सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने और यातायात नियमों के कड़ाई से पालन के लिए विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग ने संयुक्त रणनीति बनाई।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकास भवन सभागार में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी ने की। इस दौरान उप पुलिस आयुक्त (यातायात) डॉ. प्रवीण रंजन सिंह एवं सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पांडेय ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ-साथ ग्राम प्रधानों एवं पंचायत सचिवों को सड़क सुरक्षा नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। ग्राम सभा चौपालों और आशा बहनों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता अभियान चलाने पर विशेष बल दिया गया, ताकि सड़क सुरक्षा का संदेश अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

एआरटीओ डॉ. उदित नारायण पांडेय ने हिट एंड रन मामलों, कैशलेस ट्रीटमेंट योजना और राहगीर योजना की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैशलेस ट्रीटमेंट योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को एक सप्ताह तक ₹1.5 लाख तक का निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाता है, जबकि राहगीर योजना में दुर्घटना पीड़ित की सहायता करने वाले व्यक्ति को ₹25,000 का पुरस्कार एवं सम्मान दिया जाता है।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी ने कहा कि सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा का विषय है। हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से किया जाए तथा ओवरस्पीडिंग से बचा जाए। वहीं, डीसीपी ट्रैफिक डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने नियमों के उल्लंघन को सभी के लिए घातक बताते हुए जन सहयोग को अनिवार्य बताया।

कार्यक्रम में 70 से अधिक अधिकारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे। यह बैठक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत चल रहे जन-जागरूकता अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुई। जिला प्रशासन ने नागरिकों से यातायात नियमों का पालन कर सुरक्षित सड़कें बनाने की अपील की है।
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