डीसीपी महिला सुरक्षा अनुकृति शर्मा और एसीपी दीक्षा सिंह ने महिला थाने का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की और पुलिसकर्मियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए।
गौतमबुद्धनगर में महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय नजर आया, जब पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में प्रभारी डीसीपी महिला सुरक्षा अनुकृति शर्मा ने एसीपी महिला सुरक्षा दीक्षा सिंह के साथ महिला थाने का औचक निरीक्षण किया। इस अचानक हुए निरीक्षण से थाना परिसर में हलचल मच गई और पुलिसकर्मियों में तत्परता स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
दिनांक 18 मार्च 2026 को किए गए इस निरीक्षण का उद्देश्य महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना और थाने की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाना था। निरीक्षण के दौरान डीसीपी और एसीपी ने थाना कार्यालय के अभिलेखों की बारीकी से जांच की। रिकॉर्ड में दर्ज शिकायतों, उनके निस्तारण की स्थिति और रजिस्टर में प्रविष्टियों की गुणवत्ता को गंभीरता से परखा गया।
इसके अलावा हेल्प डेस्क का निरीक्षण विशेष रूप से किया गया, जहां आने वाली पीड़ित महिलाओं को सहायता प्रदान की जाती है। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि हेल्प डेस्क पर तैनात पुलिसकर्मी हर पीड़िता की तुरंत और संवेदनशीलता के साथ सहायता करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करने की स्पष्ट चेतावनी भी दी गई।

निरीक्षण के दौरान हवालात की स्थिति का भी जायजा लिया गया, जहां सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए। मालखाना (मालखाने में रखे गए साक्ष्य और जब्त सामग्री) की भी गहन जांच की गई ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी वस्तुओं का सही रिकॉर्ड और सुरक्षित रखरखाव बेहद जरूरी है।
सीसीटीएनएस कक्ष (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) का निरीक्षण करते हुए तकनीकी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। साथ ही साइबर हेल्प डेस्क का निरीक्षण कर साइबर अपराध से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल अपराधों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, ऐसे में साइबर डेस्क की सक्रियता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
थाना प्रभारी को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि थाना परिसर के आसपास साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके साथ ही आगंतुकों के बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया, ताकि थाने में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

डीसीपी अनुकृति शर्मा ने यह भी निर्देश दिया कि प्रतिदिन प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों को अनिवार्य रूप से रजिस्टर में दर्ज किया जाए और उनका गुणवत्तापूर्ण तथा समयबद्ध निस्तारण किया जाए। साथ ही शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने की व्यवस्था को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया, ताकि पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ सके।
निरीक्षण के अंत में सभी विवेचकों के साथ एक गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें लंबित विवेचनाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का जल्द से जल्द निस्तारण किया जाए और जांच की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए।
इस पूरे औचक निरीक्षण ने यह स्पष्ट कर दिया कि गौतमबुद्धनगर पुलिस महिला सुरक्षा को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरत रही है। अधिकारियों की सख्ती और लगातार निगरानी से यह उम्मीद की जा रही है कि महिला संबंधित मामलों में न्याय और सुरक्षा की प्रक्रिया और अधिक मजबूत होगी।
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