गाजियाबाद के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), मुरादनगर में 8 जून को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप मेले का आयोजन होगा, जहां एनसीआर की कई कंपनियां युवाओं का चयन करेंगी। वहीं, जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने संभावित बाढ़ और अतिवृष्टि को देखते हुए सभी विभागों को 15 जून तक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
एक ओर जहां युवाओं को रोजगार और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर मानसून से पहले संभावित बाढ़ और अतिवृष्टि जैसी आपदाओं से निपटने की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में 8 जून 2026 को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), मुरादनगर में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप मेले का आयोजन किया जाएगा, जबकि जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं।
8 जून को लगेगा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप मेला
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, गाजियाबाद के प्रधानाचार्य द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार निदेशक प्रशिक्षण एवं सेवायोजन, उत्तर प्रदेश तथा मिशन निदेशक, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निर्देशों के क्रम में 8 जून 2026 को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप मेले का आयोजन किया जाएगा।
यह मेला गाजियाबाद के मुरादनगर स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान परिसर में आयोजित होगा। मेले में गाजियाबाद और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की अनेक प्रतिष्ठित औद्योगिक इकाइयां और संस्थान भाग लेंगे तथा प्रशिक्षित युवाओं का चयन अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत किया जाएगा।
युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण के साथ मानदेय
अप्रेंटिसशिप योजना के अंतर्गत चयनित होने वाले अभ्यर्थियों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार प्रशिक्षण के दौरान वेतन एवं मानदेय प्रदान किया जाएगा। इससे युवाओं को न केवल व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा, बल्कि रोजगार के बेहतर अवसर भी उपलब्ध होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप मेला युवाओं और उद्योगों के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करेगा।
इन दस्तावेजों के साथ पहुंचें अभ्यर्थी
मेले में भाग लेने के इच्छुक अभ्यर्थियों को अपने सभी शैक्षिक एवं तकनीकी प्रमाण-पत्रों की सत्यापित छायाप्रति के साथ 8 जून को आईटीआई मुरादनगर पहुंचकर पंजीकरण कराना होगा।
संस्थान प्रशासन ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए परिसर में विशेष हेल्प डेस्क भी स्थापित की है, जहां उम्मीदवारों को पंजीकरण, दस्तावेज सत्यापन तथा अन्य आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी।
युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
रोजगार विशेषज्ञों के अनुसार अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम युवाओं को उद्योगों के कार्य वातावरण को समझने, नई तकनीकों को सीखने और रोजगार योग्य कौशल विकसित करने का अवसर प्रदान करता है। इससे भविष्य में स्थायी रोजगार मिलने की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं।
गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों के हजारों प्रशिक्षित युवाओं के लिए यह मेला एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
बाढ़ और अतिवृष्टि को लेकर प्रशासन ने कसी कमर
जहां एक तरफ रोजगार को लेकर तैयारियां चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर संभावित बाढ़ और अतिवृष्टि से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने वर्ष 2026-27 के दौरान संभावित बाढ़ एवं भारी वर्षा की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
शासन के निर्देशों के अनुसार जनपद स्तरीय बाढ़ प्रबंधन योजना तैयार की जा रही है। इसके अंतर्गत संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, संसाधनों का अद्यतन, राहत एवं बचाव कार्यों की पूर्व तैयारी तथा विभागवार कार्ययोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
15 जून तक देनी होगी तैयारी रिपोर्ट
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे 15 जून 2026 तक अपनी तैयारियों की समीक्षा रिपोर्ट जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा राहत आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
प्रशासन का उद्देश्य है कि मानसून शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रहें ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
कंट्रोल रूम और राहत तंत्र रहेगा सक्रिय
बाढ़ संभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), पीएसी तथा अन्य खोज एवं बचाव दलों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
जरूरत पड़ने पर नावों, लाइफ जैकेट, राहत सामग्री और अन्य आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था भी पहले से तैयार रखी जाएगी।
राहत शिविरों में होंगी सभी जरूरी सुविधाएं
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बनाए जाने वाले राहत शिविरों और बाढ़ शरणालयों में स्वच्छ पेयजल, भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं, विद्युत आपूर्ति, सुरक्षा व्यवस्था तथा महिलाओं, बच्चों और पशुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
इसके अलावा प्रभावित परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार राहत सामग्री और बाढ़ राहत किट उपलब्ध कराई जाएगी।
जन-जागरूकता पर भी रहेगा विशेष फोकस
प्रशासन द्वारा बाढ़ पूर्व जन-जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे, ताकि नागरिक संभावित आपदा के दौरान सुरक्षित व्यवहार अपनाने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने के लिए तैयार रहें।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने स्पष्ट कहा है कि सभी विभाग समयबद्ध तरीके से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें और जनपद को किसी भी आपदा की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रखें।
एक ओर जहां प्रधानमंत्री राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप मेला युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास का नया द्वार खोलने जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन की बाढ़ प्रबंधन तैयारियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि मानसून के दौरान जनजीवन पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। दोनों पहलें विकास और सुरक्षा के प्रति प्रशासन की गंभीरता को दर्शाती हैं।
COMMENTS