कोलकाता में I-PAC कार्यालय पर ED की छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का अचानक पहुंचना, फाइल-हार्ड डिस्क ले जाना और अमित शाह पर सीधे आरोप—राज्य की राजनीति में तेज़ तनाव।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल की राजनीति में जबरदस्त हलचल मचा दी। कोयला घोटाले की जांच के तहत ED ने कोलकाता के साल्टलेक सेक्टर-5 स्थित राजनीतिक कंसल्टेंट फर्म I-PAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) के कार्यालय पर छापेमारी की। इसके साथ ही I-PAC के प्रमुख प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास और कार्यालय पर भी एक साथ रेड की गई।
जैसे ही ED की टीम I-PAC कार्यालय पहुंची, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुंच गईं। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री के आने से मात्र पांच मिनट पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा भी वहां पहुंचे थे। ED की कार्रवाई के दौरान ममता बनर्जी I-PAC दफ्तर से फाइलें और लैपटॉप लेकर बाहर निकलती दिखीं।
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने ED और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए। ममता बनर्जी ने कहा, “क्या ED और गृह मंत्री का काम किसी पार्टी की हार्ड डिस्क, कैंडिडेट लिस्ट और वोटर डेटा जब्त करना है? यह सब हमें जानबूझकर परेशान करने के लिए किया जा रहा है और यह कार्रवाई गृह मंत्री के इशारे पर हो रही है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि ED TMC के गोपनीय दस्तावेज, IT सेल का डेटा और पार्टी रणनीति से जुड़ी फाइलें जब्त कर रही है। साथ ही यह भी कहा कि SIR प्रक्रिया के जरिए मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं और चुनाव के नाम पर संवेदनशील जानकारी एकत्र की जा रही है।
इस मामले पर बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने पलटवार करते हुए ममता बनर्जी पर जांच में बाधा डालने और संविधान का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने ममता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
गौरतलब है कि I-PAC तृणमूल कांग्रेस की चुनावी और राजनीतिक रणनीति संभालती है, और 2021 के विधानसभा चुनाव में TMC की जीत में इसकी अहम भूमिका रही थी।
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