AI समिट में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के खिलाफ बीजेपी ने दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन किया। बैरिकेड तोड़े गए, सैकड़ों कार्यकर्ता गिरफ्तार हुए और बाद में रिहा कर दिए गए।
अंतर्राष्ट्रीय एआई समिट में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर भारतीय जनता पार्टी ने विराट रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने किया। हजारों की संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़ते हुए गिरफ्तारी दी।
प्रदर्शन का आयोजन प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक राजकुमार भाटिया के संचालन में किया गया। इसमें सांसद, विधायक, निगम पार्षद और पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद मनोज तिवारी सहित प्रदेश पदाधिकारी विष्णु मित्तल, प्रवीण शंकर कपूर, विनय रावत, लता गुप्ता, सारिका जैन, सोना कुमारी, बृजेश राय, सुमित भसीन, संतोष ओझा, अजय सहरावत, नितिन त्यागी, भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री रोहित चहल, उपमहापौर जयभगवान यादव और कई जिलाध्यक्षों ने प्रदर्शन को संबोधित किया।

बैरिकेड तोड़कर दी गिरफ्तारी
जब प्रदर्शनकारी दूसरे बैरिकेड तक पहुंचे और उसे तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, तब दिल्ली पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें रोका। वीरेन्द्र सचदेवा समेत लगभग 1000 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर तुगलक रोड थाने ले जाया गया। करीब एक घंटे बाद सभी को चेतावनी देकर रिहा कर दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए गए। बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि खराब करने का आरोप लगाया।
‘यह राष्ट्रद्रोह है’ – वीरेन्द्र सचदेवा
वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि एआई समिट किसी पार्टी का नहीं, बल्कि भारत राष्ट्र का कार्यक्रम था। उसमें घुसकर प्रदर्शन करना सीधा-सीधा राष्ट्रद्रोह है। उन्होंने कहा कि जब पूरा विश्व भारत की तकनीकी प्रगति और डिजिटल नेतृत्व को स्वीकार कर रहा है, तब कांग्रेस द्वारा इस तरह का हंगामा अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक हताशा को देशहित से ऊपर रख रही है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत की उपलब्धियों को कमतर दिखाने की कोशिश कर रही है। सचदेवा ने कहा कि भारत आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में तकनीक, स्टार्टअप और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है, जिसे कांग्रेस पचा नहीं पा रही है।

‘फ्रस्ट्रेशन का प्रदर्शन’ – मनोज तिवारी
मनोज तिवारी ने कहा कि एआई समिट में हुई घटना सामान्य नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कार्यकर्ता रूपी गुंडों को भेजकर कार्यक्रम को बदनाम करने की कोशिश की। तिवारी ने कहा कि 80 से अधिक देशों के प्रतिनिधि समिट में शामिल हुए थे और भारत की सराहना कर रहे थे। यह भाजपा का नहीं, बल्कि भारत का एआई समिट था।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी की हताशा का प्रदर्शन है।
सियासत और टेक्नोलॉजी का टकराव
एआई समिट में कांग्रेस के विरोध के बाद शुरू हुआ यह विवाद अब खुलकर राजनीतिक संघर्ष में बदल चुका है। एक ओर बीजेपी इसे राष्ट्रीय सम्मान का मुद्दा बता रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस अपने प्रदर्शन को लोकतांत्रिक अधिकार बता रही है।
राजधानी में बढ़ते इस सियासी तापमान के बीच सवाल यह है कि क्या अंतरराष्ट्रीय मंचों पर राजनीतिक विरोध उचित है या इससे देश की छवि प्रभावित होती है? आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
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