दिल्ली सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के लिए शुरू की गई 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' के तहत ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार का दावा है कि इस योजना से 17 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिलेगा। आवेदन केवल आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही किए जा सकेंगे।
दिल्ली की लाखों महिलाओं का लंबे समय से जिस योजना का इंतजार था, वह आखिरकार शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 1 अगस्त 2026 को 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' के लिए आधिकारिक पोर्टल लॉन्च कर दिया। इसके साथ ही आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार का दावा है कि इस योजना का लाभ लगभग 17 लाख महिलाओं तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए दिल्ली सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में 5110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना भी है।
क्या है दिल्ली लक्ष्मी योजना?
दिल्ली लक्ष्मी योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसके माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को नियमित वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने में अधिक सक्षम बन सकेंगी।
कब शुरू हुए आवेदन?
दिल्ली सरकार ने 1 अगस्त 2026 से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। आवेदन केवल दिल्ली सरकार के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पूर्वी दिल्ली के गीता कॉलोनी स्थित जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इस पोर्टल की शुरुआत की।
सरकार ने लाभार्थियों को दो अलग-अलग विकल्प उपलब्ध कराए हैं।
पहला विकल्प
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1500 रुपये आरडी या एफडी खाते में जमा किए जाएंगे।
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1000 रुपये सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) वॉलेट में भेजे जाएंगे।
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इस राशि का उपयोग केवल सरकार द्वारा निर्धारित आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए किया जा सकेगा।
दूसरा विकल्प
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पूरे 2500 रुपये सीधे आरडी या एफडी खाते में जमा किए जा सकेंगे।

दिल्ली लक्ष्मी योजना का लाभ उठाने के लिए महिलाओं को कुछ आवश्यक शर्तों को पूरा करना होगा।
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महिला की आयु 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
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परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
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महिला कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली की निवासी होनी चाहिए।
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एक परिवार से केवल एक महिला ही इस योजना का लाभ ले सकेगी।
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परिवार की सबसे बड़ी पात्र महिला को प्राथमिकता दी जाएगी।
किन महिलाओं को नहीं मिलेगा लाभ?
कुछ श्रेणियों की महिलाओं को इस योजना से बाहर रखा गया है।
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आयकर का भुगतान करने वाली महिलाएं।
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जीएसटी रिटर्न दाखिल करने वाली महिलाएं।
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सरकारी कर्मचारियों के परिवार।
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अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाली महिलाएं।
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चार पहिया वाहन रखने वाले परिवार।
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सालाना 2400 यूनिट से अधिक बिजली खर्च करने वाले परिवार।
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तीन से अधिक बच्चों वाली महिलाएं।
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आपराधिक मामलों में शामिल महिलाएं।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज आवश्यक होंगे।
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आधार कार्ड
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वोटर पहचान पत्र
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पासपोर्ट आकार का फोटो
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आय प्रमाण पत्र
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हस्ताक्षर
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विधायक या सांसद की अनुशंसा का पत्र
निवास प्रमाण पत्र
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राशन कार्ड
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बिजली का बिल
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ड्राइविंग लाइसेंस
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गैस कनेक्शन की रसीद
आयु प्रमाण पत्र
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जन्म प्रमाण पत्र
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दसवीं कक्षा की अंकतालिका
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पैन कार्ड
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आधार कार्ड
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वोटर पहचान पत्र

सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाकर पंजीकरण करना होगा।
इसके बाद मोबाइल नंबर और आधार कार्ड की सहायता से पहचान सत्यापित करनी होगी। फिर व्यक्तिगत जानकारी भरने के बाद आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
इसके बाद बैंक खाते से संबंधित जानकारी दर्ज करनी होगी और भुगतान का तरीका चुनना होगा।
अंत में आवेदन पत्र जमा करके उसकी रसीद डाउनलोड करनी होगी।
योजना से मिलने वाले अतिरिक्त लाभ
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगी।
इस योजना के माध्यम से महिलाओं को कई सामाजिक अभियानों से भी जोड़ा जाएगा।
इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित पहल शामिल हैं—
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बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना।
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बच्चों के एबीएचए और अपार कार्ड बनवाना।
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समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करना।
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पोषण अभियान को मजबूत करना।
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'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को बढ़ावा देना।
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स्वयं सहायता समूहों से महिलाओं को जोड़ना।
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कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराना।
राजनीतिक और सामाजिक महत्व
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह योजना दिल्ली की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय सहायता का एक बड़ा माध्यम बन सकती है।
हालांकि, इसके साथ ही पात्रता मानदंडों और दस्तावेजों को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं। विशेष रूप से सांसद या विधायक के सिफारिश पत्र की अनिवार्यता पर बहस शुरू हो गई है।
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