दिल्ली स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन (DSC) ने अपने 32वें शैक्षणिक सत्र की शुरुआत नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह के साथ की। कार्यक्रम में ब्रिटिश काउंसिल की एशिया-प्रशांत क्षेत्र की हेड ऑफ कम्युनिकेशंस अनुष्का सेठ और इंडिया ग्लोबल फोरम के मार्केटिंग लीड शेषाद्रि मित्रा ने छात्रों को आधुनिक संचार, नेतृत्व और करियर निर्माण के गुर बताए। इस दौरान छात्रवृत्तियों, कॉरपोरेट अवॉर्ड्स और प्रमुख मीडिया एवं पीआर कंपनियों में इंटर्नशिप व प्लेसमेंट की भी घोषणा की गई।
बदलती तकनीक, डिजिटल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में संचार (Communication) का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। ऐसे समय में देश के प्रतिष्ठित संचार एवं मीडिया शिक्षण संस्थानों में शामिल दिल्ली स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन (DSC) ने अपने 32वें शैक्षणिक सत्र की शुरुआत करते हुए नई पीढ़ी के कम्युनिकेशन प्रोफेशनल्स का स्वागत किया। राजधानी दिल्ली के लोधी एस्टेट स्थित एलायंस फ़्रांसेज़ में आयोजित उद्घाटन समारोह में शिक्षा, मीडिया और कॉरपोरेट जगत की कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया।
वर्ष 1995 से इंटीग्रेटेड मार्केटिंग कम्युनिकेशन के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा दिल्ली स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन पिछले तीन दशकों से देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों के लिए प्रशिक्षित और कुशल संचार विशेषज्ञ तैयार कर रहा है। इस बार संस्थान के प्रमुख दो वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन कम्युनिकेशन (PGDPC) के बैच-32 का औपचारिक स्वागत किया गया।
संचार की सबसे बड़ी ताकत है भरोसा : अनुष्का सेठ
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ब्रिटिश काउंसिल की एशिया-प्रशांत क्षेत्र की हेड ऑफ कम्युनिकेशंस अनुष्का सेठ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि संचार की दुनिया तेजी से बदल रही है, लेकिन एक चीज़ आज भी सबसे महत्वपूर्ण है—विश्वास।
उन्होंने कहा कि किसी भी सफल कम्युनिकेशन की नींव भरोसे पर टिकी होती है। प्रभावी संवाद केवल जानकारी साझा करने का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों, संस्थानों और समाज के बीच मजबूत रिश्ते बनाने का आधार भी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि तकनीकी दक्षता के साथ-साथ वे जिज्ञासा, ईमानदारी, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण को भी अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बनाएं, क्योंकि यही गुण भविष्य के सफल संचार विशेषज्ञों की पहचान होंगे।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि और संस्थान के पूर्व छात्र शेषाद्रि मित्रा, जो वर्तमान में इंडिया ग्लोबल फोरम में मार्केटिंग लीड हैं, ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि दिल्ली स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन में बिताया गया समय केवल अकादमिक शिक्षा तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह आत्म-खोज, नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास की यात्रा भी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपने विचारों को खुलकर व्यक्त करें, टीम के साथ काम करना सीखें और हर अवसर से कुछ नया सीखने की आदत विकसित करें। उन्होंने कहा कि कॉलेज के दौरान मिलने वाले अनुभव भविष्य के करियर की मजबूत नींव तैयार करते हैं।
डिग्री नहीं, सीखने की निरंतर इच्छा बनाती है सफल करियर
संस्थान की डीन प्रो. रमोला कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि बदलती दुनिया में केवल डिग्री हासिल कर लेना पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति जीवनभर सीखने की इच्छा रखता है, नई परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को बदलने के लिए तैयार रहता है और लगातार अपने ज्ञान को अपडेट करता है, वही लंबे समय तक सफल रह सकता है।

उन्होंने नए छात्रों का स्वागत करते हुए कहा कि आज का युवा ही नए भारत की सबसे बड़ी शक्ति है और भविष्य का संचार तंत्र इन्हीं युवाओं के हाथों में होगा।
देश की बड़ी कंपनियों में मिलेगा करियर का अवसर
दिल्ली स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन ने इस अवसर पर यह भी घोषणा की कि विद्यार्थियों को देश और दुनिया की कई प्रतिष्ठित मीडिया, विज्ञापन, ब्रांडिंग और पब्लिक रिलेशन कंपनियों में इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
इन कंपनियों में Edelman, Adfactors PR, VML, The Mavericks, FCB, First Partners, Media Mantra, Ogilvy, McCann, Landor, Consocia Advisory, MSL, Rediffusion, Omnicom और Havas Media जैसी अग्रणी संस्थाएं शामिल हैं।
संस्थान का कहना है कि उद्योग जगत के साथ मजबूत साझेदारी छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती है, जिससे उन्हें करियर की बेहतर शुरुआत मिलती है।
छात्रवृत्तियों और कॉरपोरेट अवॉर्ड्स की घोषणा
उद्घाटन समारोह में विद्यार्थियों के लिए कई छात्रवृत्तियों और विशेष कॉरपोरेट पुरस्कारों की भी घोषणा की गई।
संस्थान ने बताया कि 'मैवरिक ऑफ द ईयर' पुरस्कार के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र को 75 हजार रुपये, प्रशस्ति पत्र तथा संबंधित कंपनी में सीधी नियुक्ति (Direct Placement) का अवसर दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त Consocia Advisory और Media Mantra की ओर से भी विशेष कॉरपोरेट एक्सीलेंस अवॉर्ड्स प्रदान किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना है।
मेधावी छात्रों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान प्रवेश प्रक्रिया में आयोजित निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं की भी घोषणा की गई।
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आदित्य लाली ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
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श्रेया रॉय चौधरी द्वितीय स्थान पर रहीं।
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कृति सिंह ने तृतीय स्थान हासिल किया।
इसके अलावा द्वितीय सेमेस्टर की टॉपर पिहू महापात्रा को उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए 20 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई।
इंटर्नशिप के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले कई विद्यार्थियों को भी विभिन्न कॉरपोरेट प्रतिनिधियों द्वारा सम्मानित किया गया।
नई पीढ़ी के कम्युनिकेशन लीडर्स तैयार करने की दिशा में एक और कदम
32वें शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ दिल्ली स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे पेशेवर तैयार करना है जो बदलती तकनीक, डिजिटल मीडिया और वैश्विक संचार की चुनौतियों के बीच भी नेतृत्व कर सकें।
कार्यक्रम का समापन नए छात्रों के स्वागत, भविष्य की शुभकामनाओं और उद्योग तथा शिक्षा के बीच मजबूत साझेदारी के संकल्प के साथ हुआ।
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