उत्तर भारत में डिजिटल अवसंरचना को नई मजबूती देने के लिए बी.के. सेल्स कॉर्पोरेशन ने यमुना एक्सप्रेसवे पर 400 करोड़ रुपये के निवेश से हाइपरस्केल डेटा सेंटर स्थापित करने की घोषणा की है। YEIDA सेक्टर में 5 एकड़ भूमि पर बनने वाली यह परियोजना 18 महीनों में संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखती है।
उत्तर भारत में डिजिटल अवसंरचना को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए बी.के. सेल्स कॉर्पोरेशन ने यमुना एक्सप्रेसवे पर अत्याधुनिक हाइपरस्केल डेटा सेंटर विकसित करने की घोषणा की है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का नेतृत्व कैलटेक इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech) के पूर्व छात्र श्री करण गुप्ता करेंगे।
यह परियोजना यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के सेक्टर में 5 एकड़ के प्राइम भूखंड पर स्थापित की जाएगी। यहां दो अत्याधुनिक डेटा सेंटर भवनों का निर्माण प्रस्तावित है, जिनकी नियोजित क्षमता लगभग 7000 सर्वर रैक की होगी।
परियोजना में दो चरणों में करीब 400 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। पूर्ण संचालन शुरू होने पर लगभग 100 योग्य पेशेवरों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। कंपनी ने लक्ष्य रखा है कि भूमि हस्तांतरण के 18 महीनों के भीतर व्यावसायिक संचालन प्रारंभ कर दिया जाए।
डिजिटल और एआई सेगमेंट को मिलेगा बढ़ावा
यह हाइपरस्केल डेटा सेंटर उच्च घनत्व डिजिटल संचालन को समर्थन देगा और तेजी से बढ़ते एआई (AI) सेगमेंट की आवश्यकताओं को पूरा करेगा। इससे व्यवसायों, सरकारी संगठनों और डिजिटल उद्यमों को विश्वस्तरीय डिजिटल अवसंरचना उपलब्ध होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना उत्तर भारत की डेटा इकोसिस्टम को नई मजबूती प्रदान करेगी।

हरित ऊर्जा और उन्नत तकनीक पर जोर
परियोजना में नवीकरणीय ऊर्जा समाधान, श्रेष्ठ श्रेणी की कूलिंग तकनीक और ऊर्जा-कुशल पावर सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। इससे बिजली की खपत कम करने और कार्बन फुटप्रिंट घटाने में मदद मिलेगी। कंपनी का उद्देश्य पर्यावरण अनुकूल तकनीक के साथ उच्च प्रदर्शन क्षमता सुनिश्चित करना है।
रणनीतिक लोकेशन का लाभ
नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की निकटता इस परियोजना को विशेष रणनीतिक लाभ देगी। विकसित फाइबर नेटवर्क और अबाधित विद्युत आपूर्ति जैसी सुविधाएं डेटा सेंटर संचालन को मजबूत आधार प्रदान करेंगी।
19 फरवरी 2026 को YEIDA के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश सिंह ने बी.के. सेल्स कॉर्पोरेशन को 5 एकड़ भूमि आवंटन हेतु एलओआई (LOI) पत्र सौंपा। इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेन्द्र कुमार भाटिया, आईएएस भी उपस्थित रहे।
डिजिटल नवाचार का नया केंद्र
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना उत्तर भारत को डेटा और डिजिटल नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी। यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र पहले ही औद्योगिक और तकनीकी निवेश का केंद्र बनता जा रहा है, और यह नया निवेश क्षेत्र की वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगा।
डिजिटल अर्थव्यवस्था के तेजी से विस्तार के बीच यह हाइपरस्केल डेटा सेंटर भविष्य की तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। आने वाले समय में यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी डिजिटल परिवर्तन की गति को नई दिशा दे सकती है।
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