गाजियाबाद में आरटीई योजना के तहत पात्र बच्चों को प्रवेश न देने वाले निजी विद्यालयों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरव ने समीक्षा बैठक कर सभी स्कूलों को सोमवार तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए, जबकि अनुपस्थित विद्यालयों को नोटिस जारी करने के आदेश भी दिए गए।
Ghaziabad में शिक्षा का अधिकार (RTE) योजना के अंतर्गत पात्र बच्चों को निजी विद्यालयों में निःशुल्क प्रवेश दिलाने को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में मुख्य विकास अधिकारी Kumar Saurav की अध्यक्षता में महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट गाजियाबाद में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य उन विद्यालयों की समीक्षा करना था जिन्होंने आरटीई योजना के अंतर्गत चयनित एवं पात्र बच्चों को अभी तक प्रवेश नहीं दिया है। प्रशासन द्वारा जनपद के कुल 49 विद्यालयों को बैठक में आमंत्रित किया गया था।
बैठक में कई प्रतिष्ठित विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें Seth Anandram Jaipuria School, Indirapuram Public School, K.R. Mangalam School, Delhi Public School Siddharth Vihar, Dashmesh Public School, DAV Public School, Delhi Public School Indirapuram, Allen House Public School तथा Toddler Home School सहित अन्य विद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरव ने विद्यालयवार समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि आरटीई योजना के अंतर्गत चयनित सभी पात्र बच्चों का निःशुल्क प्रवेश सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का पालन करना सभी विद्यालयों की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने प्रत्येक विद्यालय की प्रवेश स्थिति की जानकारी ली और यह जानने का प्रयास किया कि किन कारणों से बच्चों के दाखिले लंबित हैं। कई विद्यालयों को प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए, जबकि कुछ मामलों में आवश्यक दस्तावेजों और समन्वय से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा हुई।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विद्यालयों को सोमवार तक का अंतिम समय देते हुए निर्देश जारी किए कि तब तक सभी पात्र बच्चों की प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि इसके बाद भी किसी विद्यालय द्वारा आरटीई नियमों का पालन नहीं किया गया तो प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई करेगा।

बैठक में अनुपस्थित रहने वाले विद्यालयों को लेकर भी प्रशासन ने गंभीर रुख अपनाया। कुमार सौरव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुपस्थित विद्यालयों को तत्काल नोटिस जारी कर पुनः तलब किया जाए। प्रशासन का मानना है कि शिक्षा के अधिकार जैसे संवेदनशील विषय पर उदासीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं हो सकती।
बैठक के दौरान यह भी रेखांकित किया गया कि आरटीई योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। सरकार द्वारा निजी विद्यालयों में निर्धारित सीटों पर निःशुल्क प्रवेश की व्यवस्था की गई है ताकि सामाजिक समानता और शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित हो सके।
मुख्य विकास अधिकारी ने बैठक में मौजूद खंड शिक्षा अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों के साथ नियमित समन्वय स्थापित करें और यह सुनिश्चित करें कि प्रवेश प्रक्रिया तय समयसीमा के भीतर पूरी हो जाए।

उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर जवाबदेही तय की जाएगी।
इस अवसर पर Om Prakash Yadav, खंड शिक्षा अधिकारी ममता भारती, अभिषेक यादव, जमुना प्रसाद, कविता चौहान एवं महिमा सहित कई संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासन की यह सख्ती आरटीई योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। अक्सर यह देखा जाता है कि निजी विद्यालय विभिन्न कारणों का हवाला देकर पात्र बच्चों के प्रवेश में देरी करते हैं, जिससे गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
गाजियाबाद प्रशासन की इस पहल को सामाजिक न्याय और शिक्षा के अधिकार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि प्रशासन इसी तरह नियमित निगरानी और जवाबदेही तय करता रहा, तो आने वाले समय में अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सकेगा।
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