जनगणना 2027 की तैयारियों के तहत कवि नगर जोन में सुपरवाइजर और प्रगणकों का प्रशिक्षण शुरू हुआ। अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
देश में आगामी जनगणना 2027 की तैयारियां अब तेज हो गई हैं और इसी क्रम में प्रशासन ने जमीनी स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों की शुरुआत कर दी है। इसी कड़ी में 19 अप्रैल से कवि नगर जोन में सुपरवाइजर और प्रगणकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम औपचारिक रूप से प्रारंभ कर दिया गया है। यह प्रशिक्षण आगामी तीन दिनों तक लगातार चलेगा, जिसमें जनगणना कार्य से जुड़े कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश और प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
प्रशासन की ओर से इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि जनगणना एक व्यापक और संवेदनशील प्रक्रिया होती है, जिसमें सटीक डेटा संग्रहण की जिम्मेदारी प्रगणकों और सुपरवाइजर्स पर ही होती है। ऐसे में इन कर्मचारियों का प्रशिक्षित और जागरूक होना बेहद जरूरी है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों को घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करने की प्रक्रिया, डिजिटल और मैन्युअल डेटा एंट्री, गोपनीयता के नियम, और नागरिकों से संवाद करने के तरीके जैसी महत्वपूर्ण बातों की जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा, जनगणना के दौरान आने वाली संभावित चुनौतियों और उनके समाधान पर भी विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
इस पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण अपर नगर आयुक्त द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, व्यवस्थाओं और कर्मचारियों की उपस्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कर्मचारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ करना होगा।
निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त ने प्रशिक्षण में मौजूद कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश की योजना निर्माण और विकास की नींव है। इसलिए इसमें जुटे हर कर्मचारी की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण को हल्के में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि यदि कोई कर्मचारी बिना उचित कारण के प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहता है, तो उसके वेतन को रोका जा सकता है। इसके साथ ही ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की भी संस्तुति की जाएगी।
यह सख्ती इसलिए भी जरूरी मानी जा रही है क्योंकि पिछले अनुभवों में देखा गया है कि प्रशिक्षण में लापरवाही के कारण जनगणना कार्य प्रभावित होता है। गलत या अधूरी जानकारी न केवल सरकारी आंकड़ों को प्रभावित करती है, बल्कि इससे नीतिगत निर्णयों पर भी असर पड़ता है।
प्रशासन ने सभी संबंधित कर्मचारियों से अपील की है कि वे समय पर प्रशिक्षण में उपस्थित होकर इसे सफल बनाएं। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रशिक्षण कर्मचारियों के लिए एक अवसर है, जिससे वे अपने कार्य को बेहतर ढंग से समझ सकें और उसे सही तरीके से लागू कर सकें।

जनगणना 2027 को लेकर सरकार और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इस बार तकनीक का भी अधिक उपयोग किया जाएगा, जिससे डेटा संग्रहण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सटीक बन सके। ऐसे में कर्मचारियों को तकनीकी रूप से भी सक्षम बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि जब जनगणना का कार्य शुरू हो, तब कोई भी कर्मचारी असमंजस की स्थिति में न हो और हर प्रक्रिया को पूरी दक्षता के साथ पूरा कर सके।
कुल मिलाकर, जनगणना 2027 की तैयारियों के तहत शुरू हुआ यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है। साथ ही, अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख यह संकेत देता है कि इस बार किसी भी तरह की ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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