गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक इलाके में भीषण आग लगने से बाजार और रिहायशी सोसाइटी प्रभावित हुई। सिलेंडर धमाकों और लपटों से इलाके में अफरा-तफरी मच गई, हालांकि समय रहते जनहानि टल गई।
दिल्ली से सटे गाजियाबाद में एक बार फिर आग ने कहर बरपाया है। क्रॉसिंग रिपब्लिक इलाके में मंगलवार को भीषण आग लगने से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। यह आग एक मार्केट से शुरू हुई और देखते ही देखते आसपास के इलाकों को अपनी चपेट में लेती चली गई। घटना के दौरान सिलेंडर फटने की आवाजों ने दहशत को और बढ़ा दिया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र के गोल चक्कर के पास स्थित एक व्यस्त मार्केट में अचानक आग लग गई। इस मार्केट में कई रेस्टोरेंट और दुकानें संचालित हो रही थीं। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते करीब 100 से अधिक दुकानें इसकी चपेट में आ गईं और लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने के कुछ ही देर बाद एक के बाद एक सिलेंडर फटने लगे, जिससे पूरे इलाके में भय और अफरा-तफरी फैल गई। आसमान में काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में आग की भयावहता साफ देखी जा सकती है।

बताया जा रहा है कि आग लगने की शुरुआती वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। करीब 12 दमकल गाड़ियों की मदद से कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
इस घटना का सबसे खतरनाक पहलू तब सामने आया जब मार्केट में लगी आग की चिंगारियां पास स्थित एक हाईराइज रिहायशी सोसाइटी तक पहुंच गईं। अजनारा सोसायटी के एक फ्लैट में भी आग लग गई। जानकारी के मुताबिक, यह आग 12वीं से लेकर 22वीं मंजिल तक असर डालती हुई दिखाई दी।
दमकलकर्मियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लिफ्ट का इस्तेमाल न करते हुए सीढ़ियों के जरिए ऊपरी मंजिलों तक पहुंचकर आग बुझाई। जिस फ्लैट में आग लगी थी, वहां रहने वाले अरुणोदय वर्मा के घर का अधिकांश सामान जलकर नष्ट हो गया। हालांकि समय रहते पूरे फ्लोर को खाली करा लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि सोसाइटी में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि संबंधित बिल्डर के खिलाफ पहले से ही विभाग द्वारा कोर्ट में मामला दायर किया गया है।
घटना स्थल के आसपास की स्थिति और भी चिंताजनक थी, क्योंकि जिस जगह आग लगी थी, उसके बिल्कुल पास एक शराब की दुकान और सीएनजी पंप भी मौजूद थे। यदि आग वहां तक पहुंच जाती, तो यह हादसा और भी बड़ा रूप ले सकता था। इस खतरे को देखते हुए अतिरिक्त दमकल गाड़ियों को बुलाया गया और समय रहते आग को फैलने से रोक लिया गया।
गनीमत यह रही कि इस पूरी घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि दुकानों और फ्लैट में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया है।
इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिल्डर द्वारा उनसे मोटी रकम वसूली जाती है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर कोई ठोस इंतजाम नहीं किए जाते। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन होते, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही कनावनी इलाके में भीषण आग लगी थी, जिसमें करीब 125 झुग्गियां जलकर राख हो गई थीं। उस दौरान भी कई सिलेंडर फटने की घटनाएं सामने आई थीं।
लगातार हो रही आग की घटनाओं ने प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे इस तरह की घटनाओं में भी इजाफा देखने को मिल रहा है।
फिलहाल दमकल विभाग और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आग लगने के सटीक कारणों की जांच की जा रही है। अब देखना होगा कि इस घटना के बाद सुरक्षा मानकों को लेकर क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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