उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग के निर्देश पर गौतमबुद्ध नगर में बड़े स्तर पर प्रवर्तन अभियान चलाया गया। जिले भर में संचालित देशी शराब की दुकानों, मॉडल शॉप, कंपोजिट शॉप, प्रीमियम रिटेल शॉप और बारों का अचानक निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने गोपनीय टेस्ट परचेज के जरिए बिक्री प्रक्रिया की जांच की और दुकानों पर CCTV रिकॉर्डिंग तथा 100 प्रतिशत POS मशीन से बिक्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गौतमबुद्ध नगर में आबकारी विभाग की टीमों ने ऐसा अभियान चलाया जिसने शराब कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा दिया। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित शराब की दुकानों और बारों पर अचानक पहुंची आबकारी टीमों ने व्यवस्थाओं की गहन पड़ताल की और नियमों के पालन की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।
यह कार्रवाई आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में की गई। अभियान को जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर और पुलिस आयुक्त गौतमबुद्ध नगर के निर्देशन में संचालित किया गया। पूरे अभियान की निगरानी जिला आबकारी अधिकारी गौतमबुद्ध नगर द्वारा की गई।
कई प्रकार के अनुज्ञापनों की हुई जांच
प्रवर्तन अभियान के दौरान जिले में संचालित विभिन्न श्रेणी की शराब दुकानों और बारों को जांच के दायरे में लिया गया।
जिन प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया उनमें शामिल हैं—
- देशी शराब की दुकानें
- कंपोजिट शॉप
- मॉडल शॉप
- प्रीमियम रिटेल शॉप
- बार अनुज्ञापन
आबकारी निरीक्षकों ने प्रत्येक प्रतिष्ठान पर पहुंचकर बिक्री प्रक्रिया, लाइसेंस संबंधी शर्तों और नियमों के अनुपालन की स्थिति का निरीक्षण किया।

कैंटीनों की भी हुई गहन चेकिंग
अभियान केवल शराब दुकानों तक सीमित नहीं रहा। निरीक्षण टीमों ने संबंधित कैंटीनों और उपभोग स्थलों की भी गहन जांच की।
अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि कहीं किसी प्रकार की अनियमितता, अवैध बिक्री या लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन तो नहीं हो रहा है। कई स्थानों पर स्टॉक और बिक्री संबंधी अभिलेखों का भी मिलान किया गया।
गोपनीय टेस्ट परचेज से परखी गई व्यवस्था
इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण पहलू रहा ‘गोपनीय टेस्ट परचेज’।
आबकारी विभाग ने विभिन्न दुकानों पर गुप्त रूप से ग्राहकों को भेजकर खरीदारी करवाई। इसका उद्देश्य यह जांचना था कि विक्रेता नियमों के अनुसार बिक्री कर रहे हैं या नहीं।
टेस्ट परचेज के दौरान यह देखा गया कि दुकानों पर निर्धारित प्रक्रिया का पालन हो रहा है या नहीं, बिलिंग सही तरीके से की जा रही है या नहीं और बिक्री व्यवस्था पारदर्शी है या नहीं।
इस तरह की कार्रवाई से विभाग को दुकानों की वास्तविक कार्यप्रणाली की जानकारी मिलती है, क्योंकि निरीक्षण के दौरान अक्सर व्यवस्थाएं सामान्य से अधिक व्यवस्थित दिखाई जाती हैं।

CCTV निगरानी को लेकर सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान कई दुकानों पर लगे CCTV कैमरों की कार्यप्रणाली की भी जांच की गई।
आबकारी अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी मदिरा दुकानों पर CCTV कैमरे हर समय सक्रिय अवस्था में रहें और उनकी रिकॉर्डिंग रियल टाइम आधार पर संचालित होती रहे।
अधिकारियों का मानना है कि CCTV निगरानी न केवल पारदर्शिता बढ़ाती है बल्कि किसी भी विवाद, शिकायत या अवैध गतिविधि की स्थिति में महत्वपूर्ण साक्ष्य भी उपलब्ध कराती है।
इसी कारण सभी अनुज्ञापियों और विक्रेताओं को कैमरों की नियमित मॉनिटरिंग और रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया।
POS मशीन से 100 प्रतिशत बिक्री पर जोर
अभियान के दौरान विभाग ने डिजिटल बिक्री व्यवस्था को लेकर भी सख्त रुख अपनाया।
सभी शराब दुकानों के संचालकों और विक्रेताओं को निर्देश दिया गया कि बिक्री का 100 प्रतिशत रिकॉर्ड POS (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीनों के माध्यम से दर्ज किया जाए।
आबकारी विभाग का मानना है कि POS आधारित बिक्री प्रणाली से राजस्व की पारदर्शिता बढ़ती है और अवैध या अनधिकृत बिक्री की संभावना कम हो जाती है।
इसके माध्यम से विभाग वास्तविक बिक्री के आंकड़ों की निगरानी भी कर सकता है, जिससे राजस्व चोरी या अन्य अनियमितताओं पर अंकुश लगाया जा सके।

राजस्व सुरक्षा और पारदर्शिता पर विशेष फोकस
हाल के वर्षों में आबकारी विभाग द्वारा तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इसी क्रम में CCTV और POS मशीनों के प्रभावी उपयोग को प्राथमिकता दी जा रही है।
गौतमबुद्ध नगर जैसे तेजी से विकसित हो रहे जिले में शराब कारोबार का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सभी लाइसेंसधारी प्रतिष्ठान निर्धारित नियमों के अनुरूप ही कार्य करें।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल जांच करना नहीं बल्कि नियमों के पालन, राजस्व सुरक्षा और पारदर्शी कारोबार को बढ़ावा देना भी है।
भविष्य में भी जारी रहेंगे औचक निरीक्षण
आबकारी विभाग के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि इस प्रकार के औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे। विभाग किसी भी प्रकार की लापरवाही, नियम उल्लंघन या अवैध गतिविधि को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है।
अधिकारियों का कहना है कि सभी अनुज्ञापियों को लाइसेंस की शर्तों का पूरी तरह पालन करना होगा। यदि किसी प्रतिष्ठान पर नियमों की अनदेखी पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
कानून के दायरे में कारोबार सुनिश्चित करने की कोशिश
गौतमबुद्ध नगर में चलाया गया यह विशेष अभियान आबकारी विभाग की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत शराब कारोबार को पूरी तरह नियमबद्ध, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया जा रहा है।
औचक निरीक्षण, गोपनीय टेस्ट परचेज, CCTV मॉनिटरिंग और POS आधारित बिक्री जैसे कदम यह संकेत देते हैं कि विभाग अब केवल कागजी निरीक्षण तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि जमीनी स्तर पर नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
जिले भर में चलाए गए इस अभियान ने यह संदेश भी दिया है कि आबकारी विभाग अब किसी भी प्रकार की अनियमितता को नजरअंदाज करने के मूड में नहीं है और नियमों का पालन हर हाल में सुनिश्चित कराया जाएगा।
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