फर्जी दस्तावेजों से वाहन फाइनेंस कर लग्जरी गाड़ियां बेचने वाला अंतरराज्यीय गिरोह बेनकाब। फेस-2 पुलिस ने 3 आरोपी गिरफ्तार कर 5 गाड़ियां बरामद कीं।
थाना फेस-2 पुलिस और सीआरटी स्वाट-02 टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए फर्जी दस्तावेजों के जरिए वाहन फाइनेंस कर धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 5 लग्जरी चार पहिया वाहन और 28 फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।
दिनांक 20 जनवरी 2026 को पुलिस टीम ने फूल मंडी के पास से अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान
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अमित गुप्ता पुत्र सुदेश कुमार, निवासी मॉडल टाउन, दिल्ली
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अनुराग उर्फ अमित पुत्र धर्मवीर सिंह, निवासी बाँकनेर, अलीगढ़
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नवीन भावरी पुत्र गोवर्धन भावरी, निवासी पठानकोट, पंजाब
के रूप में हुई है।
ऐसे करते थे ठगी
पूछताछ में सामने आया कि अभियुक्त आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी जैसे दस्तावेजों के जरिए फर्जी पहचान बनाकर बैंकों से वाहन फाइनेंस कराते थे। इसके बाद बिना लोन की किस्तें चुकाए उन वाहनों को पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान जैसे राज्यों में कम कीमत पर बेच देते थे।
वाहन बेचते समय ग्राहकों को यह झांसा दिया जाता था कि 2-3 महीने में वाहन की एनओसी उपलब्ध करा दी जाएगी। बैंक द्वारा संपर्क करने पर दिए गए पते फर्जी पाए जाते थे। इतना ही नहीं, अभियुक्त आरसी से पहले से दर्ज हाइपोथिकेशन हटवाकर उसी वाहन पर दोबारा लोन भी करवा लेते थे।

अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास
मुख्य आरोपी अमित गुप्ता के खिलाफ दिल्ली और गौतमबुद्धनगर में पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। अन्य दो अभियुक्तों पर भी थाना फेस-2 में धोखाधड़ी से जुड़े मुकदमे पंजीकृत हैं।
बरामदगी का विवरण
पुलिस ने आरोपियों के पास से
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थार (UP14 GW 2833)
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ग्रैंड विटारा (DL 2CBF 2307)
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किया सेल्टॉस (UK07 HA 3170)
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महिंद्रा स्कॉर्पियो-N (DL 8CBH 1171)
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अर्बन क्रूजर टेजर (DL 14 CL 10576)
सहित 28 फर्जी दस्तावेज (आधार, पैन, आरसी व डीएल) बरामद किए हैं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और बैंक कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े और खुलासे हो सकते हैं।
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