकर पकड़ने और गौशालाओं में भेजने के निर्देश दिए।
इसके अलावा सेक्टर-62 के बारातघर का निरीक्षण कर उसके नवीनीकरण का आदेश दिया गया। फोर्टिस अस्पताल के पास सड़क के सौंदर्यीकरण के निर्देश भी दिए गए। सेक्टर-63 के आंतरिक मार्गों के सेंट्रल वर्ज में सूखे पेड़ों की टहनियों और पत्तों का कचरा पाया गया, जिसे हटाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
निरीक्षण के दौरान सेक्टर-63 में नाले में अत्यधिक कूड़ा जमा होने के कारण नाला जाम पाया गया। इस मामले में सफाईकर्मी धर्मवीर और सुपरवाइजर आकाश की सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए गए। साथ ही संबंधित प्रबंधक को चेतावनी जारी करने और संविदाकार को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया।
ग्राम बरौला क्षेत्र में हनुमान मूर्ति के सामने 75 मीटर चौड़ी सड़क पर कुछ लोगों द्वारा भूमि पर झुग्गियां बनाकर अवैध अतिक्रमण करने का मामला भी सामने आया। सीईओ ने इसे हटाने के लिए नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
सेक्टर-107 के पास 75 मीटर चौड़ी सड़क के समानांतर नाले की दीवार क्षतिग्रस्त पाई गई और सोसाइटी के प्रवेश द्वार पर सरिया बाहर निकली हुई पाई गई, जिसे सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक माना गया। इस समस्या के तुरंत समाधान के निर्देश दिए गए।
ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर एमिटी स्कूल के पास सर्विस रोड की सड़क क्षतिग्रस्त मिली, जिसके लिए तत्काल पैचवर्क कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा शहर में डोर-टू-डोर गार्बेज कलेक्शन की व्यवस्था संतोषजनक न मिलने पर संबंधित एजेंसी ए.जी. एनवायरोटेक इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए।
सीईओ ने शहर के सभी बारातघरों का सर्वे कर उनकी जरूरत के अनुसार मरम्मत कराने, सभी नालों का सर्वे कर उनके कवर ठीक कराने और सभी बस स्टॉप की मरम्मत व नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी वर्क सर्किल को निर्देश दिया गया कि हर दिन सुबह 10 बजे तक सभी क्षेत्रों से कूड़ा उठाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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