गौतमबुद्धनगर में आबकारी विभाग ने विशेष अभियान चलाकर शराब की दुकानों और बार का औचक निरीक्षण किया। ओवररेटिंग रोकने के लिए गुप्त टेस्ट परचेज कराई गई और सभी दुकानों को CCTV व POS मशीन से 100% बिक्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उत्तर प्रदेश में अवैध शराब और ओवररेटिंग पर सख्ती लगातार बढ़ती जा रही है। इसी कड़ी में आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के आदेश पर जनपद गौतमबुद्धनगर में एक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत 6 मार्च 2026 को जिले भर में स्थित देशी शराब दुकानों, कम्पोजिट शॉप, मॉडल शॉप, प्रीमियम रिटेल शॉप और बार अनुज्ञापनों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।
यह कार्रवाई ज़िलाधिकारी गौतमबुद्धनगर और पुलिस आयुक्त गौतमबुद्धनगर के निर्देशन में की गई। पूरे अभियान की निगरानी ज़िला आबकारी अधिकारी गौतमबुद्धनगर द्वारा की गई, जबकि जिले के विभिन्न आबकारी निरीक्षकों ने अपनी-अपनी टीमों के साथ मैदान में उतरकर दुकानों की गहन जांच की।
अभियान के दौरान अधिकारियों ने शराब दुकानों और बार में मौजूद स्टॉक, बिक्री व्यवस्था और लाइसेंस से संबंधित दस्तावेजों की विस्तार से जांच की। इसके साथ ही दुकानों से जुड़ी कैंटीनों की भी गहनता से चेकिंग की गई, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आ सके।

सबसे खास बात यह रही कि ओवररेटिंग पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई। इसके तहत कई स्थानों पर गुप्त रूप से टेस्ट परचेज कराई गई। अधिकारियों द्वारा भेजे गए लोगों ने ग्राहक बनकर शराब खरीदी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं दुकानदार निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत तो नहीं वसूल रहे।
आबकारी विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी दुकान पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं को शराब निर्धारित सरकारी दरों पर ही मिले और किसी प्रकार की ओवरचार्जिंग न हो।
निरीक्षण के दौरान सभी लाइसेंसधारकों और विक्रेताओं को कई महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि प्रत्येक शराब दुकान पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग रियल टाइम में संचालित होनी चाहिए। इसके अलावा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचने के लिए POS मशीन के माध्यम से 100 प्रतिशत बिक्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि POS मशीन के बिना बिक्री या रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मानना है कि डिजिटल माध्यम से बिक्री दर्ज होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी भी तरह की अनियमितता पर आसानी से निगरानी रखी जा सकेगी।
विशेष प्रवर्तन अभियान के दौरान कई दुकानों पर कर्मचारियों को नियमों के प्रति जागरूक भी किया गया। उन्हें बताया गया कि शराब बिक्री से जुड़े सभी सरकारी निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि कहीं भी नियमों की अनदेखी या अवैध गतिविधि सामने आती है, तो संबंधित अनुज्ञापी के खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्रवाई की जा सकती है।
आबकारी विभाग के इस अभियान से जिले के शराब कारोबारियों में हड़कंप का माहौल देखा गया। अचानक हुए निरीक्षण और गुप्त टेस्ट परचेज के कारण कई दुकानदार सतर्क नजर आए।
विभाग ने संकेत दिए हैं कि ऐसे विशेष अभियान आगे भी जारी रहेंगे। प्रशासन का कहना है कि अवैध शराब, ओवररेटिंग और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि व्यवस्था पारदर्शी और उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षित बनी रहे।
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