गौतमबुद्धनगर में 10 अप्रैल 2026 को आबकारी विभाग ने व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान सभी प्रकार की शराब दुकानों और बारों की आकस्मिक जांच कर नियमों के पालन की समीक्षा की गई।
उत्तर प्रदेश में आबकारी विभाग द्वारा अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने और शराब बिक्री में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में 10 अप्रैल 2026 को गौतमबुद्धनगर जनपद में एक व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया गया, जिसने शराब कारोबार से जुड़े लोगों में हलचल पैदा कर दी।
यह कार्रवाई आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के आदेशानुसार की गई, जिसमें जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर और पुलिस आयुक्त गौतमबुद्धनगर के निर्देशन तथा जिला आबकारी अधिकारी गौतमबुद्धनगर के पर्यवेक्षण में पूरे जनपद में निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस अभियान में आबकारी निरीक्षकों की टीमों ने एक साथ कई स्थानों पर आकस्मिक छापेमारी की।
अभियान के तहत जनपद में स्थित सभी प्रकार की मदिरा दुकानों की जांच की गई। इनमें देशी शराब की दुकानें, कम्पोजिट शॉप, मॉडल शॉप, प्रीमियम रिटेल शॉप और बार अनुज्ञापन शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने न केवल दुकानों के संचालन की स्थिति का जायजा लिया, बल्कि वहां मौजूद कैनटीन की भी गहनता से जांच की।

इस पूरे अभियान की खास बात यह रही कि अधिकारियों ने दुकानों पर “गोपनीय टेस्ट परचेज” भी करवाया। यानी विभागीय टीमों ने सामान्य ग्राहकों की तरह शराब खरीदकर यह परखा कि विक्रेता निर्धारित नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित किया गया कि कहीं अवैध तरीके से बिक्री, ओवरचार्जिंग या बिना बिल के शराब तो नहीं बेची जा रही।
निरीक्षण के दौरान सभी दुकानों पर नियमों के पालन को सख्ती से लागू कराने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से CCTV कैमरों को लेकर गंभीरता दिखाई गई। अधिकारियों ने सभी अनुज्ञापियों और विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि दुकान पर लगे CCTV कैमरे रियल टाइम में लगातार संचालित रहने चाहिए और उनकी रिकॉर्डिंग व्यवस्थित रूप से सुरक्षित रखी जानी चाहिए।
इसके साथ ही डिजिटल पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए POS मशीन के माध्यम से 100 प्रतिशत बिक्री सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि हर बिक्री का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से दर्ज होना चाहिए, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को समाप्त किया जा सके।

इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल नियमों का पालन सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से अंकुश लगाना भी है। विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में इस तरह के आकस्मिक निरीक्षण और भी तेज किए जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार इस अचानक चले अभियान से कई दुकानदारों में घबराहट देखी गई, हालांकि ज्यादातर स्थानों पर नियमों का पालन संतोषजनक पाया गया। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अनुज्ञापियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह अभियान साफ तौर पर दर्शाता है कि प्रशासन शराब कारोबार में पारदर्शिता और नियंत्रण बनाए रखने के लिए पूरी तरह गंभीर है और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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