गाजियाबाद के विकास भवन परिसर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग ने प्रदर्शनी लगाई। इसमें केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा से राष्ट्रसेवा तक की 25 वर्षों की यात्रा को प्रदर्शित किया गया।
विकास की कहानी सिर्फ आंकड़ों और सरकारी योजनाओं की सूची में नहीं होती, बल्कि उसका असर आम आदमी की जिंदगी में भी दिखाई देता है। इसी बदलाव की तस्वीर गाजियाबाद के विकास भवन परिसर में आयोजित एक विशेष प्रदर्शनी में देखने को मिली। यहां ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की ओर से केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, उपलब्धियों और विकास कार्यों को प्रदर्शित किया गया।
प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ और पूर्व महापौर आशु वर्मा ने किया। उद्घाटन के बाद दोनों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और अलग-अलग बैनरों एवं प्रदर्शनी सामग्री के माध्यम से सरकार की योजनाओं तथा विकासपरक कार्यक्रमों की जानकारी ली।
25 वर्षों की सेवा यात्रा बनी प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण
प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा से राष्ट्रसेवा तक की 25 वर्षों की यात्रा के तहत चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ से जुड़े विभिन्न सेवा और जनकल्याणकारी कार्यों की झलक दिखाई गई।\

प्रदर्शनी को इस तरह क्रमबद्ध तरीके से तैयार किया गया था कि आगंतुक एक-एक बैनर के माध्यम से विकास की अलग-अलग कड़ियों को समझ सकें। इसमें बुनियादी सुविधाओं से लेकर तकनीक, युवाओं, किसानों, महिलाओं, बच्चों और गरीब परिवारों के लिए संचालित योजनाओं तक को जगह दी गई।
जिला सूचना अधिकारी योगेन्द्र प्रताप सिंह ने प्रदर्शनी में आने वाले लोगों को विभिन्न बैनरों के माध्यम से योजनाओं, उपलब्धियों और विकास कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने आगंतुकों को यह भी बताया कि भारत किस तरह तेजी से डिजिटल युग की ओर बढ़ रहा है और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की दिशा में किस प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं।
एयरपोर्ट से AI तक, कई क्षेत्रों की तस्वीर
प्रदर्शनी में विकास के कई क्षेत्रों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। इसमें विशेष रूप से पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट, महापुरुषों के सम्मान और उनके नाम से संचालित योजनाओं की जानकारी शामिल रही।
इसके अलावा प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, कौशल विकास और युवा सशक्तिकरण, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, शत-प्रतिशत विद्युतीकरण तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में तैयार की जा रही विस्तृत कार्ययोजना को भी प्रदर्शित किया गया।

महिलाओं और बेटियों के सशक्तिकरण एवं सम्मान से जुड़ी योजनाओं के साथ-साथ आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और बाल विकास योजनाओं को भी प्रदर्शनी का हिस्सा बनाया गया।
यानी प्रदर्शनी में एक तरफ ग्रामीण और गरीब परिवारों से जुड़ी योजनाओं की तस्वीर दिखाई दी, तो दूसरी ओर तकनीक, डिजिटल व्यवस्था और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए भविष्य के भारत की दिशा भी सामने रखी गई।
डिजिटल भारत से विकसित भारत की ओर बढ़ता कदम
प्रदर्शनी का एक महत्वपूर्ण संदेश यह रहा कि विकास को केवल सड़क, बिजली और आवास तक सीमित नहीं रखा गया है। डिजिटल तकनीक और नई तकनीकों को भी भविष्य की विकास यात्रा का अहम हिस्सा बताया गया।
आगंतुकों को जानकारी दी गई कि अलग-अलग क्षेत्रों में किए जा रहे विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य आमजन के जीवन को सुगम, सुरक्षित और बेहतर बनाना है। इसी प्रक्रिया को विकसित भारत-2047 के व्यापक संकल्प से जोड़कर प्रदर्शनी में प्रस्तुत किया गया।

मीडिया को भी दी गई योजनाओं की जानकारी
इस दौरान जिला सूचना अधिकारी योगेन्द्र प्रताप सिंह ने मीडिया प्रतिनिधियों को भी प्रदर्शनी में लगाए गए बैनरों और सामग्री के माध्यम से सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास कार्यों की जानकारी दी।
मीडिया बंधुओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा से राष्ट्रसेवा तक की 25 वर्षों की सेवा यात्रा, उपलब्धियों और देश के विकास की दिशा में किए गए विभिन्न प्रयासों से भी अवगत कराया गया।
प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अधिकारी, कर्मचारी और आमजन मौजूद रहे। विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए यह प्रदर्शनी सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों को एक ही स्थान पर समझने का अवसर भी बनी।
कुल मिलाकर, विकास भवन परिसर में लगी यह प्रदर्शनी सिर्फ योजनाओं की जानकारी देने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके जरिए ‘विकासशील भारत’ से ‘डिजिटल और विकसित भारत’ की ओर बढ़ते सफर की तस्वीर सामने रखने का प्रयास किया गया।
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